कुआलालंपुर | विशेष रिपोर्ट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मलेशिया पहुंचे, जहां उन्होंने भारत–मलेशिया संबंधों को नई डिजिटल ऊंचाइयों पर ले जाने का बड़ा संकेत दिया। कुआलालंपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने ऐलान किया कि भारत का विश्वप्रसिद्ध डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जल्द ही मलेशिया में भी शुरू किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा। उन्होंने इसे “डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि” करार दिया। डिजिटल सहयोग को मिलेगा नया आयाम पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि भारत और मलेशिया के बीच डिजिटल साझेदारी तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “मलेशिया–भारत डिजिटल काउंसिल हमारे डिजिटल सहयोग के लिए नए मार्ग खोल रही है। मुझे यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत की यूपीआई जल्द ही मलेशिया में भी आ जाएगी।” UPI के मलेशिया पहुंचने से वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी तेज, सुरक्षित और आसान डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलेगी। इससे व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा के लेनदेन में उल्लेखनीय तेजी आने की उम्मीद है। भारतीय आईटी कंपनियों की मजबूत मौजूदगी प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया में भारतीय आईटी कंपनियों की अहम भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 100 से अधिक भारतीय आईटी कंपनियां मलेशिया में सक्रिय हैं, जिनके जरिए हजारों लोगों को रोजगार मिला है। यह भारत की तकनीकी क्षमता और वैश्विक विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां न केवल तकनीक ला रही हैं, बल्कि कौशल विकास, नवाचार और रोजगार सृजन में भी अहम योगदान दे रही हैं। भारतीय समुदाय को बताया ‘सेतु’ अपने संबोधन में पीएम मोदी ने मलेशिया में बसे भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए उन्हें भारत और मलेशिया के बीच “सांस्कृतिक और आर्थिक सेतु” बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने मलेशिया की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और भारत को उन पर गर्व है। भविष्य की ओर मजबूत कदम विशेषज्ञों के अनुसार, UPI का मलेशिया में विस्तार भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की वैश्विक स्वीकार्यता को और मजबूत करेगा। यह कदम भारत को डिजिटल नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और निर्णायक पहल माना जा रहा है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देगी, बल्कि डिजिटल युग में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका को भी रेखांकित करेगी।