NCP में बड़ा फेरबदल: सुनेत्रा पवार बनीं राष्ट्रीय अध्यक्ष, विलय पर फैसला टला

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों धड़ों—शरद पवार गुट और अजित पवार गुट—के संभावित विलय को लेकर चल रही अटकलों के बीच पार्टी की अहम बैठक में विलय पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। हालांकि बैठक में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए सुनेत्रा पवार को पार्टी की कमान सौंपने का रास्ता साफ कर दिया गया। बैठक महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में हुई, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने भाग लिया। सूत्रों के अनुसार, बैठक में विलय के मुद्दे पर चर्चा तक नहीं हुई, बल्कि पूरा फोकस संगठन को मजबूत करने और नेतृत्व के पुनर्गठन पर रहा। अजित पवार के निधन के बाद बड़ा निर्णय बारामती विमान हादसे में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद से पार्टी में नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। इसी पृष्ठभूमि में सुनेत्रा पवार को पहले महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब उन्हें पार्टी का सर्वोच्च पद देने का निर्णय लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा। बैठक में मौजूद सभी विधायकों ने हाथ उठाकर उनके नाम का समर्थन किया। इसे पार्टी में सर्वसम्मति का संकेत माना जा रहा है। 26 फरवरी को लगेगी आधिकारिक मुहर विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, 26 फरवरी को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सुनेत्रा पवार के नाम पर औपचारिक मुहर लगा दी जाएगी। इसके बाद वे आधिकारिक रूप से पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगी। विलय पर चुप्पी, नेताओं को निर्देश पार्टी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल शरद पवार गुट के साथ विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। विधायकों और पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे मीडिया के सामने विलय को लेकर कोई बयान न दें। इससे साफ है कि पार्टी फिलहाल संगठनात्मक स्थिरता और नेतृत्व को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सुनेत्रा पवार के सामने अब सरकार और संगठन—दोनों को संतुलित तरीके से संभालने की चुनौती होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला पार्टी को एकजुट रखने और नेतृत्व में स्पष्टता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।