नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो के फेज-4 और फेज-5 (ए) के तहत राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर को अब ग्रीन लाइन के बजाय मजेंटा लाइन में शामिल कर दिया गया है। इस बदलाव के साथ ही मजेंटा लाइन बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) से इंद्रलोक तक विस्तारित होगी और इसकी कुल लंबाई 39.271 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 89 किलोमीटर हो जाएगी। इसके साथ ही यह दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा कॉरिडोर बन जाएगा। पिंक लाइन का रिकॉर्ड टूटेगा वर्तमान में दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी लाइन पिंक लाइन है, जिसकी लंबाई 59.242 किलोमीटर है और विस्तार के बाद यह लगभग 71.5 किलोमीटर हो जाएगी। हालांकि, मजेंटा लाइन के विस्तार के बाद यह रिकॉर्ड टूट जाएगा और राजधानी को एक नया, तकनीकी रूप से अत्याधुनिक और व्यापक नेटवर्क मिलेगा। ग्रीन लाइन से हटकर मजेंटा में शामिल करीब 11.9 किलोमीटर लंबा इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर पहले ग्रीन लाइन (कीर्ति नगर/इंद्रलोक से ब्रिगेडियर होशियार सिंह) के विस्तार के रूप में प्रस्तावित था। लेकिन दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने इसे अब मजेंटा लाइन (बॉटनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम) के विस्तार में शामिल कर लिया है। पहले मजेंटा लाइन को जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम तक बढ़ाने की योजना थी। हाल ही में केंद्र सरकार ने फेज-5 (ए) के तहत आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ तक कॉरिडोर को मंजूरी दी है, ताकि सेंट्रल विस्टा क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। इसी क्रम में इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक खंड को भी मजेंटा लाइन का हिस्सा बना दिया गया है। इंद्रलोक अब इस विस्तारित लाइन का टर्मिनल स्टेशन होगा। 65 स्टेशन, 40 भूमिगत परियोजना पूरी होने के बाद बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक मजेंटा लाइन पर कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें से 40 स्टेशन भूमिगत होंगे। यह दिल्ली मेट्रो का सबसे अधिक भूमिगत स्टेशनों वाला कॉरिडोर होगा। साथ ही, इस लाइन पर कुल 21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे — जो इसे नेटवर्क का सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त कॉरिडोर बनाएंगे। इंटरचेंज का मजबूत नेटवर्क वर्तमान में मजेंटा लाइन पर कालकाजी मंदिर, बॉटनिकल गार्डन, जनकपुरी पश्चिम और हौज खास चार प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन हैं। फेज-4 और फेज-5 (ए) के कार्य पूर्ण होने के बाद 17 नए इंटरचेंज स्टेशन जुड़ेंगे। नए इंटरचेंज स्टेशनों में शामिल हैं: कालिंदी कुंज, चिराग दिल्ली, टर्मिनल-1 आईजीआई एयरपोर्ट, पीरागढ़ी, पीतमपुरा (मधुबन चौक), हैदरपुर बादली मोड़, मजलिस पार्क, आजादपुर, पुलबंगश, नबी करीम, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, केंद्रीय सचिवालय, इंद्रप्रस्थ, दिल्ली गेट, नई दिल्ली और इंद्रलोक। इनमें केंद्रीय सचिवालय, आजादपुर, नई दिल्ली और इंद्रलोक ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जहां तीन-तीन लाइनों का संपर्क मिलेगा। यात्रा होगी आसान और तेज डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट संचार) अनुज दयाल के अनुसार, मजेंटा लाइन के व्यापक इंटरचेंज नेटवर्क से यात्रियों की यात्रा दूरी और समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे प्रमुख कॉरिडोरों पर यातायात दबाव घटेगा और एनसीआर क्षेत्र में सुरक्षित, निर्बाध एवं कुशल सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलेगी। पूरी तरह स्वचालित कॉरिडोर बॉटनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम तक मजेंटा लाइन पहले से ही ड्राइवरलेस (स्वचालित) है। फेज-4 और फेज-5 (ए) के विस्तार के बाद बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक पूरा 89 किलोमीटर का कॉरिडोर स्वचालित हो जाएगा। यह तकनीकी दृष्टि से भी एक बड़ी उपलब्धि होगी। इंजीनियरिंग की मिसाल मजेंटा लाइन पहले से ही दो महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धियों के लिए जानी जाती है। हैदरपुर बादली मोड़ स्टेशन — लगभग 28.362 मीटर ऊंचाई के साथ यह दिल्ली मेट्रो का सबसे ऊंचा एलिवेटेड स्टेशन है। हौज खास स्टेशन — लगभग 29 मीटर गहराई के साथ यह सबसे गहरा भूमिगत स्टेशन है। राजधानी को मिलेगा नया ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर मजेंटा लाइन का यह विस्तार न केवल दिल्ली बल्कि पूरे एनसीआर के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। सेंट्रल विस्टा से लेकर पश्चिमी और उत्तरी दिल्ली तथा नोएडा तक निर्बाध कनेक्टिविटी मिलने से रोजाना लाखों यात्रियों को सीधा लाभ होगा। दिल्ली मेट्रो का यह नया अध्याय राजधानी की रफ्तार को और तेज करने वाला है — जहां दूरी घटेगी, समय बचेगा और सफर होगा अधिक सुगम।