पटना। राजधानी में जलजमाव की पुरानी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में राज्य सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज आशियाना-दीघा रोड स्थित राजीव नगर के पास निर्माणाधीन कुर्जी नाला (राजीव नगर नाला) निर्माण योजना तथा आनंदपुरी नाला का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि दोनों परियोजनाओं को उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ निर्धारित समय सीमा में हर हाल में पूरा किया जाए। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति, तकनीकी मानकों, जल निकासी क्षमता और सुरक्षा उपायों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राजधानी पटना में हर वर्ष बरसात के दौरान जलजमाव से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नाला निर्माण की ये योजनाएं शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और इनकी गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। जलजमाव से राहत की बड़ी उम्मीद कुर्जी नाला और आनंदपुरी नाला परियोजनाएं शहर के उन इलाकों को सीधे राहत देंगी, जहां मानसून के समय पानी भर जाने से यातायात और जनजीवन प्रभावित होता है। अधिकारियों के अनुसार, नालों की चौड़ाई और गहराई को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि तेज बारिश की स्थिति में भी जल निकासी सुचारु रूप से हो सके। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि परियोजना पूर्ण होने के बाद न केवल जलजमाव की समस्या से निजात मिलेगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य की स्थिति में भी सुधार आएगा। जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ होने से सड़कों की क्षति भी कम होगी और रखरखाव का खर्च घटेगा। इस परियोजना की एक खास विशेषता यह है कि नाले के ऊपर टू-लेन सड़क का निर्माण भी किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को वैकल्पिक और सुगम यातायात मार्ग उपलब्ध होगा। आशियाना-दीघा रोड और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक दबाव को कम करने में यह सड़क महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के विकास कार्यों में समन्वय और दीर्घकालिक सोच जरूरी है। नाला और सड़क—दोनों को एकीकृत योजना के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पटना को साफ-सुथरा, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। नाला निर्माण, सड़क विस्तार और जल निकासी व्यवस्था में सुधार जैसे कदम उसी दिशा में प्रयास हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए और स्थानीय नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। साथ ही, निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को भी कहा गया। राजधानी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही इन परियोजनाओं से आने वाले समय में जलजमाव की समस्या में कमी आने की उम्मीद है। यदि योजनाएं तय समय पर पूर्ण होती हैं, तो यह पटना के शहरी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।