राजेंद्र कॉलेज, छपरा में पूर्ववर्ती छात्र समागम: स्वर्णिम स्मृतियों के संग विकास का संकल्प

छपरा, 26 फरवरी। लोकनायक जय प्रकाश नारायण के नाम पर स्थापित जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा की अभिभूत इकाई एवं देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर स्थापित राजेंद्र कॉलेज, छपरा में पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालय के स्वर्णिम अतीत की स्मृतियों को संजोना, पूर्व छात्रों के बीच आपसी संवाद को सशक्त बनाना तथा संस्थान के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। समारोह में विभिन्न दशकों के पूर्व छात्र एक मंच पर एकत्रित हुए। वर्षों बाद अपने शिक्षण संस्थान में लौटे पूर्व छात्र अपने छात्र जीवन की यादों को साझा करते हुए भावुक नजर आए। परिसर में आत्मीय मिलन, स्मृतियों का आदान-प्रदान और भविष्य के लिए ठोस संकल्प का वातावरण देखने को मिला। संस्थान की पहचान उसके पूर्व छात्रों से: प्राचार्य महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उदय शंकर पाण्डेय ने स्वागत भाषण में कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की वास्तविक पहचान उसके पूर्ववर्ती छात्रों से होती है। उन्होंने कहा कि राजेंद्र कॉलेज की गौरवशाली परंपरा और शैक्षणिक उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने में पूर्व छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों से महाविद्यालय के सर्वांगीण विकास में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। “राजेंद्र कॉलेज मेरी जीवन की आधारशिला”: डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह सवर्ण आयोग के अध्यक्ष डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह ने अपने भावनात्मक संबोधन में महाविद्यालय को अपनी “जीवन की आधारशिला” बताया। उन्होंने कहा, “राजेंद्र कॉलेज मेरी स्मृतियों, मेरे संस्कारों और मेरे व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र रहा है। मैं इसे मंदिर मानता हूँ।” उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने से पूर्व उन्होंने पूरे परिसर की परिक्रमा की, क्योंकि यह उनके लिए आस्था और प्रेरणा का पवित्र स्थल है। अपने छात्र जीवन को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि इसी परिसर में उनके सपनों ने आकार लिया और जनसेवा की प्रेरणा मिली। महाविद्यालय भवन की जर्जर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने पटना उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद 83 करोड़ रुपये की स्वीकृति सुनिश्चित हुई तथा बिहार सरकार की कैबिनेट से 63 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ, जिससे नए भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। इसे उन्होंने अपनी मातृसंस्था के प्रति कर्तव्य निर्वहन बताया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनके प्रयासों से जय प्रकाश विश्वविद्यालय को 267 एकड़ भूमि प्राप्त हुई, जहां वर्तमान में व्यापक विस्तार कार्य चल रहा है और यह क्षेत्र एक बड़े शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। शिक्षा में गुणवत्ता और नैतिक मूल्यों पर बल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा कि राजेंद्र कॉलेज ने समाज को अनेक प्रतिभाएं दी हैं, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने शिक्षा में गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों और युवा सशक्तिकरण पर बल देते हुए महाविद्यालय के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी और छात्र इस महाविद्यालय की आत्मा हैं और उनके साथ उनका संबंध परिवार जैसा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि महाविद्यालय परिवार की समस्याओं के समाधान और सतत विकास के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे। पुस्तकों और पत्रिका का विमोचन कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की पत्रिका ‘राका’, डॉ. संजय कुमार की पुस्तक तथा डॉ. नीलांबरी गुप्ता लिखित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। मंच संचालन डॉ. ऋचा मिश्रा ने किया, जबकि मंच व्यवस्था डॉ. ज्योति कुमारी और डॉ. बी. एस. साहू द्वारा संभाली गई। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील प्रसाद ने प्रस्तुत किया। समारोह को अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी संबोधित किया। पूर्व छात्रों के इस ऐतिहासिक समागम ने न केवल अतीत की स्मृतियों को जीवंत किया, बल्कि महाविद्यालय के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प भी व्यक्त किया।