छपरा, 21 फरवरी। बाजार समिति छपरा स्थित कृषि भवन इन दिनों खुशबूदार फूलों, रंग-बिरंगे फलों और पौष्टिक कृषि उत्पादों से महक रहा है। कृषि विभाग एवं उद्यान निदेशालय के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय प्रमंडल स्तरीय उद्यान प्रदर्शनी सह प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ 20 फरवरी से हो चुका है, जो 22 फरवरी तक चलेगा। प्रदर्शनी में छपरा, सीवान और गोपालगंज जिलों से लाए गए लगभग 1100 प्रदर्श आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन उपविकास आयुक्त श्री लक्ष्मण तिवारी ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ यदि किसान नवाचार और उन्नत तकनीक को अपनाएं, तो वे अपनी आय में गुणात्मक वृद्धि ला सकते हैं। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि पद्धतियों और वैज्ञानिक सलाह को अपनाने की अपील की। प्रदर्शनी को 48 विभिन्न वर्गों में विभाजित किया गया है। हर वर्ग में उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है। यहां सब्जियों की अनेक किस्में, उनसे बने खाद्य उत्पाद, मशरूम की विविध प्रजातियां, फलों और उनसे तैयार व्यंजन, पान के पत्ते, घर में तैयार खाद्य सामग्री, विभिन्न प्रकार के शहद, औषधीय एवं सुगंधित पौधे विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। जाड़े के मौसमी फूलों से सजे गमले, कटे हुए पुष्प, कलात्मक पुष्प सज्जा और सजावटी पौधों ने पूरे परिसर को रंगीन और मनमोहक बना दिया है। दूर से ही वातावरण में फूलों की सुगंध और ताजगी का एहसास होता है। यह प्रदर्शनी केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि किसानों और उद्यान प्रेमियों के लिए एक ज्ञानवर्धक मंच भी है। यहां पारंपरिक खेती और आधुनिक तकनीक का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनी इस बात का सजीव उदाहरण है कि मेहनत, नवाचार और वैज्ञानिक पद्धति से खेतों और घरों में रंगों और खुशहाली की बहार लाई जा सकती है। 20 फरवरी को पूसा कृषि केंद्र और मांझी कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने तीनों जिलों से आए प्रदर्शों का अवलोकन किया। प्रत्येक 48 वर्गों में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और विशिष्ट पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। आज से यह प्रदर्शनी आम जनता और किसानों के लिए खुल गई है, जहां वे न केवल विभिन्न उत्पादों को देख सकेंगे बल्कि नई तकनीकों और नवाचारों की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। इस अवसर पर कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक, सहायक निदेशक (उद्यान), जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। यह प्रदर्शनी क्षेत्रीय कृषि और बागवानी के विकास की बदलती तस्वीर को प्रस्तुत कर रही है, जो आने वाले समय में किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।