नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए बजट सत्र 2026 का औपचारिक बिगुल फूंक दिया। अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने सरकार की उपलब्धियों, भविष्य की प्राथमिकताओं और विकास के रोडमैप को रेखांकित किया। इसके साथ ही संसद का वह सत्र शुरू हो गया है, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी रहती हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद अब सबकी नजरें 1 फरवरी की सुबह 11 बजे पर टिकी हैं, जब वित्त मंत्री देश का आम बजट 2026 लोकसभा में पेश करेंगी। माना जा रहा है कि यह बजट आम आदमी, मध्यम वर्ग, किसानों और युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान लेकर आ सकता है। राष्ट्रपति का अभिभाषण: विकास और समावेशन पर जोर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का फोकस समावेशी विकास, आत्मनिर्भर भारत, रोजगार सृजन और सामाजिक न्याय पर है। उन्होंने बुनियादी ढांचे के विस्तार, डिजिटल इंडिया, महिला सशक्तिकरण और गरीब कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते वर्षों में देश ने कई अहम क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिए कि आने वाला बजट भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला हो सकता है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक आर्थिक चुनौतियां बनी हुई हैं। 1 फरवरी को पेश होगा बजट, कई बड़े ऐलानों की उम्मीद वित्त मंत्री द्वारा पेश किए जाने वाले आम बजट 2026 से लोगों को कई उम्मीदें हैं। आयकर में राहत: मध्यम वर्ग को टैक्स स्लैब में बदलाव या छूट की उम्मीद महंगाई पर नियंत्रण: आम जनता के लिए राहत उपाय किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: कृषि और ग्रामीण विकास पर फोकस युवा और रोजगार: स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और नौकरियों से जुड़े प्रावधान इन्फ्रास्ट्रक्चर और कैपेक्स: सड़क, रेल और डिजिटल ढांचे में निवेश अहम विधेयकों पर भी रहेगी नजर बजट सत्र के दौरान सरकार की ओर से कई अहम विधेयक संसद में लाए जाने की संभावना है। इनमें आर्थिक सुधारों, प्रशासनिक बदलावों और सामाजिक कल्याण से जुड़े बिल शामिल हो सकते हैं। विपक्ष भी इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, जिससे सत्र के हंगामेदार रहने के संकेत मिल रहे हैं। देश की दिशा तय करेगा बजट सत्र कुल मिलाकर, बजट सत्र 2026 न सिर्फ सरकार की आर्थिक नीतियों की झलक देगा, बल्कि आने वाले वर्षों में देश की विकास दिशा भी तय करेगा। राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ यह सत्र राजनीतिक और आर्थिक दोनों ही नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है।