Highlights

राउज एवेन्यू कोर्ट से केजरीवाल और सिसोदिया बरी, अन्ना हजारे बोले – “न्यायपालिका ही देश की असली ताकत”

नई दिल्ली। आबकारी नीति मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal और उनके पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia को आरोपों से मुक्त कर दिया है। अदालत के इस निर्णय के बाद देश की सियासत में नई बहस शुरू हो गई है। फैसले के बाद सामाजिक कार्यकर्ता Anna Hazare ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधता भरे देश में न्यायिक व्यवस्था ही स्थिरता की आधारशिला है। उन्होंने कहा, “हमारा देश न्यायिक और सुरक्षा तंत्र की मजबूती पर चलता है। इतनी बड़ी आबादी, अलग-अलग दल, जातियां, धर्म और समुदाय होने के बावजूद देश सुचारु रूप से कार्य करता है, तो इसका श्रेय न्यायपालिका को जाता है। यदि न्यायपालिका न हो, तो देश में अराजकता और अशांति फैल सकती है। अब जब अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि अरविंद केजरीवाल दोषी नहीं हैं, तो इस फैसले को स्वीकार किया जाना चाहिए।” क्या है मामला आबकारी नीति को लेकर जांच एजेंसियों द्वारा दिल्ली सरकार के कुछ निर्णयों पर सवाल उठाए गए थे। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व उपमुख्यमंत्री से पूछताछ के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई थी। हालांकि, अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर दोनों नेताओं को राहत देते हुए उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज अदालत के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने इसे “सत्य की जीत” बताया, जबकि विपक्षी दलों ने मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस निर्णय का आगामी राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है। न्यायपालिका पर फिर दिखा भरोसा विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि देश में कानून और न्यायिक प्रक्रिया सर्वोपरि है। अदालत के निर्णय को लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, इस फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में नई हलचल है और आगे की रणनीति को लेकर सभी दल सक्रिय हो गए हैं।