काशी में गूंजा जनजातीय संस्कृति का स्वर: 17वाँ जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का तृतीय दिवस प्रेरणा और एकता का बना प्रतीक

वाराणसी। मेरा युवा भारत के तत्वावधान में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय एवं गृह मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सहयोग से आयोजित सात दिवसीय 17वें जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का तृतीय दिवस शनिवार को गरिमामय, प्रेरणादायी और ऐतिहासिक वातावरण में संपन्न हुआ। काशी की पावन धरती पर आयोजित इस कार्यक्रम ने राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और युवा सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने शिरकत की। उन्होंने विधिवत दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और इसी विविधता में हमारी एकता निहित है। कार्यक्रम के दौरान नारायणपुर, छत्तीसगढ़ से आए प्रतिभागियों ने पारंपरिक जनजातीय सामूहिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। रंग-बिरंगी वेशभूषा, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की लय और ऊर्जा से भरपूर अभिव्यक्ति ने सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया। उपस्थित दर्शक इस जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुति से अभिभूत हो उठे। जिलाधिकारी ने काशी की आध्यात्मिक महिमा और ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए युवाओं को उच्च लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हैं और उन्हें नई दृष्टि, नई दिशा एवं नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से अपने अनुभवों को साझा करने, नई सीख ग्रहण करने तथा समाज के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। जिला युवा अधिकारी यतेन्द्र सिंह ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह आयोजन केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम का संचालन राज्य प्रशिक्षक प्रयागराज के मनोज शर्मा ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि संत रविदास नगर के जिला युवा अधिकारी रामगोपाल सिंह चौहान ने भावपूर्ण धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर लेखा एवं कार्यक्रम सहायक ललितपुर विकास चौरसिया, भूतपूर्व स्वयंसेवक नन्दकिशोर जी, पूर्व स्वयंसेवक राकेश यादव, सुरेश भावद्वाज जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और भी बढ़ा दिया। काशी की पावन धरती पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल सांस्कृतिक उत्सव भर नहीं, बल्कि युवाओं के बीच संवाद, समझ और राष्ट्रीय एकात्मता की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

डिब्रूगढ़ में इतिहास रचा: नेशनल हाईवे पर PM विमान की पहली लैंडिंग, ₹5450 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

डिब्रूगढ़, 14 फरवरी। पूर्वोत्तर भारत के विकास को नई गति देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम दौरे के दौरान डिब्रूगढ़ में नेशनल हाईवे पर तैयार की गई आपातकालीन लैंडिंग सुविधा पर अपने विशेष विमान की सफल लैंडिंग कर इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब किसी प्रधानमंत्री का विमान राष्ट्रीय राजमार्ग पर विकसित एयर स्ट्रिप पर उतरा। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने ₹5450 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी पर निर्मित अत्याधुनिक कुमार भास्कर वर्मा सेतु को राष्ट्र को समर्पित किया, जो क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती देगा। नेशनल हाईवे पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा का अवलोकन प्रधानमंत्री ने डिब्रूगढ़ में विकसित आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (Emergency Landing Facility) का विस्तृत निरीक्षण किया। यह सुविधा राष्ट्रीय सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर वायुसेना और नागरिक विमानों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए यह एयर स्ट्रिप रणनीतिक रूप से तैयार की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की सुविधाएं सीमावर्ती और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्यों में त्वरित सैन्य एवं राहत कार्यों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होंगी। ‘कुमार भास्कर वर्मा सेतु’ से बढ़ेगी कनेक्टिविटी ब्रह्मपुत्र पर निर्मित ‘कुमार भास्कर वर्मा सेतु’ अत्याधुनिक तकनीक से बनाया गया है। यह पुल उत्तर और दक्षिण तट के बीच आवागमन को सरल बनाएगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह सेतु केवल एक पुल नहीं, बल्कि “असम की प्रगति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक” है। ₹5450 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ प्रधानमंत्री ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया, उनमें सड़क, पुल, ऊर्जा, और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाएं प्रमुख हैं। इन परियोजनाओं से—  क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा  रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर को ‘अष्टलक्ष्मी’ मानकर उसके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। डिब्रूगढ़ पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरम ने किया। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को और भी विशेष बना दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन असम के विकास इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से राज्य के बुनियादी ढांचे को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि पूर्वोत्तर भारत देश के विकास का अभिन्न और प्राथमिक हिस्सा है। डिब्रूगढ़ में नेशनल हाईवे पर विमान की ऐतिहासिक लैंडिंग और विशाल विकास पैकेज ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार असम को रणनीतिक, आर्थिक और अवसंरचनात्मक दृष्टि से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

‘उद्योग भवन’ मेट्रो स्टेशन अब कहलाएगा ‘सेवा तीर्थ’ मेट्रो कोच में स्टेशनों की सूची अपडेट

नई दिल्ली। राजधानी के प्रमुख प्रशासनिक क्षेत्र में स्थित ‘उद्योग भवन’ मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर अब ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया गया है। नाम परिवर्तन के बाद मेट्रो कोचों में प्रदर्शित स्टेशनों की सूची भी अपडेट कर दी गई है, जिससे यात्रियों को नई नामावली के अनुरूप जानकारी मिल रही है। सूत्रों के अनुसार, यह परिवर्तन केंद्र सरकार की उस सोच को दर्शाता है जिसमें जनसेवा को शासन की प्राथमिकता माना गया है। ‘सेवा तीर्थ’ नाम को सरकार ने प्रतीकात्मक रूप से सेवा-भाव और पारदर्शी प्रशासन के संदेश के रूप में प्रस्तुत किया है। मेट्रो प्रशासन ने सभी डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, उद्घोषणाओं तथा स्टेशन परिसर में लगे साइनबोर्ड में भी नया नाम प्रदर्शित करना शुरू कर दिया है। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कुछ समय तक पुराने और नए नाम दोनों का उल्लेख किया जा सकता है। मेट्रो यात्रियों ने कहा कि नाम परिवर्तन से क्षेत्र की पहचान में नया आयाम जुड़ा है, हालांकि कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि ऐसे बदलावों की व्यापक जानकारी पूर्व में दी जानी चाहिए ताकि यात्रियों को भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े। कुल मिलाकर, ‘उद्योग भवन’ से ‘सेवा तीर्थ’ बना यह स्टेशन अब राजधानी की प्रशासनिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में नई पहचान के साथ सामने आया है।

गन्ना किसानों को राहत: बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करेगी सरकार

पटना। बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को लेकर एक बार फिर सरकार ने सक्रिय रुख अपनाया है। विधानसभा में यह मुद्दा उठने के बाद मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि राज्य की सभी बंद चीनी मिलों को जल्द से जल्द चालू कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री के इस आदेश को उद्योग और कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीनी मिलों के बंद रहने से न केवल किसानों को नुकसान होता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी प्रभावित होते हैं। ऐसे में सरकार का प्रयास है कि बंद पड़ी मिलों को पुनर्जीवित कर राज्य के आर्थिक विकास को नई गति दी जाए। किन-किन जिलों की चीनी मिलें हैं बंद वर्तमान में राज्य के कई जिलों में चीनी मिलें बंद पड़ी हैं। इनमें प्रमुख रूप से— पश्चिम चम्पारण जिले के चनपटिया पूर्वी चम्पारण जिले के बाराचकिया एवं मोतिहारी गोपालगंज जिले के सासामूसा सारण जिले के मढ़ौरा मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर समस्तीपुर जिले के समस्तीपुर दरभंगा जिले के सकरी एवं रैयाम इन मिलों के बंद रहने से गन्ना उत्पादक किसानों को अपनी उपज दूसरे जिलों या राज्यों में भेजनी पड़ती है, जिससे परिवहन लागत बढ़ती है और समय पर भुगतान में भी कठिनाई आती है। सासामूसा से होगी शुरुआत सरकार की पहल के तहत गोपालगंज जिले की सासामूसा चीनी मिल को जल्द शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसे एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाकी मिलों के संचालन की दिशा में भी शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसानों और युवाओं को मिलेगा लाभ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बंद चीनी मिलें दोबारा चालू होती हैं, तो इससे—  गन्ना किसानों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध होगा  भुगतान प्रक्रिया में सुधार आएगा  हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बिहार कभी चीनी उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में गिना जाता था। यदि सरकार की यह पहल सफल होती है, तो राज्य एक बार फिर चीनी उद्योग में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है। सरकार की प्राथमिकता में उद्योग पुनर्जीवन मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक बाधाओं की समीक्षा कर शीघ्र समाधान निकाला जाए। सरकार का लक्ष्य है कि बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को पुनर्जीवित कर राज्य में निवेश और रोजगार का माहौल मजबूत किया जाए। चीनी मिलों को पुनः चालू करने का यह कदम न केवल कृषि आधारित उद्योग को सशक्त करेगा, बल्कि बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

सारण के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर: 23 फरवरी को वेदांता प्राइवेट आईटीआई में विशेष नियोजन शिविर

छपरा, 13 फरवरी 2026। सारण जिले के युवाओं के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तत्वावधान में अवर प्रादेशिक नियोजनालय, छपरा द्वारा 23 फरवरी 2026 (सोमवार) को वेदांता प्राइवेट आईटीआई, दुमदुमा, दाउदपुर (सारण) परिसर में विशेष नियोजन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 04:00 बजे तक चलेगा। सहायक निदेशक (नियोजन), अवर प्रादेशिक नियोजनालय, छपरा से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस रोजगार शिविर में प्रतिष्ठित कंपनी DISTIL EDUCATION & TECHNOLOGY PVT LTD द्वारा अधिसूचित रिक्तियों पर चयन प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। 200 पदों पर होगा चयन इस विशेष नियोजन शिविर में कुल 200 पदों पर बहाली की जाएगी, जो Apprenticeship/Student Trainee के रूप में होंगे। ग्रेटर नोएडा हेतु 100 पद योग्यता: 12वीं अथवा ITI (सभी ट्रेड) उत्तीर्ण आयु सीमा: 18 से 25 वर्ष वेतन: ₹16,000/- (इन हैंड) जॉब लोकेशन: Greater Noida स्थित CNH Industrial (India) Private Limited गाजियाबाद हेतु 100 पद योग्यता: 10वीं, 12वीं अथवा ITI (सभी ट्रेड) उत्तीर्ण आयु सीमा: 18 से 25 वर्ष वेतन: ₹16,000/- (इन हैंड) जॉब लोकेशन: Ghaziabad स्थित Shriram Pistons & Rings Limited “सीखो और कमाओ” योजना का लाभ इस नियोजन शिविर की विशेषता यह है कि चयनित अभ्यर्थियों को “सीखो और कमाओ” योजना के अंतर्गत तीन वर्षों का नि:शुल्क डिप्लोमा करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। साथ ही उच्च मानकों वाली कंपनियों के साथ कार्य करते हुए व्यवहारिक एवं तकनीकी ज्ञान अर्जित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। यह पहल न केवल युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगी, बल्कि उन्हें उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष भी बनाएगी। आवश्यक दस्तावेज इच्छुक अभ्यर्थियों को निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है: अद्यतन बायोडाटा 10वीं, 12वीं एवं ITI का प्रमाण पत्र आधार कार्ड पैन कार्ड पासपोर्ट साइज 4 फोटो बैंक पासबुक कैंसिल चेक नियोजनालय द्वारा जिले के अधिक से अधिक योग्य युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की गई है। यह शिविर न केवल रोजगार प्राप्ति का माध्यम है, बल्कि कौशल विकास और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। सारण के युवाओं के लिए यह विशेष नियोजन शिविर रोजगार की नई राह खोलने वाला साबित हो सकता है।

वाराणसी में महाशिवरात्रि पर हाई अलर्ट: शिवबारात, घाट सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर पुलिस-प्रशासन की व्यापक तैयारी

वाराणसी, 13 फरवरी 2026। महाशिवरात्रि पर्व के मद्देनज़र कमिश्नरेट वाराणसी ने सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) श्री शिवहरी मीणा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें संभावित भीड़, शिवबारात आयोजन, घाटों एवं जल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पुलिस उपायुक्त काशी श्री गौरव बंसवाल, सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध श्री अतुल अंजान त्रिपाठी, प्रभारी जल पुलिस सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही नाविकों, मल्लाह/मांझी समाज के प्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों तथा शिवबारात आयोजकों ने भी सहभागिता की। जल क्षेत्र में कड़ी निगरानी, अवैध नावों पर सख्ती पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि केवल वैध पंजीकृत एवं लाइसेंसधारी नाविकों को ही नाव संचालन की अनुमति होगी। अवैध नावों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर सीज की कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक नाव पर पंजीकरण संख्या स्पष्ट अंकित होना अनिवार्य होगा तथा निरीक्षण के दौरान अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। प्रत्येक यात्री के लिए लाइफ जैकेट उपलब्ध कराना और उसे पहनाना अनिवार्य किया गया है। नाव में प्राथमिक उपचार किट, रस्सी और टॉर्च रखना भी जरूरी होगा। नशे की हालत में नाव संचालन पाए जाने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घाटों पर भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम प्रमुख घाटों पर प्रवेश एवं निकास मार्ग अलग-अलग निर्धारित किए जाएंगे, ताकि भीड़ का दबाव न बने। सुरक्षित और असुरक्षित स्नान क्षेत्रों का स्पष्ट चिन्हांकन किया जाएगा तथा गहरे जल क्षेत्र में मजबूत बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। अत्यधिक भीड़ की स्थिति में नियंत्रित प्रवेश प्रणाली लागू की जाएगी। घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल, जल पुलिस एवं गोताखोरों की तैनाती रहेगी। रेस्क्यू बोट लगातार सक्रिय रहेंगी। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। शिवबारात के लिए तय मार्ग और समय अनिवार्य शिवबारात केवल प्रशासन द्वारा स्वीकृत मार्ग और निर्धारित समयावधि में ही निकाली जाएगी। बिना अनुमति मार्ग परिवर्तन या कार्यक्रम आयोजन दंडनीय होगा। आयोजकों को पूर्व में शोभायात्रा का पूरा विवरण देना होगा। जुलूस में वाहनों की संख्या नियंत्रित रखी जाएगी तथा भड़काऊ, साम्प्रदायिक या उत्तेजक नारे-गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आतिशबाजी केवल अनुमति प्राप्त स्थल पर और सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही की जा सकेगी। आपातकालीन मार्गों को पूरी तरह अवरोध मुक्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। लाउडस्पीकर और डीजे का प्रयोग केवल सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही किया जाएगा। निर्धारित ध्वनि मानकों और समय सीमा का पालन अनिवार्य होगा। नियमों के उल्लंघन पर उपकरण जब्त किए जाएंगे। अस्पतालों, विद्यालयों और संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास विशेष सावधानी बरती जाएगी। पार्किंग और यातायात के लिए विस्तृत प्लान केवल चिन्हित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग किया जाएगा। मुख्य मार्गों और घाट मार्गों पर वाहन खड़ा करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अवैध पार्किंग पर तत्काल चालान और कार्रवाई की जाएगी। आपातकालीन वाहनों के लिए हर हाल में ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध रहेगा। VIP, मीडिया और आम श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाएंगे। यातायात पुलिस और आयोजकों के बीच समन्वय के लिए ट्रैफिक कंट्रोल डेस्क स्थापित की जाएगी। आयोजन स्थल, मंच और भंडारा स्थलों पर पर्याप्त अग्निशमन यंत्र लगाए जाएंगे। जेनरेटर सेट सुरक्षित दूरी पर स्थापित होंगे। अस्थायी विद्युत कनेक्शन केवल प्रमाणित तकनीशियन द्वारा लगाए जाएंगे। अग्निरोधक सामग्री का उपयोग अनिवार्य किया गया है। आपातकालीन निकास मार्ग स्पष्ट रूप से चिन्हित और अवरोध मुक्त रखे जाएंगे। फायर विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार फायर टेंडर स्टैंडबाय रहेंगे। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की अपील पूजा सामग्री एवं धार्मिक अवशेषों के लिए अलग संग्रहण पात्र लगाए जाएंगे। घाटों और शिवबारात मार्ग पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। पर्याप्त डस्टबिन और अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था रहेगी। “स्वच्छ घाट- सुरक्षित पर्व” अभियान भी संचालित किया जाएगा। प्रशासन ने सभी आयोजकों को एक उत्तरदायी संपर्क अधिकारी (नोडल पर्सन) नामित करने का निर्देश दिया है, जो पुलिस एवं प्रशासन के साथ सतत समन्वय बनाए रखे। पुलिस प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव के साथ मनाएं। निर्धारित मार्गों और पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें, नाव यात्रा के दौरान लाइफ जैकेट अवश्य पहनें, अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी के सहयोग से महाशिवरात्रि का पावन पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो।

सेवा तीर्थ का लोकार्पण: जनसेवा को समर्पित नए युग की शुरुआत

नई दिल्ली। भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में जनसेवा को सर्वोपरि रखने के संकल्प के साथ आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर ‘सेवा तीर्थ’ का लोकार्पण किया। इस अवसर को देश की प्रशासनिक संस्कृति में परिवर्तन और सेवा-आधारित शासन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। 11 वर्षों की सेवा-भावना का प्रतीक ‘सेवा तीर्थ’ केवल एक भवन नहीं, बल्कि पिछले 11 वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संचालित सेवा-भाव से प्रेरित शासन की सोच का मूर्त रूप है। इस परिसर को आधुनिक प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया गया है, ताकि निर्णय-प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और जन-केंद्रित हो सके। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह परिसर “सरकार की शक्ति का नहीं, बल्कि सेवा के संकल्प का प्रतीक” है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां से लिए जाने वाले हर निर्णय का केंद्रबिंदु देश के 140 करोड़ नागरिक होंगे। औपनिवेशिक सोच से जनसेवा की ओर नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक ब्रिटिश काल में प्रशासनिक नियंत्रण और हुकूमत की सोच के तहत निर्मित किए गए थे। प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में कहा कि स्वतंत्र भारत अब उसी स्थान से सेवा और कर्तव्य की नई संस्कृति को आगे बढ़ा रहा है। इसी क्रम में निर्मित कर्तव्य भवन और ‘सेवा तीर्थ’ जैसे आधुनिक परिसरों को जनता की आकांक्षाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप डिजाइन किया गया है। ये इमारतें शासन की मानसिकता में आए बदलाव—हुकूमत से सेवा की ओर—को दर्शाती हैं। विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम सरकार का मानना है कि ‘सेवा तीर्थ’ से प्रशासनिक कार्यों में समन्वय, तकनीकी दक्षता और निर्णय लेने की गति में सुधार होगा। इसका सीधा लाभ आम नागरिकों तक योजनाओं और जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों की बेहतर पहुँच के रूप में दिखाई देगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परिसर विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध होगा। यहां से लिए गए फैसले किसी विशेष वर्ग या सत्ता के केंद्रित दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि समग्र राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर होंगे।  “अमृत भावना” के साथ समर्पण अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि अमृत काल की भावना के साथ ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ को देश की जनता को समर्पित किया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की सच्ची शक्ति—जनता की अपेक्षाओं और विश्वास—को समर्पित बताया।

फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम: 10 से 27 फरवरी तक सर्वजन दवा सेवन अभियान, घर-घर पहुंच रहीं आशा कार्यकर्ता

छपरा, 13 फरवरी। जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के संकल्प के साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 फरवरी से 27 फरवरी तक सर्वजन दवा सेवन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिला रही हैं, ताकि इस गंभीर और लाइलाज बीमारी की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जो एक बार होने पर व्यक्ति को जीवनभर के लिए अपंग बना सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका इलाज संभव नहीं है, इसलिए बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है। इसी उद्देश्य से यह व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। दवा पूरी तरह सुरक्षित, हल्के लक्षण शुभ संकेत सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी हैं। उन्होंने बताया कि दवा सेवन के बाद यदि किसी को हल्की उल्टी, चक्कर या असहजता महसूस होती है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह किसी खतरे का संकेत नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि दवा शरीर में मौजूद माइक्रो-फाइलेरिया परजीवियों पर असर कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ऐसे लक्षण दिखने पर अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रखंड स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई है, जो तुरंत उपचार उपलब्ध करा रही है। खाली पेट न लें दवा, कुछ वर्गों को छूट स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि फाइलेरिया रोधी दवा खाली पेट नहीं खानी है। साथ ही 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा अत्यंत गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जानी है। इन वर्गों को छोड़कर सभी पात्र नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सामने ही दवा का सेवन करें, जिससे अभियान की पारदर्शिता और सफलता सुनिश्चित हो सके। नगरा प्रखंड की घटना से स्पष्ट हुई तत्परता अभियान के दौरान हाल ही में नगरा प्रखंड में दवा सेवन के बाद तीन बच्चियों को घबराहट और उल्टी की शिकायत हुई थी। सूचना मिलते ही रैपिड रिस्पांस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर तीनों बच्चियों का उपचार किया। उपचार के बाद वे पूरी तरह स्वस्थ हो गईं। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय और सजग है। सामूहिक भागीदारी से ही संभव है सफलता जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार ने कहा कि फाइलेरिया के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सहभागिता आवश्यक है। यदि कुछ लोग दवा का सेवन नहीं करेंगे, तो संक्रमण की श्रृंखला बनी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग ने पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे आगे आकर लोगों को जागरूक करें। गांव-गांव और टोला-टोला तक सही जानकारी पहुंचाकर ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब हर नागरिक जिम्मेदारी निभाते हुए दवा का सेवन करेगा और अफवाहों से दूर रहकर स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करेगा।

छपरा में सोलर मेला: ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ से बिजली बिल शून्य करने की ओर बढ़ते कदम

जिलाधिकारी ने किया उद्घाटन, हजारों आवेदकों और बैंकों-वेंडर्स की मौजूदगी में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का आह्वान छपरा, 13 फरवरी: नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के तत्वावधान में विद्युत आपूर्ति अंचल, छपरा द्वारा “पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना” के तहत एक दिवसीय सोलर मेला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन शहर के प्रसिद्ध श्री भिखारी ठाकुर प्रेक्षा गृह में हुआ, जहां सौर ऊर्जा को लेकर लोगों में उत्साह और जागरूकता साफ दिखाई दी। इस मेले में सोलर रूफटॉप लगवाने के इच्छुक उपभोक्ताओं, विभिन्न सोलर एजेंसियों, बैंक प्रतिनिधियों और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का एक साथ समागम हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा उन्हें योजना के तहत उपलब्ध सब्सिडी और ऋण सुविधाओं की जानकारी देना था। सरकार दे रही आकर्षक सब्सिडी “पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना” के अंतर्गत बिहार सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर रूफटॉप लगाने पर आकर्षक सब्सिडी प्रदान कर रही है।  1 किलोवाट क्षमता पर ₹30,000 2 किलोवाट क्षमता पर ₹60,000 3 किलोवाट क्षमता पर ₹78,000 सारण जिले में अब तक लगभग 2700 आवेदकों ने इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया है, जो इस योजना की लोकप्रियता को दर्शाता है। जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सोलर रूफटॉप के माध्यम से उपभोक्ता अपने बिजली बिल को काफी हद तक कम या शून्य कर सकते हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से इस योजना का अधिकाधिक लाभ लेने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। इस अवसर पर ऐसे उपभोक्ताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया, जिन्होंने इस योजना का लाभ लेकर अपना बिजली बिल शून्य करने में सफलता पाई है। बैंकों से सहयोग का आह्वान जिलाधिकारी ने विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों से लाभार्थियों को उदारतापूर्वक ऋण उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि आर्थिक बाधा किसी भी उपभोक्ता के लिए सौर ऊर्जा अपनाने में रुकावट न बने। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों को प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित भी किया। मेले में विभिन्न वेंडर्स एवं बैंकों द्वारा लगाए गए स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। जिलाधिकारी ने स्टॉलों का अवलोकन कर सोलर पैनल की तकनीक, गुणवत्ता और लागत से संबंधित जानकारी ली। ऊर्जा विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी मुखिया एवं पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ग्रामीण स्तर पर इस योजना के प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन को तेज किया जाए, ताकि अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ सकें। कार्यक्रम में अधीक्षण अभियंता, आरईसी के ऑफिसर इन चार्ज, विद्युत आपूर्ति पूर्वी एवं पश्चिमी के कार्यपालक अभियंता, जिला अग्रणी प्रबंधक, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, सोलर वेंडर्स, आवेदक एवं लाभार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी जिला जज के ई-मेल पर आया संदेश

आधी रात के बाद मचा हड़कंप; सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, परिसर खाली कराया गया वाराणसी, शुक्रवार। धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में गुरुवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब जिला जज के आधिकारिक ई-मेल पर कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। रात करीब 1:30 बजे आए इस ई-मेल की सूचना मिलते ही न्यायिक और पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। एहतियातन कचहरी परिसर को खाली कराया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। आधी रात के संदेश से बढ़ी हलचल सूत्रों के अनुसार, जिला जज को भेजे गए ई-मेल में कथित तौर पर आतंकवादी संगठन के नाम का उल्लेख करते हुए डेढ़ बजे कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। संदेश की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित किया गया। सुबह होते-होते कचहरी परिसर में गहमागहमी का माहौल बन गया। अधिवक्ताओं और कर्मचारियों में चिंता साफ दिखाई दी। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए अदालतों में चल रहे मामलों में अगली तारीखें देने का निर्णय लिया गया और लोगों से परिसर खाली करने का अनुरोध किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने संभाला मोर्चा धमकी की सूचना मिलते ही डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार और कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा पुलिस बल और बम निरोधक दस्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पूरे कचहरी परिसर की सघन जांच शुरू की गई। संदिग्ध वस्तुओं की तलाश में हर चैंबर, कोर्ट रूम और सार्वजनिक स्थानों की बारीकी से जांच की गई। अधिवक्ताओं ने भी प्रशासन के साथ सहयोग करते हुए अपने-अपने चैंबरों की जांच की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के सभी मानक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है। बार एसोसिएशन की बैठक सेंट्रल बार अध्यक्ष प्रेमप्रकाश सिंह गौतम ने बताया कि जिला जज ने दोनों बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री को अपने चैंबर में बुलाकर ई-मेल की जानकारी दी। इसके बाद बार पदाधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए न्यायिक कार्य स्थगित करने का निर्णय लिया गया। धमकी भरे ई-मेल की सत्यता और स्रोत की पड़ताल के लिए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। ई-मेल किस सर्वर से भेजा गया और उसका तकनीकी स्रोत क्या है, इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे गंभीरता से लेते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह घटना न केवल न्यायिक व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि डिजिटल माध्यम से मिल रही धमकियों के बढ़ते खतरे की भी ओर संकेत करती है। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।