आरजेडी में नेतृत्व का नया अध्याय: तेजस्वी यादव बने कार्यकारी अध्यक्ष

पटना बैठक में सर्वसम्मति से फैसला, लालू यादव बने रहेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को आरजेडी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह निर्णय रविवार को पटना के प्रतिष्ठित होटल मौर्या में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता स्वयं आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने की। बैठक से पहले ही राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे थे कि तेजस्वी यादव को पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, और अंततः वही हुआ जिसकी अटकलें लगाई जा रही थीं। लालू यादव का अनुभव, तेजस्वी की कमान बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि लालू प्रसाद यादव अपने कार्यकाल की समाप्ति तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे, जबकि तेजस्वी यादव को संगठन की रोज़मर्रा की गतिविधियों और राजनीतिक रणनीति की अहम जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस फैसले को आरजेडी में पीढ़ीगत नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। तेजस्वी यादव के कंधों पर बढ़ी जिम्मेदारी कार्यकारी अध्यक्ष बनने के साथ ही तेजस्वी यादव के सामने पार्टी को नए सिरे से संगठित करने, ज़मीनी स्तर पर मजबूती लाने और आगामी चुनावों के लिए स्पष्ट राजनीतिक दिशा तय करने की चुनौती होगी। विधानसभा चुनाव में विपक्ष के नेता के रूप में उनकी सक्रिय भूमिका पहले ही उन्हें पार्टी का सबसे प्रमुख चेहरा बना चुकी है। पार्टी में उत्साह, समर्थकों में भरोसा आरजेडी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव युवा नेतृत्व का प्रतीक हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी नए सिरे से जनाधार को मजबूत करेगी। बैठक में मौजूद नेताओं ने भरोसा जताया कि लालू यादव के अनुभव और तेजस्वी यादव की ऊर्जा का मेल आरजेडी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला न सिर्फ पार्टी के अंदरूनी ढांचे को मज़बूत करेगा, बल्कि बिहार की राजनीति में आरजेडी की भविष्य की रणनीति का भी संकेत देता है।