आयतुल्ला अली खामेनेई की ‘शहादत’ पर भारत स्थित ईरानी दूतावास का शोक संदेश, अमेरिका और इज़राइल पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली। भारत में स्थित Embassy of the Islamic Republic of Iran in the Republic of India ने ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Seyyed Ali Khamenei की कथित ‘शहादत’ पर गहरा शोक और दुख व्यक्त किया है। दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जारी अपने आधिकारिक बयान में इस घटना को अमेरिका और इज़राइल द्वारा किया गया “क्रूर और आपराधिक हमला” बताया है। दूतावास के बयान के अनुसार, आयतुल्ला खामेनेई की मृत्यु अमेरिका और इज़राइल के हमलों के परिणामस्वरूप हुई। बयान में अमेरिका को “अपराधी शासन” और इज़राइल को “ज़ायोनी कब्ज़ाधारी शासन” करार देते हुए कहा गया कि इस “अक्षम्य अपराध” के गंभीर परिणाम सीधे तौर पर इन दोनों देशों पर ही आएंगे और वे इसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे।  शोक संवेदनाएं और धार्मिक संदर्भ दूतावास ने अपने संदेश में हज़रत Imam Mahdi (अल्लाह उनकी पुनः उपस्थिति शीघ्र करे), समूचे मुस्लिम उम्मा, ईरान की महान जनता और विश्व के स्वतंत्रता-प्रेमी देशों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं। बयान में कहा गया कि यह क्षति न केवल ईरान बल्कि पूरी इस्लामी दुनिया और स्वतंत्र राष्ट्रों के लिए गहरा आघात है। ‘ईरान का संकल्प अडिग रहेगा’ दूतावास ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि ईरान की जनता पहले की तरह मजबूती, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ अपने “महान मार्ग” पर आगे बढ़ती रहेगी। बयान में कहा गया कि देश के कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा और शहीदों का “पवित्र रक्त” ईरानी जनता के स्वतंत्रता, गरिमा और उच्च आदर्शों की रक्षा के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील भारत स्थित ईरानी दूतावास ने विश्व के स्वतंत्र और न्यायप्रिय देशों से इस घटना की कड़ी निंदा करने और “अवैधता एवं आक्रामकता” के खिलाफ चुप्पी न साधने की अपील की है। बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस “स्पष्ट अपराध” के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठानी चाहिए। इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और कूटनीतिक प्रतिक्रियाओं पर भी अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं।