हिंद महासागर में बड़ा सैन्य हादसा: श्रीलंका तट के पास ईरानी युद्धपोत डूबा, 80 की मौत, अमेरिका ने हमले की ली जिम्मेदारी

नई दिल्ली/कोलंबो। श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास बुधवार को हिंद महासागर में बड़ा सैन्य हादसा सामने आया, जब ईरान की नौसेना का युद्धपोत IRIS Dena पनडुब्बी हमले के बाद डूब गया। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इस घटना में कम से कम 80 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई नाविक अब भी लापता हैं। घायलों में 32 की हालत गंभीर बताई जा रही है। 180 लोग थे सवार, युद्धाभ्यास से लौट रहा था जहाज श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर कुल 180 लोग सवार थे। संकट का संदेश मिलते ही श्रीलंकाई नौसेना ने अपने युद्धपोत और वायुसेना के विमान तत्काल बचाव अभियान के लिए रवाना किए। समुद्र में राहत और खोज अभियान अभी भी जारी है। बताया जा रहा है कि IRIS Dena विशाखापत्तनम में आयोजित बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास MILAN 2026 में भाग लेकर ईरान लौट रहा था। इसी दौरान उस पर हमला हुआ। श्रीलंका ने की मौतों की पुष्टि श्रीलंकाई नौसेना के प्रवक्ता बुद्धिका संपथ ने कोलंबो में पत्रकारों से कहा कि डूबने वाले क्षेत्र से कुछ ईरानी नाविकों के शव बरामद किए गए हैं। उन्होंने 80 मौतों की पुष्टि करते हुए कहा कि बाकी लापता लोगों की तलाश जारी है। श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. अनिल जयसिंघे के अनुसार, 79 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक की हालत बेहद गंभीर है, जबकि सात को आपात उपचार दिया जा रहा है। अन्य को मामूली चोटें आई हैं। अमेरिका ने स्वीकारा हमला घटना के बाद बड़ा खुलासा तब हुआ जब अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने बयान जारी कर कहा कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में मौजूद ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाया। उन्होंने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुश्मन नौसैनिक जहाज पर इस तरह की पहली बड़ी कार्रवाई बताया। इससे पहले श्रीलंकाई नौसेना ने हिंद महासागर में जहाज के डूबने की पुष्टि की थी, लेकिन हमले की जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। पश्चिम एशिया का संघर्ष हुआ और व्यापक यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष तेजी से फैल रहा है। United States और Israel ने हाल के दिनों में तेहरान सहित कई ईरानी शहरों पर हवाई हमले किए हैं। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस युद्ध में ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत के बाद हालात और बिगड़ गए। क्षेत्रीय तनाव अब हिंद महासागर तक पहुंच गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र और कई देशों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। समुद्री कानून और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सैन्य कार्रवाई को लेकर नए सिरे से बहस शुरू हो सकती है। फिलहाल श्रीलंका के तट पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है और लापता नाविकों की तलाश के लिए समुद्र और हवाई निगरानी तेज कर दी गई है।