रूपनगर जिले के 135 गांवों को मिलेगा खेल अवसंरचना का बड़ा तोहफा
रूपनगर (पंजाब): क्षेत्र के युवाओं के लिए खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (MPLAD) फंड से ₹1 करोड़ की राशि नूरपुर बेदी गांव में इंडोर स्पोर्ट्स सुविधा के निर्माण हेतु आवंटित करने की घोषणा की है।
रूपनगर जिले का नूरपुर बेदी क्षेत्रीय दृष्टि से एक प्रमुख आबादी केंद्र है और इसके आसपास लगभग 135 गांव स्थित हैं। बावजूद इसके, अब तक पूरे ब्लॉक में एक भी इंडोर खेल परिसर उपलब्ध नहीं था। इस कमी को दूर करने के उद्देश्य से इस परियोजना की नींव रखी गई है।
विधायक के साथ किया शिलान्यास
इस महत्वपूर्ण परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम में स्थानीय विधायक Dinesh Chadha भी उपस्थित रहे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायत सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
जनभावनाओं के अनुरूप लिया गया निर्णय
राघव चड्ढा ने कहा कि MPLAD फंड जनता का पैसा है और इसका उपयोग हमेशा जनता की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नूरपुर बेदी एक अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्र है और यह आवंटन ग्राम पंचायत तथा स्थानीय विधायक द्वारा उठाई गई मांगों के आधार पर किया गया है।
उन्होंने कहा, “यह परियोजना केवल एक भवन निर्माण नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के सपनों को नई दिशा देने का प्रयास है। खेल सुविधाओं के अभाव में प्रतिभाएं अक्सर आगे नहीं बढ़ पातीं। अब यह इंडोर स्पोर्ट्स सुविधा उन्हें अभ्यास और प्रतियोगिता के बेहतर अवसर प्रदान करेगी।”
युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
इंडोर स्पोर्ट्स सुविधा बनने के बाद यहां बैडमिंटन, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, कबड्डी और अन्य इनडोर खेलों का प्रशिक्षण एवं आयोजन संभव हो सकेगा। इससे न केवल युवाओं को बेहतर अभ्यास स्थल मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में खेल संस्कृति को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह परियोजना लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांग रही है और इसके पूरा होने से आसपास के सैकड़ों गांवों के बच्चों और युवाओं को लाभ मिलेगा।
इस प्रकार, नूरपुर बेदी में इंडोर स्पोर्ट्स सुविधा का निर्माण क्षेत्रीय विकास और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।