छपरा, 12 फ़रवरी। राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सारण जिले में बेटियों के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। गड़खा प्रखंड के भैंसमारा गांव स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में विशेष एनीमिया जांच एवं समग्र स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें दो हज़ार से अधिक किशोरियों और महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों में बढ़ती एनीमिया की समस्या के प्रति जागरूकता फैलाना, समय पर जांच सुनिश्चित करना तथा आवश्यक उपचार और पोषण संबंधी सलाह उपलब्ध कराना था।

“हर बेटी का स्वस्थ और आत्मनिर्भर होना हमारा लक्ष्य” – डीएमसी

जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र (डीएचईडब्ल्यू) सारण की जिला मिशन समन्वयक निभा कुमारी ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य हर बेटी को स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाना है। शरीर में खून की कमी, पोषण की आवश्यकता और संतुलित खान-पान बेहद जरूरी है। किशोरावस्था जीवन का महत्वपूर्ण चरण होता है। यदि इस समय बेटियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए तो वे शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बन सकती हैं।”

उन्होंने बताया कि एनीमिया जैसी समस्या को सही समय पर पहचान और संतुलित आहार के माध्यम से काफी हद तक दूर किया जा सकता है। जागरूकता और नियमित जांच इस दिशा में सबसे प्रभावी कदम हैं।

नियमित स्वास्थ्य शिविर की आवश्यकता पर जोर

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डन करिश्मा कुमारी ने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर केवल विशेष अवसरों पर ही नहीं, बल्कि नियमित अंतराल पर आयोजित होने चाहिए।

उन्होंने कहा,“समय-समय पर स्वास्थ्य जांच होने से किसी भी बीमारी का प्रारंभिक अवस्था में ही पता चल सकता है। इससे छात्राओं को समय पर उपचार मिल पाता है और उनकी पढ़ाई तथा विकास पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।”

मेडिकल टीम द्वारा समग्र जांच

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में गड़खा स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम ने छात्राओं की रक्त जांच के साथ-साथ सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण भी किया।

शिविर के दौरान:

  • हीमोग्लोबिन स्तर की जांच की गई
  • आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां वितरित की गईं
  • पोषण और संतुलित आहार संबंधी परामर्श दिया गया
  • आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया

इस अभियान के अंतर्गत लगभग 2000 से अधिक छात्राओं एवं महिलाओं की एनीमिया जांच की गई, जो जिले में महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय पहल मानी जा रही है।

शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त भागीदारी

कार्यक्रम में शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इस अवसर पर DGC डॉ. कुमारी मेनका, डीएचईडब्ल्यू के वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ सत्येंद्र कुमार, लैंगिक विशेषज्ञ सुजाता श्री, चिकित्सक डॉ. विकास कुमार, डॉ. सुजीत कुमार, एएनएम एवं विद्यालय की शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

सभी विशेषज्ञों ने छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संतुलित आहार लेने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया।

सशक्त महिला, सशक्त समाज

राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह शिविर केवल एक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ।

जब बेटियां स्वस्थ होंगी, तभी वे शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी। सारण जिले की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि प्रशासन, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग मिलकर कार्य करें, तो महिला सशक्तिकरण के लक्ष्य को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सकता है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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