नई दिल्ली। देशभर में हाईवे पर सफर करने वालों के लिए 1 अप्रैल 2026 से टोल टैक्स व्यवस्था पूरी तरह बदलने जा रही है। केंद्र सरकार मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोल सिस्टम लागू करने की तैयारी में है, जिसके तहत अब टोल प्लाजा पर कैश से भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यानी वाहन चालकों को हर हाल में FASTag या डिजिटल माध्यम से ही टोल देना होगा।
सरकार का दावा है कि इस बदलाव से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों, समय की बर्बादी और ईंधन की खपत में बड़ी कमी आएगी। साथ ही टोल कलेक्शन और ज्यादा पारदर्शी और तकनीक आधारित हो जाएगा।
क्या है MLFF टोल सिस्टम?
MLFF यानी Multi Lane Free Flow एक एडवांस्ड टोल वसूली प्रणाली है। इसमें टोल प्लाजा पर वाहन को रुकने की जरूरत नहीं होगी।
* हाईवे पर लगे ANPR कैमरे (Automatic Number Plate Recognition)
* और FASTag रीडर
वाहन की पहचान कर सीधे बैंक अकाउंट या FASTag वॉलेट से टोल काट लेंगे।
कैश लेन-देन क्यों हो रहा है बंद?
सरकार के मुताबिक—
* कैश लेन-देन से टोल प्लाजा पर जाम लगता है
* मानव त्रुटि और टैक्स चोरी की आशंका रहती है
* डिजिटल भुगतान से कलेक्शन तेज और रिकॉर्ड साफ रहता है
इसी वजह से 1 अप्रैल 2026 से कैश लेन पूरी तरह खत्म की जा रही है।
FASTag न होने पर क्या होगा?
अगर किसी वाहन में FASTag नहीं है या वह काम नहीं कर रहा—
* तो उस वाहन पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है
* भविष्य में सीधे ई-चालान या वाहन मालिक के रजिस्टर्ड अकाउंट से टोल वसूली की व्यवस्था भी लागू हो सकती है
आम लोगों को क्या फायदा?
* टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा
* सफर होगा तेज और स्मूथ
* ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी
* टोल भुगतान में पारदर्शिता
सरकार की तैयारी
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार—
* पहले चरण में चुनिंदा नेशनल हाईवे पर MLFF लागू होगा
* इसके बाद पूरे देश में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा
क्या करना चाहिए वाहन चालकों को?
* समय रहते FASTag जरूर लगवाएं
* FASTag को बैंक अकाउंट से लिंक रखें
* वॉलेट में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें
1 अप्रैल 2026 से टोल टैक्स सिस्टम पूरी तरह डिजिटल और हाईटेक होने जा रहा है। कैश भुगतान का दौर खत्म होगा और FASTag/MLFF देश के हाईवे सफर को नया रूप देगा। ऐसे में वाहन चालकों के लिए अभी से तैयारी करना जरूरी है।