ईरान संकट का असर: 410 उड़ानें रद्द, रविवार को 444 इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर खतरा

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर पड़ रहा है। ईरान पर हुए हमले के बाद शनिवार को भारत से संचालित 410 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि रविवार को 444 और इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द किए जाने की आशंका जताई जा रही है। बदलते हालात के बीच विमानन क्षेत्र में अनिश्चितता और यात्रियों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। DGCA की सख्त निगरानी एविएशन रेगुलेटर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए निगरानी और तेज कर दी है। DGCA एयरलाइन कंपनियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है ताकि सुरक्षा मानकों और ऑपरेशनल प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जाएगा। मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीय मिडिल ईस्ट क्षेत्र में लाखों भारतीय कामकाजी और व्यावसायिक कारणों से रहते हैं। एयरस्पेस बंद होने और उड़ानों के रद्द होने के कारण बड़ी संख्या में भारतीय यात्री दुबई, अबू धाबी और अन्य खाड़ी देशों के एयरपोर्ट पर फंस गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में यात्रियों को एयरपोर्ट लाउंज और टर्मिनलों में इंतजार करते देखा जा सकता है। कई लोगों ने टिकट रद्द होने, वैकल्पिक उड़ान न मिलने और होटल व्यवस्था की कमी को लेकर नाराज़गी भी जताई है। एअर इंडिया ने घटाईं सेवाएं बढ़ते तनाव को देखते हुए एअर इंडिया ने अपनी निर्धारित अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में और कटौती करने का फैसला लिया है। एयरलाइन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी ट्रैवल एडवाइजरी में कहा है कि मिडिल ईस्ट क्षेत्र की अस्थिर स्थिति को देखते हुए सुरक्षा कारणों से कुछ मार्गों पर उड़ान संचालन अस्थायी रूप से स्थगित किया जा रहा है। एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच कर लें। साथ ही, प्रभावित यात्रियों के लिए रीशेड्यूलिंग और रिफंड की सुविधा उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर व्यापक असर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है तो इसका असर केवल भारत ही नहीं, बल्कि यूरोप और एशिया के बीच संचालित कई प्रमुख रूट्स पर भी पड़ सकता है। कई एयरलाइंस ने ईरानी एयरस्पेस से बचते हुए वैकल्पिक रूट अपनाए हैं, जिससे उड़ानों की अवधि और लागत दोनों बढ़ रही हैं। सरकार और विमानन कंपनियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं। यदि क्षेत्र में स्थिति सामान्य होती है तो उड़ान सेवाएं धीरे-धीरे बहाल की जा सकती हैं, लेकिन फिलहाल यात्रियों को धैर्य और सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात ने यह साफ कर दिया है कि वैश्विक तनाव का प्रभाव अब सीधे आम यात्रियों की जिंदगी पर भी पड़ने लगा है। आने वाले 24 से 48 घंटे इस संकट की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।

SPMA के स्नेह मिलन में झलकी पत्रकारिता की एकजुटता, संगोष्ठी से होली मिलन तक छाया उत्साह

“मीडिया समाज का दर्पण, त्योहारों में दिखती है सामाजिक समरसता” — सुधांशु रंजन छपरा, 01 मार्च। सारण की पत्रकार बिरादरी ने शनिवार को एक मंच पर जुटकर न केवल पेशेवर सरोकारों पर मंथन किया, बल्कि आपसी सौहार्द और सामाजिक समरसता का संदेश भी दिया। सारण प्रेस एंड मीडिया एसोसिएशन (SPMA) के तत्वावधान में शहर के साढ़ा ढाला रोड स्थित रामानंद विवाह भवन के सभागार में मीडिया संगोष्ठी, कार्यशाला सह होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब पोर्टल से जुड़े पत्रकारों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। पेशे की व्यस्तता के बीच यह आयोजन संवाद, समन्वय और आत्मीयता का मंच बन गया। दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ समारोह का विधिवत उद्घाटन पूर्व विधान पार्षद प्रत्याशी सुधांशु रंजन, डॉ. आर. के. गुप्ता, समाजसेवी कविता सिंह, स्थानीय नेता सुभाष झड़ीमन राय, श्याम बिहारी अग्रवाल, विजय मिश्रा, कृष्णा मिश्र, समाजसेवी मनीष कुमार सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में सुधांशु रंजन ने कहा,“होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मीडिया समाज का आईना है और पत्रकारों की यह एकजुटता सकारात्मक संदेश प्रसारित करने का कार्य करती है।” उन्होंने ऐसे आयोजनों को पत्रकारों के लिए प्रेरणादायी बताते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। पत्रकारों की भूमिका पर गहन मंथन कार्यशाला सत्र में पत्रकारिता की बदलती चुनौतियों, जिम्मेदारियों और कार्यशैली पर गंभीर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि तेज रफ्तार खबरों की दुनिया में निष्पक्षता, संवेदनशीलता और तथ्यपरकता सबसे बड़ी पूंजी है। इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया गया कि पत्रकार केवल खबरों के वाहक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के अग्रदूत हैं। आपसी समन्वय और संवाद से ही मीडिया की विश्वसनीयता सशक्त होती है। ऐसे सामूहिक आयोजन मानसिक ऊर्जा और पेशेवर संतुलन बनाए रखने में सहायक सिद्ध होते हैं। अबीर-गुलाल के साथ सौहार्द का संदेश संगोष्ठी के बाद सभागार का वातावरण पूरी तरह होली के रंगों में रंग गया। पत्रकारों और अतिथियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएँ दीं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह में नई ऊर्जा भर दी। कलाकार इमरान, वैभव, अनीश अनु, रंजीत राजा और पलसाक्षी ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। संगीत और रंगों के बीच सभी ने शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से होली मनाने का संकल्प लिया। बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति कार्यक्रम संयोजक दिवाकर मिश्रा, आनंद वर्मा, अभिषेक अरुण, संजीव मिश्रा और संजीव सिंह समेत वेब पोर्टल, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के बड़ी संख्या में प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिले के वरिष्ठ पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। एकजुटता का संदेश SPMA द्वारा आयोजित यह स्नेह मिलन केवल उत्सव नहीं, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक सरोकारों और आपसी भाईचारे का सशक्त संदेश बनकर उभरा। होली के रंगों के बीच पत्रकारों ने समाज में सकारात्मक सोच और जिम्मेदार संवाद को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबर: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायली-अमेरिकी हमलों में मौत

मार्च 1, 2026। ईरान के 86-साल के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई अब इस दुनिया में नहीं रहे। ईरानी सरकारी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई और मिसाइल हमलों के दौरान उन्होंने तेहरान में अपने कार्यालय/कमान केंद्र पर हुए हमले में मौत पाई। इस हमले को संयुक्त रूप से यूएस-इजरायल अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है जिसमें वरिष्ठ राजनैतिक और सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया गया था। ईरानी राज्य टेलीविजन और सरकारी एजेंसियों ने खामेनेई की मौत की पुष्टि करते हुए 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियाँ भी घोषित की हैं। बताया गया है कि उनके साथ परिवार के कुछ सदस्य भी हमले में मारे गए। हमले का परिदृश्य और प्रतिक्रिया संयुक्त अमेरिकी-इजरायली मिसाइल और हवाई हमलों को सबसे बड़े अभियान के रूप में पेश किया गया, जिसका उद्देश्य ईरान के सैन्य और नेतृत्व ढांचे को कमजोर करना था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई की मौत की घोषणा करते हुए इसे “इतिहास के सबसे खतरनाक नेताओं में से एक” के अंत के रूप में वर्णित किया और ईरानियों से मौजूदा शासन को बदलने का आह्वान किया। इजरायली प्रधानमंत्री ने भी इस अभियान की पुष्टि की और कहा कि खामेनेई के ठिकानों पर भारी नुकसान हुआ है। खामेनेई का जीवन और सत्ता में सफर अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल, 1939 को ईरान के मशहद शहर में एक साधारण मौलवी परिवार में हुआ था। उन्होंने बेहद कम उम्र से धार्मिक शिक्षा शुरू की और कुम में अध्ययन के दौरान ही मौलवी बन गए। यहां उनकी मुलाकात इस्लामी क्रांति के मुख्य नेताओं में से एक अयातुल्ला रुहुल्लाह खुमैनी से हुई, जिन्होंने उनके विचारों और राजनीतिक उभरने को गहरा प्रभाव दिया। धीरे-धीरे वे खुमैनी के सबसे भरोसेमंद शागिर्दों में शामिल हुए। खामेनेई ने ईरान-इराक युद्ध, सरकार के निर्देशन और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति जैसे महत्वपूर्ण चरणों को संभाला। 1989 में, अयातुल्ला रुहुल्लाह खुमैनी के μετά उनके निधन के बाद वह ईरान के सुप्रीम लीडर बने, और करीब 36 साल तक इस पद पर रहे — अपनी मृत्यु तक ईरान की राजनीतिक, सैन्य और धार्मिक शक्ति के शीर्ष पर। प्रभाव और आगे क्या? उनकी मौत के साथ ही ईरान में अगले नेतृत्व को लेकर राजनीतिक अस्थिरता और शक्ति संघर्ष की संभावना बढ़ गई है, क्योंकि सुप्रीम लीडर का पद ‘विलायत-ए-फकीह’ — मुख्य धार्मिक विद्वान की भूमिका — पर आधारित है। किसी एक स्पष्ट उत्तराधिकारी की घोषणा अभी तक नहीं हुई है, जिससे रूस, चीन और क्षेत्र के अन्य देशों के साथ संबंधों और मध्य-पूर्व की राजनीतिक स्थिति पर अनिश्चितता बनी हुई है। यह घटना मध्य-पूर्व में तनाव को और बढ़ा सकती है, जिसके व्यापक प्रभाव वैश्विक तेल बाजार, कूटनीति, सुरक्षा तथा अंतरराष्ट्रीय मामलों में अभी उभर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद नई मतदाता सूची जारी, 63.66 लाख नाम हटे

कोलकाता, 28 फरवरी 2026। Election Commission of India के निर्देश पर पश्चिम बंगाल में चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) अभियान के बाद शनिवार को नई मतदाता सूची जारी कर दी गई। West Bengal के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Manoj Kumar Agrawal ने बताया कि व्यापक सत्यापन और दावों-आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या अब 7,04,59,284 दर्ज की गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे नामों की पहचान की गई जो या तो स्थानांतरण, मृत्यु अथवा अन्य कारणों से अपात्र हो चुके थे। अंतिम प्रकाशित सूची में कुल 63,66,952 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार लगभग 61 लाख से अधिक नामों को सूची से विलोपित करने की कार्रवाई की गई थी, जबकि अंतिम संकलन के बाद यह संख्या 63 लाख 66 हजार 952 पर पहुंच गई। व्यापक सत्यापन अभियान निर्वाचन विभाग ने बूथ स्तर पर विशेष अभियान चलाकर घर-घर सत्यापन कराया। बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के माध्यम से मतदाताओं के पते, आयु और पात्रता की जांच की गई। जिन मतदाताओं के नाम दो स्थानों पर पाए गए या जो लंबे समय से अनुपस्थित थे, उनके मामलों की अलग से समीक्षा की गई। नए मतदाताओं का पंजीकरण अधिकारियों ने बताया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नए योग्य मतदाताओं ने भी अपना पंजीकरण कराया। 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं, स्थानांतरण के बाद नए पते पर रहने वाले नागरिकों और अन्य पात्र व्यक्तियों को सूची में जोड़ा गया। इससे मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने में मदद मिली है।

19 साल पुराने हत्याकांड में चार दोषियों को उम्रकैद, 25-25 हजार रुपये जुर्माना

छपरा, 28 फरवरी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वादश अंजनी कुमार गोड़ की अदालत ने मढ़ौरा थाना कांड संख्या 28/2007 से जुड़े बहुचर्चित हत्या मामले में चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सत्र वाद संख्या 600/27 में सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी करने के बाद मढ़ौरा थाना क्षेत्र के भोथहा निवासी रविंद्र सिंह, गुड्डू सिंह, विजय सिंह और सुभाष सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149 के तहत दोषी ठहराते हुए प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोषीगण सामूहिक रूप से हत्या के अपराध में संलिप्त पाए गए हैं। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त कारावास की सजा भी भुगतनी होगी। 2007 में हुई थी घटना अभियोजन के अनुसार, मढ़ौरा थाना क्षेत्र के भोथहा गांव निवासी बालेंद्र सिंह ने 4 फरवरी 2007 को सदर अस्पताल छपरा में अपना फर्द बयान दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि 3 फरवरी 2007 की संध्या लगभग 7 बजे वे अपने दरवाजे पर रामविचार सिंह और राजेश कुमार सिंह के साथ आग ताप रहे थे। इसी दौरान सभी आरोपी वहां पहुंचे और जान से मारने की नीयत से लाठी, डंडा और चाकू से हमला कर दिया। हमले के दौरान जब उनके पुत्र राजेश कुमार सिंह और भाई रामविचार सिंह बचाने आए तो आरोपियों ने उन्हें भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। शोर-शराबा सुनकर जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी फरार हो गए। घायलों को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल छपरा लाया गया, जहां चिकित्सकों ने रामविचार सिंह को मृत घोषित कर दिया। छह गवाहों की हुई गवाही मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक विमल चंद्र सिंह एवं उनके सहयोगी ओम प्रकाश राय ने सरकार की ओर से पैरवी की। अदालत में चिकित्सक और अनुसंधानकर्ता सहित कुल छह गवाहों की गवाही कराई गई। पुलिस ने 24 नवंबर 2007 को आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया था। लगभग 19 वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।

ईरान में इजराइली–अमेरिकी एयरस्ट्राइक से बढ़ा तनाव: गर्ल्स स्कूल पर हमले में 51 छात्राओं की मौत

तेहरान/मिनाब/वॉशिंगटन/यरुशलम, 28 फरवरी। मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजराइल और अमेरिका की संयुक्त एयरस्ट्राइक में ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में स्थित एक गर्ल्स स्कूल पर हमला हुआ, जिसमें 51 छात्राओं की मौत की पुष्टि हुई है। यह घटना ईरान में इस सैन्य ऑपरेशन के दौरान हुई पहली आधिकारिक तौर पर पुष्टि की गई मौतें बताई जा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हमलों की खबर सबसे पहले राजधानी तेहरान से आई और फिर देश के अन्य हिस्सों में भी विस्फोटों की सूचना मिली। मिनाब, जहां यह त्रासदी हुई, वहां ईरान की पैरामिलिट्री फोर्स Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) का एक प्रमुख बेस स्थित है। माना जा रहा है कि हमले का निशाना सैन्य प्रतिष्ठान थे, लेकिन स्कूल के प्रभावित होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। तेहरान खाली करने की सलाह बढ़ते खतरे को देखते हुए ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने राजधानी तेहरान के नागरिकों को एहतियातन शहर छोड़ने की सलाह दी है। आधिकारिक बयान में कहा गया, “हालात की वजह से, जहां तक संभव हो शांति बनाए रखते हुए, यदि आप सक्षम हैं तो अन्य शहरों की ओर प्रस्थान करें।” राजधानी के कई इलाकों में धुएं के गुबार देखे गए। शुरुआती हमलों में से कुछ सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के दफ्तर के आसपास के क्षेत्रों में हुए। ईरानी मीडिया ने देशभर में धमाकों की पुष्टि की है। ट्रंप और नेतन्याहू के बयान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरानी जनता से “अपनी किस्मत पर नियंत्रण लेने” और 1979 से सत्ता में मौजूद इस्लामिक नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से की गई है। हाल के हफ्तों में क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती और परमाणु समझौते को लेकर बढ़ती बयानबाजी के बीच यह हमला हुआ है। जवाबी हमले और क्षेत्रीय असर हमलों के बाद मिडिल ईस्ट के कई देशों में जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की सूचना है। United Arab Emirates और Iraq ने एहतियातन अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। समाचार एजेंसी Agence France-Presse (AFP) के अनुसार, रियाद, दोहा और अबू धाबी में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। बहरीन के गृह मंत्रालय ने जुफेयर इलाके से लोगों को निकालना शुरू कर दिया है, जहां अमेरिकी नौसैनिक अड्डा स्थित है। मंत्रालय ने नागरिकों से संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील की है।  ईरान का सख्त रुख ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जारी बयान में कहा कि देश अपने जवाब में “हिचकेगा नहीं”। बयान में कहा गया,“अब समय आ गया है कि हम अपने देश की रक्षा करें और दुश्मन के सैन्य हमले का सामना करें।” विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात काबू में नहीं आए तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है। फिलहाल, मिडिल ईस्ट में हालात अत्यंत संवेदनशील बने हुए हैं और दुनिया की निगाहें तेहरान, वॉशिंगटन और यरुशलम पर टिकी हैं।

प्राथमिकी दर्ज न करने पर गरखा थानाध्यक्ष पर गिरी गाज, विशेष न्यायाधीश ने एसएसपी को विभागीय कार्रवाई का दिया आदेश

छपरा। न्यायालय के आदेश की अवहेलना और प्राथमिकी दर्ज नहीं करने के मामले में गरखा थाना के थानाध्यक्ष के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सह सत्र न्यायाधीश दीपांशु श्रीवास्तव ने विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने इस संबंध में सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को पत्र भेजकर 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गड़खा थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव निवासी राजू दास ने दिनांक 8 अप्रैल 2025 को परिवाद पत्र संख्या 34/2025 न्यायालय में दाखिल किया था। इस परिवाद में उन्होंने अपने ही गांव के रंजीत महतो सहित कुल 15 व्यक्तियों को नामजद अभियुक्त बनाया था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने परिवादकर्ता एवं गवाहों के बयान दर्ज किए। गवाही और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश संबंधित थानाध्यक्ष को दिया था। हालांकि, न्यायालय के आदेश के बावजूद गरखा थानाध्यक्ष द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इतना ही नहीं, न्यायालय द्वारा निर्गत शो-कॉज नोटिस का जवाब भी निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे न्यायालय ने गंभीर लापरवाही और आदेश की अवहेलना माना। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विशेष न्यायाधीश ने थानाध्यक्ष के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने हेतु एसएसपी सारण को पत्र प्रेषित किया है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि थानाध्यक्ष के विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत की जाए। न्यायालय के इस सख्त रुख को प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मामले को लेकर पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।

एयर इंडिया ने दुबई-दोहा-रियाद-तेल अवीव समेत सभी उड़ानें रोकीं, AI139 बीच रास्ते से लौटी

नई दिल्ली, 28 फरवरी। मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालात का असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर साफ दिखाई देने लगा है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच एयरलाइंस ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राष्ट्रीय विमानन कंपनी Air India ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दुबई, दोहा, रियाद और तेल अवीव समेत पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र के लिए अपनी सभी उड़ानें तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी हैं। ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ से बढ़ा तनाव सूत्रों के अनुसार इजरायल ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ नाम से सैन्य अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई में उसे अमेरिका का समर्थन भी प्राप्त है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी पलटवार शुरू कर दिया है, जिसके बाद क्षेत्र के कई देशों ने अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। लगातार हो रहे हमलों और मिसाइल गतिविधियों के कारण अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के सामने सुरक्षा चुनौती खड़ी हो गई है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 28 फरवरी को तेल अवीव जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI139 को बीच रास्ते से ही भारत वापस लौटना पड़ा। यह फैसला यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया। इन प्रमुख शहरों की उड़ानें रद्द एयर इंडिया ने जिन प्रमुख गंतव्यों के लिए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित की हैं, उनमें शामिल हैं: Dubaiऔर Abu Dhabi(संयुक्त अरब अमीरात)  Riyadh, Jeddah और Dammam (सऊदी अरब) Doha (कतर) Muscat (ओमान) Tel Aviv (इजरायल) कंपनी की ओर से जारी एडवाइजरी में स्पष्ट कहा गया है कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालात सामान्य होने तक उड़ानों को बहाल करने का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं किया गया है। एयर इंडिया लगातार सुरक्षा एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय विमानन प्राधिकरणों के संपर्क में है। इंडिगो ने भी जारी की ट्रैवल एडवाइजरी देश की निजी विमानन कंपनी IndiGo ने भी हालात को देखते हुए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। कंपनी का कहना है कि वह ईरान और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि सुरक्षा परिस्थितियों में कोई बदलाव होता है तो फ्लाइट ऑपरेशंस में तुरंत आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इंडिगो ने यात्रियों को आश्वस्त किया है कि किसी भी परिवर्तन की स्थिति में उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर तुरंत सूचना दी जाएगी।  यात्रियों से अपील: स्टेटस जांचकर ही निकलें एयरलाइंस कंपनियों ने प्रभावित रूट्स पर यात्रा करने वाले सभी यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस अवश्य जांच लें। वेबसाइट, मोबाइल ऐप या कस्टमर केयर के माध्यम से ताजा जानकारी प्राप्त की जा सकती है। कंपनियों का कहना है कि रद्द या स्थगित उड़ानों के यात्रियों को रिफंड या री-शेड्यूलिंग का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। पश्चिमी देशों की बढ़ी चिंता मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए कई पश्चिमी देशों ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। ब्रिटेन सरकार ने ईरान से अपने स्टाफ को वापस बुला लिया है। फ्रांस ने अपने नागरिकों को इजरायल और वेस्ट बैंक की यात्रा से बचने की सख्त सलाह दी है। इटली ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों से देश छोड़ने की अपील की है, जबकि जर्मनी ने इजरायल के लिए अपनी यात्रा गाइडलाइंस को और अधिक कड़ा कर दिया है। वैश्विक उड़ानों पर पड़ सकता है व्यापक असर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव लंबा खिंचता है तो यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका के बीच संचालित कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट बदलने पड़ सकते हैं, जिससे यात्रा समय और लागत दोनों में वृद्धि संभव है। तेल कीमतों और वैश्विक व्यापार पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में सुरक्षा स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर विमानन क्षेत्र और वैश्विक यातायात का भविष्य निर्भर करेगा।

टीबी मुक्त भारत: आयुष ने जन्मदिन पर चार मरीजों को लिया गोद, पौष्टिक आहार की दूसरी किस्त वितरित

छपरा, 28 फरवरी। सेवा और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए शहर के एसडीएस कॉलेज के 17 वर्षीय छात्र आयुष राज ने अपने जन्मदिन को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए टीबी मरीजों के बीच सहयोग का हाथ बढ़ाया। ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत आयुष ने चार क्षय रोगियों—सबिता कुंअर, केदारनाथ महतो, सरल राय और पिंकी कुमारी—को गोद लेकर उनके उपचार में सहयोग करने का संकल्प लिया था। इसी क्रम में शनिवार को गोद लिए गए मरीजों के बीच पौष्टिक आहार की दूसरी किस्त का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. आरपी सिंह ने आयुष की पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की सकारात्मक भागीदारी से ही समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। आयुष जैसे जागरूक और संवेदनशील युवा अन्य लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। यक्ष्मा विभाग के डीपीसी हिमांशु शेखर ने जानकारी देते हुए बताया कि टीबी मरीजों के लिए नियमित पोषण सहायता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि उचित आहार से दवाओं का प्रभाव बेहतर होता है और मरीज जल्द स्वस्थ हो पाते हैं। उन्होंने आमजन, सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों से अपील की कि वे आगे आकर टीबी मरीजों को गोद लें और वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने में सहयोग दें। एसटीएलएस कुमार अमित ने कहा कि आयुष की इस मानवीय पहल से मरीजों को केवल पोषण ही नहीं, बल्कि मानसिक संबल भी मिल रहा है। कम उम्र में सामाजिक जिम्मेदारी निभाकर आयुष ने यह साबित कर दिया है कि सेवा के लिए उम्र नहीं, बल्कि संवेदनशील सोच और मजबूत इरादा जरूरी होता है। इस अवसर पर डीपीसी हिमांशु शेखर, डीपीएस मुकेश कुमार, एसटीएस मुकेश कुमार, एलटी संजेश कुमार, सहायक संजय कुमार एवं गुड़िया कुमारी, परिचारी सुनील कुमार, नरेश राय, कृष्ण राय सहित यक्ष्मा विभाग के कई अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। सभी की मौजूदगी में मरीजों को पौष्टिक आहार वितरित किया गया और उन्हें नियमित उपचार जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया। आयुष की यह पहल न केवल समाज में जागरूकता का संदेश दे रही है, बल्कि यह भी दर्शा रही है कि यदि युवा पीढ़ी आगे आए तो ‘टीबी मुक्त भारत’ का सपना अवश्य साकार हो सकता है।

डीजल भरवाकर फरार हुआ थार चालक, बाइक को 7 किमी तक घसीटा; आग लगने के बाद टोल प्लाजा पर गिरफ्तार

नोएडा। नोएडा की सड़कों पर एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही का खौफनाक मंजर देखने को मिला। काली Mahindra Thar एसयूवी में सवार 22 वर्षीय युवक हर्ष ने पेट्रोल पंप पर डीजल भरवाने के बाद भुगतान से बचने के लिए भागने की कोशिश की। इस दौरान उसने पीछा कर रहे पंप कर्मचारी की बाइक को टक्कर मार दी और उसे करीब 5 से 7 किलोमीटर तक घसीटता रहा। घर्षण के कारण बाइक में आग भी लग गई, लेकिन आरोपी वाहन नहीं रोक सका। यह सनसनीखेज घटना धूम मणिकपुर क्षेत्र स्थित एक फ्यूल स्टेशन पर शुक्रवार शाम को हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हर्ष ने अपनी थार में डीजल भरवाया और ऑनलाइन भुगतान करने का बहाना बनाकर मौके से निकलने लगा। शक होने पर पंप कर्मचारी कुलदीप शर्मा ने मोटरसाइकिल से उसका पीछा किया। जीटी रोड और National Highway 91 पर पीछा करते समय थार ने कुलदीप की बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक थार के अगले हिस्से में फंस गई और वाहन तेज रफ्तार से हाईवे पर दौड़ता रहा। करीब 5 से 7 किलोमीटर तक बाइक घसीटती रही। इस दौरान बाइक में आग लग गई और धुएं का गुबार उठता रहा। आसपास के लोग चिल्लाते और इशारा करते रहे, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका। घटना का वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें आग लगी बाइक को घसीटते हुए थार साफ दिखाई दे रही है। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और लुहारली टोल प्लाजा के पास वाहन को घेरकर रोक लिया। आरोपी हर्ष को हिरासत में लेकर थार को जब्त कर लिया गया है। टक्कर में घायल कुलदीप शर्मा को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ डीजल चोरी के प्रयास, लापरवाही से वाहन चलाने, दूसरों की जान जोखिम में डालने और आगजनी व चोट पहुंचाने से संबंधित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया गया है। घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।