छपरा, 10 फरवरी। जिले में फार्मर रजिस्ट्री कार्य की धीमी प्रगति को लेकर जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने अंचलवार फार्मर रजिस्ट्री की स्थिति का गहन मूल्यांकन किया और अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर असंतोष व्यक्त किया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने एक-एक अंचल की प्रगति रिपोर्ट देखी और स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन भी कर्मियों का लॉगिन आईडी फार्मर रजिस्ट्री के लिए बनाया गया है, वे सभी फील्ड में सक्रिय रहते हुए शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के नाम से जमाबंदी कायम है, उनका फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से किया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी अंचलों में जमाबंदी की सूची उपलब्ध है। इस सूची को संबंधित कर्मियों को उपलब्ध कराकर रैयत किसानों से एक-एक कर संपर्क किया जाए और फार्मर रजिस्ट्री पूरी कराई जाए। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को फील्ड में उतरकर इस कार्य का सतत अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। कृषि विभाग की भूमिका को रेखांकित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि विभाग के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी लगातार फील्ड में रहकर फार्मर रजिस्ट्री की गहन मॉनिटरिंग करें। इसके साथ ही कृषि विभाग और जीविका के माध्यम से किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयासों में भी तेजी लाने को कहा गया। उन्होंने सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों में फार्मर रजिस्ट्री कार्य की प्रगति की नियमित अंतराल पर समीक्षा और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं जिला कृषि पदाधिकारी को प्रत्येक दो घंटे पर कार्य प्रगति की रिपोर्ट जिला प्रशासन को साझा करने को कहा गया। बैठक में अपर समाहर्त्ता, सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक उद्यान, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी उपस्थित थे। जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी भी बैठक से जुड़े। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिससे किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। ऐसे में इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।