इमरान खान की सेहत पर वैश्विक चिंता: 14 पूर्व कप्तानों ने पीएम शहबाज शरीफ को लिखा पत्र, पाक सरकार पर लीपापोती के आरोप

इस्लामाबाद/लंदन। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और विश्व कप विजेता कप्तान Imran Khan की सेहत को लेकर उठ रही चिंताओं ने अब अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले लिया है। भारत के दिग्गज क्रिकेटरों Kapil Dev और Sunil Gavaskar द्वारा इमरान खान की आंखों और स्वास्थ्य को लेकर दिए गए बयानों के बाद पाकिस्तान सरकार की ओर से फिर सफाई सामने आई है। पाकिस्तान के गृह मंत्री ने हालिया बयान में कहा कि इमरान खान की सेहत को लेकर “चिंता की कोई गंभीर बात नहीं है।” हालांकि विपक्ष और क्रिकेट जगत इसे सरकार की “लीपापोती” करार दे रहा है। इससे पहले भी जब पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज Wasim Akram और Waqar Younis ने इमरान खान की तबीयत पर चिंता जताई थी, तब पाकिस्तान के कानून मंत्री ने भी इसी तरह का बयान दिया था। बेटों ने जताई नाराजगी इमरान खान के बेटे कासिम और सुलेमान ने लंदन में अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी से बातचीत में खुलासा किया कि वे पिछले एक वर्ष से पाकिस्तान जाने के लिए वीजा मांग रहे हैं, लेकिन अब तक अनुमति नहीं मिली। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई बातचीत में इमरान खान अपनी सेहत को लेकर चिंतित नजर आए, जबकि वे आमतौर पर अपने स्वास्थ्य की परवाह नहीं करते थे। यह बयान ऐसे समय आया है जब इमरान खान की सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं और पाकिस्तान सरकार की किरकिरी हो रही है। क्रिकेट जगत का बड़ा हस्तक्षेप इमरान खान के समर्थन में क्रिकेट जगत के 14 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif को पत्र लिखकर उनकी सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। पत्र लिखने वालों में इंग्लैंड के Michael Atherton, ऑस्ट्रेलिया के Allan Border, Michael Brearley, Greg Chappell, Ian Chappell, Belinda Clark, David Gower, Kim Hughes, Nasser Hussain, वेस्टइंडीज के Clive Lloyd, भारत के Kapil Dev और Sunil Gavaskar, ऑस्ट्रेलिया के Steve Waugh तथा न्यूजीलैंड के John Wright शामिल हैं। इन दिग्गजों ने अपने पत्र में इमरान खान को क्रिकेट जगत की अमूल्य विरासत बताते हुए उनकी सेहत और मानवाधिकारों की रक्षा की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इमरान खान की सेहत का मुद्दा अब केवल पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय छवि से भी जुड़ गया है। क्रिकेट जगत की एकजुटता ने पाकिस्तान सरकार पर नैतिक दबाव बढ़ा दिया है। जहां एक ओर सरकार बार-बार स्थिति सामान्य बताने की कोशिश कर रही है, वहीं विपक्ष और समर्थक इसे “सच्चाई छिपाने का प्रयास” बता रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा पाकिस्तान की राजनीति और कूटनीति दोनों पर असर डाल सकता है।