पटना:बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar ने आधिकारिक तौर पर Janata Dal (United) (जेडीयू) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। पार्टी में शामिल होने के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया और अपने पिता के राज्यसभा जाने के फैसले का स्वागत किया। पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत कुमार ने कहा कि वे सक्रिय सदस्य के रूप में पार्टी को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने पिछले 20 वर्षों में बिहार के विकास के लिए जो काम किया है, उसे वे जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे। निशांत कुमार ने कहा, “पिताजी ने बिहार के लिए जो काम किया है, उस पर मुझे गर्व है। मैं उनके राज्यसभा जाने के फैसले का सम्मान करता हूं और पार्टी को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाऊंगा।” उन्होंने जेडीयू कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर विश्वास बनाए रखें और पार्टी के प्रति अपना मनोबल मजबूत रखें। उनके इस बयान के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखने को मिला। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा जाने का फैसला किया है और इसके लिए उन्होंने नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया है। माना जा रहा है कि वे अप्रैल तक मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उनके इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। नीतीश कुमार के इस निर्णय के बाद जेडीयू कार्यकर्ताओं के बीच लंबे समय से निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की मांग उठ रही थी। ऐसे में अब उनकी औपचारिक राजनीतिक शुरुआत कराई गई है। पार्टी में सदस्यता ग्रहण करने के मौके पर जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निशांत कुमार की एंट्री से बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में उन्हें पार्टी के भीतर कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी या बड़ा पद सौंपा जा सकता है। इससे जेडीयू की रणनीति और संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।