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एशिया कप 2023 : गिल का शतक बेकार, भारत छह रन से हारा

कोलंबो, 16 सितंबर: शुभमन गिल (121) के शानदार शतक और अक्षर पटेल (42) की जुझारू पारी के बावजूद भारत को एशिया कप के सुपर फोर चरण के आखिरी मुकाबले में बांग्लादेश के हाथों छह रनों से नजदीकी हार का सामना करना पड़ा। आर प्रेमदासा स्टेडियम में बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुये निर्धारित 50 ओवर में 265 रन बनाये जिसके जवाब में भारत की पूरी टीम 49.5 ओवरों में 259 रन बनाकर पवेलियन लौट गयी। एशिया कप के फाइनल में पहले ही स्थान बना चुकी भारतीय टीम पांच बदलाव के साथ मैदान पर उतरी थी। एक समय चार अहम विकेट मात्र 59 रनों पर गंवा चुकी श्रीलंका ने कप्तान शाकिब अल हसन (80),मोहम्मद तौहीद हृदोय (54) और नासुम अहमद (44) के शानदार प्रदर्शन के दम पर 265 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर हासिल किया जबकि बाद में गेंदबाजाें ने नियमित अंतराल में भारत की मजबूत कही जाने वाली बल्लेबाजी को बौना साबित करते हुये 2012 के एशिया कप फाइनल का इतिहास दोहरा दिया। भारतीय टीम के शतकवीर शुभमन गिल एक छोर पर टिक कर दूसरे छोर पर रोहित शर्मा (0),पदार्पण मैच खेलने वाले तिलक वर्मा (5),इशान किशन (5),रविंद्र जडेजा (7) को सस्ते में आउट होते देखते रहे वहीं केएल राहुल (19) और सूर्य कुमार यादव (26) भी अपनी टीम के लिये कुछ खास नहीं कर सके। शार्दुल ठाकुर भी मात्र 11 रन पर आउट हुये हालांकि आखिरी ओवरों में अक्षर पटेल (42) ने तेजी से रन बनाकर भारत की उम्मीदों को हवा दी मगर उनके आउट होते ही बांग्लादेश की जीत औपचारिकता मात्र रह गयी। तनज़ीम हसन साकिब ने रोहित शर्मा और तिलक वर्मा के विकेट जल्दी निकाल कर भारत के मध्यक्रम पर दवाब बढाया जबकि बीच के ओवरों में शाकिब अल हसन (एक विकेट),महेदी हसन (दो विकेट) और मेहदी हसन मिराज ने एक विकेट चटका कर मध्यक्रम की रीढ तोड दी। आखिरी के ओवरों में मुस्तफ़िज़ुर रहमान (50 रन पर तीन विकेट) ने भारतीय पारी का पुलिंदा बांध कर सुपर फोर चरण में अपनी टीम को पहली जीत दिलाते हुये सकून भरी घर वापसी का मार्ग प्रशस्त किया। मौजूदा एशिया कप में भारत की यह पहली हार है मगर इस हार के बावजूद शुभमन गिल अपनी जिंदा दिल बल्लेबाजी के कारण करोड़ों भारतीय प्रशंसकों का दिल जीत ले गये। उन्होने अपनी शतकीय पारी में 133 गेंद खेलकर आठ चौके और पांच छक्के जडे 49वें ओवर में गेंद को हिट करने के प्रयास में अपना विकेट गंवाने वाले अक्षर ने 34 गेंदो की पारी में तीन चौके और दो छक्के लगाये। भारत ने इस मुकाबले के लिये टीम में पांच बदलाव किये थे। तिलक वर्मा की इस मुकाबले के जरिये एक दिवसीय मैच में पदार्पण हुआ है, उनके अलावा सूर्य कुमार यादव, मोहम्मद शमी, शार्दुल ठाकुर और प्रसिद्ध कृष्णा टीम में आए हैं। टीम इंडिया 17 सितंबर को इसी स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ होने वाले फाइनल से पहले बंगलादेश के साथ मैच को तैयारी के तौर पर देखेगी। बंगलादेश ने एक समय 10 ओवर के बाद तीन विकेट गंवाकर 44 रन बनाए थे, लेकिन बाद में महेंदी हसर मिराज और शाकिब हसन ने पारी को संभाला। दसवें ओवर में शार्दुल ठाकुर की तीसरी गेंद पर मिड विकेट पर खड़े तिलक ने मेहदी हसन मिराज का आसान कैच छोड़ दिया। इसके बाद आखिरी गेंद पर सूर्यकुमार यादव ने भी मेहदी का कैच छोड़ा। 14वें ओवर में 59 के स्कोर पर बंगलादेश काे चौथा झटका लगा। अक्षर पटेल ने मेहदी हसन मिराज को रोहित शर्मा के हाथों कैच कराया। मिराज ने 23 गेदों पर 13 रन ही बनाए। इसके बाद मिडिल ऑर्डर ने टीम को संभाला और बंगलादेश का पांचवां विकेट 161 रन पर शाकिब के रूप में गिरा। शाकिब शतक बनाने से चूक गये। शाकिब ने 85 गेंदों में छह चौके और तीन छक्के की मदद से 80 रन की पारी खेली। शाकिब ने तौहिद हृदोय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 101 रन की साझेदारी निभाई। इसके ठीक अगले ओवर (35वें) में रवींद्र जडेजा ने शमीम हुसैन को पगबाधा आउट किया। वह एक रन बना सके। इस विकेट के साथ वनडे में जडेजा के 200 विकेट पूरे हो गए हैं। वह इस मुकाम को हासिल करने वाले सातवें भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। इससे पहले अनिल कुंबले (337), जवागल श्रीनाथ (315), अजीत अगरकर (288), जहीर खान (282), हरभजन सिंह (269) और कपिल देव (253) ऐसा कर चुके हैं। बंगलादेश की टीम में सबसे ज्यादा 80 रन का योगदान कप्तान शाकिब अल हसन ने दिया। उसके बाद तौहिद हृदोय ने 54, नसुम अहमद ने 44 और महेदी हसन ने 29 रन बनाए। भारत के लिए शार्दुल ठाकुर ने तीन और मोहम्मद शमी ने दो विकेट लिए। प्रसिद्ध, अक्षर और जडेजा के खाते में एक-एक विकेट आया।

एशिया कपः लो-स्कोरिंग मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 41 रनों से हराया

कोलंबो, 13 सितंबर: बेहतरीन गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण की बदौलत भारत ने मंगलवार को एक लो स्कोरिंग मैच में मेजबान श्रीलंका को 41 रनों से हरा कर शान के साथ एशिया कप 2023 के फाइनल में प्रवेश कर लिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुये 49.1 ओवर में 213 रन बनाये जिसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 41.3 ओवर के खेल में 172 रन बना कर पवेलियन लौट गयी। भारत की इस जीत में गेंदबाजों के साथ साथ क्षेत्ररक्षण का भी योगदान अहम रहा। पाकिस्तान के खिलाफ पांच विकेट लेने वाले कुलदीप यादव ने श्रीलंका के खिलाफ भी शानदार गेंदबाजी का मुजाहिरा किया और 43 रन देकर चार विकेट लिये वहीं बल्लेबाजी में विफल रहे रवीन्द्र जडेजा ने कप्तान दसून शानका (9) के अलावा धनंजय डिसिल्वा (41) का विकेट लेकर दुनिथ वेल्लालगे (41) के साथ पनप रही खतरनाक साझीदारी को तोड़ा जो अंतत: भारत की जीत का कारक बनी। हार्दिक पंडया ने बीच के ओवरों में अपनी भूमिका का बखूबी निर्वहन किया। उन्होने कंजूसी भरी गेंदबाजी करते हुये महीश थीक्षणा (2) का विकेट चटकाया जिनका शानदार कैच मिड आन पर स्थानापन्न खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव ने डाइव लगाते हुये लिया। इससे पहले जसप्रीत बुमराह ने पथुम निसंका (6) और कुसल मेंडिस (15) का विकेट चटका कर भारत की उम्मीदों को पंख लगाये।दिमुथ करुणारत्ने (2) को मोहम्मद सिराज ने शुभमन गिल के हाथों कैच आउट कर निपटाया। भारत की जीत के बावजूद श्रीलंका के हरफनमौला दुनिथ वेल्लालगे पूरे मैच में आकर्षण का केंद्र बने। बीस वर्षीय युवा वेल्लालगे ने न सिर्फ पांच अहम विकेट चटका कर भारत की पारी को कम स्कोर पर सीमित करने में महती भूमिका निभायी बल्कि बाद में बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन् करते हुये नाबाद 42 रन बनाये। उन्हे प्लेयर आफ द मैच घोषित किया गया। इससे पहले दुनिथ वेल्लालगे (40 रन पर पांच विकेट) और चरिथ असलंका (18 रन पर चार विकेट) की घातक फिरकी गेंदबाजी के बीच कप्तान रोहित शर्मा (53),इशान किशन (33) और के एल राहुल (39) की उपयोगी पारियों की मदद से भारत ने 49.1 ओवर के खेल में 213 रन बनाये। आर प्रेमदास स्टेडियम पर टास जीत कर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने सधी शुरूआत की। रोहित शर्मा ने शुभमन गिल (19) के साथ पहले 11 ओवर में तेज गति से 80 रन जोड़े। तेज गेंदबाजो की धुनायी होते देख श्रीलंका के कप्तान दसून शनाका ने गेंद स्पिनरों को थमायी जिन्होने निराश नहीं किया। बीस वर्षीय वेल्लालगे ने सबसे पहले गिल को क्लीन बोल्ड आउट कर चलता किया जबकि अपने अगले ओवर में उन्होने विराट कोहली (3) को मिड विकेट पर कैच करा कर भारत को सबसे बड़ा झटका दिया। भारतीयों के लिये खतरनाक बन चुके वेल्लालगे यहीं नहीं थमे और उन्होने रोहित शर्मा की गुल्लियां उड़ा कर विपक्षी टीम को बैकफुट पर ला दिया। मात्र 11 रनों के अंतर पर तीन अहम विकेट गंवाने के बाद इशान किशन और केएल राहुल ने धैर्य का परिचय देते हुये स्कोरबोर्ड को आगे चलाना शुरू किया। दोनाे खिलाडियों ने चौथे विकेट के लिये महत्वपूर्ण 63 रन जोड़े मगर इस बीच राहुल वेल्लालगे की एक गेंद पर रिवर्स कैच थमा बैठे। हार्दिक पंड्या (5) और रवीन्द्र जडेजा (4) चरिथ असलंका के शिकार बने। उनके सस्ते में आउट होने से टीम पर फिर संकट के बादल मंडराने लगे। बुमराह (5) और कुलदीप यादव (0) के आउट होने के बाद भारतीय पारी के 200 रनों के भीतर सिमटने की संभावना प्रबल हो चुकी थी मगर आखिरी बल्लेबाज के तौर पर क्रीज पर उतरे मोहम्मद सिराज (5 नाबाद) ने अक्षर पटेल (26) का भरपूर साथ निभाते हुये स्कोर को 213 रनों तक पहुंचाने मे सफलता हासिल की। वेल्लालगे के अलावा असलंका श्रीलंका की ओर से सर्वाधिक प्रभावी गेंदबाज बने जिन्होने नौ ओवरों में मात्र 18 रन खर्च कर चार विकेट अपनी झोली में डाले और स्पिन के खिलाफ भारत की मजबूत बल्लेबाजी को बौना साबित कर दिया।

एशिया कप 2023 : पाकिस्तान ने नेपाल को किया चारों खाने चित

मुल्तान, 31 अगस्त : कप्तान बाबर आज़म (151) और इफ्तिख़ार अहमद (109 नाबाद) के विस्फोटक शतकों की बदौलत पाकिस्तान ने एशिया कप 2023 के उद्घाटन मैच में बुधवार को नेपाल को 238 रन से रौंदकर टूर्नामेंट का दमदार आगाज़ किया। पाकिस्तान ने नेपाल के सामने 343 रन का विशाल लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में नेपाल की पूरी टीम 23.4 ओवर में 104 रन पर सिमट गयी। बाबर ने अपना 19वां वनडे शतक जड़ते हुए 131 गेंद पर 14 चौकों और चार छक्कों के साथ 151 रन बनाये, जो एशिया कप में किसी कप्तान का सबसे बड़ा स्कोर है। बाबर इसी के साथ सबसे कम पारियों (102) में 19 वनडे शतक बनाने वाले बल्लेबाज बन गये। बाबर के साथी इफ्तिखार ने 71 गेंद पर 11 चौके और चार छक्के जड़कर नाबाद 109 रन बनाये और दोनों ने पांचवें विकेट के लिये 214 रन की साझेदारी बुनकर नेपाल के गेंदबाजों को पस्त कर दिया। नेपाल की ओर से सोमपाल कामी ने सर्वाधिक 28 रन बनाये, जबकि आरिफ शेख ने 26 रन की पारी खेली। टीम के आठ बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। पाकिस्तान के लिये शादाब खान ने सर्वाधिक चार विकेट चटकाये, जबकि शाहीन अफरीदी और हारिस रऊफ को दो-दो विकेट मिले। नसीम शाह और मोहम्मद नवाज़ को एक-एक विकेट हासिल हुआ। यह एकदिवसीय क्रिकेट में पाकिस्तान की तीसरी सबसे बड़ी जीत है, जबकि एशिया कप के इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी जीत है। एशिया कप की सबसे बड़ी जीत भारत ने 2008 में हॉन्ग कॉन्ग के ऊपर (256 रन) दर्ज की थी। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया लेकिन उसके सलामी बल्लेबाज मुल्तान स्टेडियम की आसान पिच पर मज़बूत शुरुआत नहीं कर सके। फखर ज़मान 20 गेंद पर तीन चौकों की मदद से 14 रन बनाने के बाद करण केसी का शिकार हुए, जबकि इमाम उल हक़ 14 गेंद पर पांच रन बनाकर रनआउट हो गये। शुरुआती झटकों के बाद बाबर ने मोहम्मद रिज़वान के साथ पारी को संभालते हुए तीसरे विकेट के लिये 86 रन की साझेदारी की लेकिन रिज़वान के रूप में पाकिस्तान का दूसरा बल्लेबाज रनआउट हो गया। रिज़वान ने 50 गेंद पर छह चौकों की मदद से 44 रन बनाये और दूसरा रन चुराने की कोशिश में आउट हो गये। पहली बार एशिया कप खेल रहे नेपाल ने आग़ा सलमान (पांच) को भी छोटे स्कोर पर पवेलियन लौटा दिया, लेकिन बाबर-इफ्तिखार की जोड़ी मेहमान टीम के गले का कांटा साबित हुई। इफ्तिखार ने इस साझेदारी में आक्रामक भूमिका निभाते हुए 43 गेंद में अर्द्धशतक पूरा किया। बाबर 109 गेंद में सैकड़े तक पहुंचे, लेकिन 100 रन का आंकड़ा पार करते ही उन्होंने अपनी पारी की रफ्तार बदल दी। बाबर ने 43वें ओवर में गुलशन झा के खिलाफ अपना पहला छक्का जड़ा। कुछ देर बाद उन्होंने संदीम लमिछाने को लगातार दो छक्के जड़ते हुए 46वें ओवर में 19 रन जोड़े। इस बीच इफ्तिखार ने भी अपनी आक्रामकता कम नहीं होने दी और 49वें ओवर में लगातार गेंदों पर छक्का और चौका लगाकर 67 गेंद पर शतक पूरा किया। पाकिस्तान ने आखिरी ओवर में बाबर और शादाब (दो गेंद, चार रन) के विकेट गंवाये, लेकिन 11 रन बटोर कर 342/6 का विशाल स्कोर भी खड़ा किया। नेपाल के लिये सोमपाल कमी ने दो विकेट लिये, हालांकि वह 10 ओवर में 85 रन देकर टीम के सबसे महंगे गेंदबाज भी साबित हुए। करण ने नौ ओवर में 54 रन देकर एक विकेट लिया, जबकि लमिछाने ने 10 ओवर में 69 रन देकर एक विकेट हासिल किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरे नेपाल के पास पाकिस्तान की धारदार तेज़ गेंदबाज़ी का कोई जवाब नहीं था। शाहीन अफरीदी ने पहले ही ओवर में कुशल भुर्तेल और कप्तान रोहित पौडेल को आउट किया, जबकि सलामी बल्लेबाज आसिफ शेख अगले ओवर में नसीम शाह का शिकार हो गये। दो ओवर में तीन विकेट गिरने के बाद आरिफ और सोमपाल ने चौथे विकेट के लिये 59 रन की साझेदारी की, हालांकि यह नेपाल की पारी का एकमात्र अच्छा समय था। हारिस ने 15वें ओवर में आरिफ को आउट कर यह साझेदारी तोड़ी और कुछ देर बाद सोमपाल को भी पवेलियन का रास्ता दिखाया। नेपाल का पांचवां विकेट 82 रन पर गिरने के बाद बचे हुए खिलाड़ियों ने स्पिनरों के आगे घुटने टेक दिये। शादाब खान ने गुलशन झा, कुशल मल्ला, संदीप लमिछाने और ललित राजबंशी को आउट किया, जबकि दीपेंद्र सिंह ऐरी नवाज़ का एकमात्र शिकार हुए। पाकिस्तान का अगला मुकाबला दो सितंबर को भारत से होगा, जबकि नेपाल चार सितंबर को भारत का सामना करेगी।

नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने

बुडापेस्ट, 28 अगस्त: शीर्ष भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के 40 साल के इतिहास में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीत लिया है। नेशनल एथलेटिक्स सेंटर में रविवार को हुए फाइनल में टोक्यो ओलंपिक चैंपियन नीरज ने 88.17 के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ विश्व चैंपियन का ताज अपने सिर सजाया। पाकिस्तान के अरशद नदीम 87.82 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि चेक गणराज्य के जाकुब वाडलेच ने 86.67 मीटर की दूरी पर भाला फेंककर कांस्य पदक हासिल किया। पहला थ्रो रद्द होने के बाद नीरज ने दूसरे ही प्रयास में जैवलिन को 88.17 मीटर की दूरी पर फेंक दिया। नीरज ने अपने अगले चार प्रयासों में क्रमशः 86.32, 84.64, 87.73 और 83.98 मीटर की दूरी तक भाला फैंका, लेकिन उनके दूसरे प्रयास के दम से भारत की झोली में स्वर्ण पदक आया। नीरज विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट हैं, जबकि पिछले साल उन्होंने यूजीन में आयोजित टूर्नामेंट में रजत पदक हासिल किया था। नीरज के अलावा अंजू बॉबी जॉर्ज (महिला लंबी कूद कांस्य, 2003) विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिये पदक जीतने वाली एकमात्र एथलीट हैं। गौरतलब है कि नीरज का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 89.94 मीटर का है, जो स्टॉकहॉम डायमंड लीग 2022 में दर्ज किया था। नीरज का रविवार रात का थ्रो उनके सर्वश्रेष्ठ पांच प्रयासों में न होने के बावजूद इतिहास के पन्नों में उनका नाम दर्ज करवाने के लिये काफी था। नीरज ने इस जीत के बाद कहा, “यह बहुत अच्छा था। ओलंपिक स्वर्ण के बाद मैं वास्तव में विश्व चैंपियनशिप जीतना चाहता था। मैं बस और आगे बढ़ना चाहता था। यह राष्ट्रीय टीम के लिए शानदार है लेकिन विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतना मेरा सपना था।” उन्होंने कहा, “यह भारत के लिये एक शानदार चैंपियनशिप रही है और मुझे अपने देश के लिये एक और खिताब लाने पर गर्व है। मुझे नहीं लगता कि मैं यहां सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हूं। मैं आज रात और बेहतर प्रदर्शन करना चाहता था। मैं आज रात 90 मीटर का निशान पार करना चाहता था। मैं आज शाम यह सब एक साथ नहीं कर सका, शायद अगली बार।” नीरज के हमवतन किशोर जेना (84.77 मीटर) ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पांचवां स्थान हासिल किया। डीपी मनू 84.14 मीटर की थ्रो के साथ छठे स्थान पर रहे। विश्व चैंपियनशिप की भाला फेंक प्रतियोगिता में पहली बार तीन भारतीय शीर्ष आठ में रहे हैं। नीरज अब भाला फेंक प्रतियोगिताओं में हर संभव बड़ा खिताब जीत चुके हैं। अपने ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण और डायमंड लीग खिताब के अलावा नीरज एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप (2017), एशियाई खेल (2018) और राष्ट्रमंडल खेल (2018) चैंपियन भी हैं। उन्होंने विश्व जूनियर चैंपियनशिप (2016) में भी स्वर्ण जीता था।

भारत ने 33 रन से जीता दूसरा टी20, शृंखला में बनायी अजेय बढ़त

डबलिन, 21 अगस्त : भारत ने रुतुराज गायकवाड़ (43 गेंद, 58 रन) के शानदार अर्द्धशतक के बाद जसप्रीत बुमराह (15/2) की अगुवाई में गेंदबाजों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की बदौलत रविवार को दूसरे टी20 में आयरलैंड को 33 रन से हराकर तीन मैचों की शृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। भारत ने आयरलैंड के सामने 20 ओवर में 186 रन का लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में मेज़बान टीम आठ विकेट के नुकसान पर 152 रन ही बना सकी। गायकवाड़ ने 43 गेंद पर छह चौके और एक छक्का लगाकर 58 रन बनाये, जबकि संजू सैमसन (26 गेंद, 40 रन), रिंकू सिंह (21 गेंद, 38 रन) और शिवम दूबे (16 गेंद, 22 रन) ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिये। आयरलैंड के लिये सलामी बल्लेबाज एंड्र्यू बालबर्नी ने 51 गेंद पर पांच चौकों और चार छक्कों के साथ 72 रन बनाये लेकिन उनका जुझारू प्रयास मेज़बान टीम को जीत दिलाने के लिये नाकाफ़ी साबित हुआ। कप्तान बुमराह ने अपनी फिटनेस और फॉर्म का प्रमाण देते हुए चार ओवर में मात्र 15 रन देकर दो विकेट लिये, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा और रवि बिश्नोई को भी दो-दो विकेट हासिल हुए। अर्शदीप सिंह ने एक विकेट चटकाया। टॉस हारकर बल्लेबाजी करते हुए भारत ने तेज़ शुरुआत की लेकिन शानदार फील्डिंग की बदौलत आयरलैंड ने पावरप्ले में दो विकेट चटका लिये। दो चौके और एक छक्का लगाकर अच्छी लय में दिख रहे जायसवाल (11 गेंद, 18 रन) स्क्वेयर लेग बाउंड्री पर कर्टिस कैंफर के दर्शनीय कैच की भेंट चढ़े, जबकि जॉर्ज डॉकरेल ने तिलक वर्मा का मुश्किल कैच लपककर उन्हें पवेलियन लौटाया। भारत को शुरुआती झटके लगने के बाद गायकवाड़ और सैमसन ने पारी को संभालकर तीसरे विकेट के लिये 71 रन की साझेदारी की। गायकवाड़ ने आठवें ओवर में क्रेग यंग को दो चौके लगाये, जबकि सैमसन ने भी 11वें ओवर में जोशुआ लिटिल को तीन चौके और एक छक्का जड़कर 18 रन जोड़े। सैमसन अपने अर्द्धशतक की ओर बढ़ रहे थे लेकिन बेंजमिन व्हाइट की एक गेंद को विकेटों पर खेल बैठे। उन्होंने आउट होने से पहले 26 गेंद पर पांच चौके और एक छक्का लगाकर 40 रन बनाये। गायकवाड़ ने चौके के साथ अपना दूसरा टी20 अर्द्धशतक पूरा किया, लेकिन वह भी कुछ देर बाद बैरी मकार्थी का शिकार हो गये। क्रीज़ पर पांव जमा चुके दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद भारत की रनगति प्रभावित हुई लेकिन रिंकू और दूबे ने आखिरी दो ओवरों में 42 रन जोड़कर इसकी भरपाई कर ली। पहली बार भारत के लिये बल्लेबाजी करने उतरे रिंकू ने 21 गेंद पर दो चौके और तीन छक्के लगाकर 38 रन बनाये, जबकि दूबे 16 गेंद पर दो छक्कों की मदद से 22 रन बनाकर नाबाद रहे। बालबर्नी ने दूसरे ओवर में अर्शदीप सिंह को दो चौके लगाकर पारी की तेज़ शुरुआत की, लेकिन दूसरे छोर से विकेटों का पतन होता रहा। प्रसिद्ध कृष्णा ने दूसरे ओवर में पॉल स्टर्लिंग और लोर्कान टकर को शून्य के स्कोर पर पवेलियन भेजा, जबकि पावरप्ले के आखिरी ओवर में रवि बिश्नोई ने हैरी टेक्टर को बोल्ड किया। कर्टिस कैंफर ने क्रीज़ पर 17 गेंद का समय बिताया लेकिन वह इस दौरान एक छक्के के साथ 18 रन ही बना सके। आयरलैंड 10 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 64 रन ही बना सकी और उसकी पारी को गति देने की ज़िम्मेदारी बालबर्नी पर आ गयी। बालबर्नी ने यहां महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए जॉर्ज डॉकरेल के साथ पांचवें विकेट के लिये 30 गेंद पर 52 रन की साझेदारी की। आयरलैंड को जब 31 गेंद पर 71 रन चाहिये थे तब डॉकरेल (11 गेंद, 13 रन) के रनआउट के साथ मेज़बान टीम को बड़ा झटका लगा। बालबर्नी ने 16वें ओवर में अर्शदीप को छक्का लगाया लेकिन अगली ही गेंद पर उनके आउट होने के साथ आयरलैंड की उम्मीदें लगभग समाप्त हो गयीं। मार्क एडेयर ने आखिरी ओवरों में कुछ बड़े शॉट लगाकर दर्शकों का मनोरंजन किया लेकिन वह हार का अंतर ही कम कर सके। बुमराह ने आखिरी ओवर मेडेन फेंकते हुए एडेयर (15 गेंद, 23 रन) का विकेट निकाला और भारत को 33 रन से जीत दिलाई। भारत और आयरलैंड अब बुधवार को तीसरे टी20 में आमने-सामने होंगे।

भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम मेजबान जर्मनी से 2-3 से हारी

डसेलडोर्फ, 20 अगस्त : सुदीप चिरमाको ने दो गोल दागे लेकिन चार देशों के टूर्नामेंट में यह भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम को जर्मनी के खिलाफ जीत दिलाने के लिए काफी नहीं था। मेजबान जर्मनी ने मिशेल स्ट्रूथॉफ (41 वां मिनट), बेन हस्बैक (53वां मिनट), और फ्लोरियन स्पर्लिंग (55वां) के गोल के दम पर इस मुकाबले को 3-2 से जीत लिया। चिरमाको ने सातवें और 60वें मिनट में भारत के लिए गोल किये। स्पेन पर 6-2 की जीत के बाद भारतीय टीम इस मुकाबले में बढ़े हुए हौसले से उतरी थी। टीम ने सातवें मिनट में चिरमाको के गोल की मदद से शुरुआती बढ़त हासिल कर ली। जर्मनी के बराबरी करने की पूरी कोशिश की लेकिन भारत पहले क्वार्टर में अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। जर्मनी ने दूसरे क्वार्टर में अपनी खेल की गति बढ़ाई और भारतीय रक्षापंक्ति ने उसे माकूल जवाब दिया। इस बीच भारतीय टीम ने भी जवाबी हमले किये लेकिन प्रतिद्वंद्वी टीम का भी रक्षण शानदार रहा। मध्यांतर के समय तक भारतीय टीम अपनी बढ़त को बरकरार रखने में सफल रही। दूसरे हाफ की शुरुआत में जर्मनी ने मैच का अपना पहला गोल हासिल करने के लिए पूरा दमखम झोक दिया लेकिन भारत अच्छी तरह से बचाव करने में सफल रहा। स्ट्रूथॉफ ने 41वें मिनट में भारतीय रक्षापंक्ति को भेद को गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा कर स्कोर को 1-1 से बराबर कर दिया। मैच के आखिरी 15 मिनट में दोनों टीमों ने बढ़त लेने के लिए खेल की गति को बढ़ाया। जर्मनी ने इस बीच भारतीय रक्षापंक्ति की कमजोरी का फायदा उठाते हुए दो मिनट के अंदर दो गोल कर 3-1 कर बढ़त बना ली। हस्बैक ने 53वें मिनट में टीम को बढ़त दिलाई तो वहीं स्पर्लिंग इस अंतर को और बड़ा किया। मैच के आखिरी क्षणों में चिरमाको ने अपना दूसरा गोल दागा लेकिन यह टीम को हार से बचाने के लिए काफी नहीं थाा। भारतीय टीम अपने अगले मुकाबले में सोमवार को इंग्लैंड का सामना करेगी।

भारत शान से एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में, मलेशिया से होगा खिताबी मुकाबला

चेन्नई, 12 अगस्त : भारत ने अपने आक्रामक और रणनीतिक खेल का खूबसूरत नजारा पेश करते हुए शुक्रवार को यहां जापान को 5-0 से करारी शिकस्त देकर एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) हॉकी प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश किया जहां उसका सामना शनिवार को मलेशिया से होगा। मलेशिया ने पहले सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 6-2 से पराजित किया। भारत ने राउंड रोबिन लीग चरण में मलेशिया को 5-0 से करारी शिकस्त दी थी और वह फाइनल में खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगा। तीन बार के चैंपियन भारत की तरफ से आकाशदीप सिंह (19वें मिनट), कप्तान हरमनप्रीत सिंह (23वें मिनट), मनदीप सिंह (30वें मिनट), सुमित (39वें मिनट) और सेल्वम कार्ति (51वें मिनट) ने गोल किये। जापान ने लीग चरण में भारत को 1-1 से बराबरी पर रोका था लेकिन शुक्रवार को दूसरे सेमीफाइनल में पहले क्वार्टर को छोड़कर भारतीयों के सामने उसकी एक नहीं चली। पहले क्वार्टर में भारतीय टीम अपने आक्रामक तेवरों का खुलकर प्रदर्शन नहीं कर पाई लेकिन दूसरे क्वार्टर में उसने 12 मिनट के अंदर तीन गोल करके इसकी भरपाई कर दी। भारत को खेल के दूसरे मिनट में ही जरमनप्रीत सिंह के प्रयासों से पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन हरमनप्रीत के शॉट को जापान के गोलकीपर तकाशी योशिकावा ने पांव से बाहर का रास्ता दिखा दिया। शमशेर सिंह को इसके तुरंत बाद ग्रीन कार्ड मिलने के कारण दो मिनट तक बाहर बैठना पड़ा। भारत ने दूसरे क्वार्टर के चौथे मिनट में आकाशदीप के गोल से शुरुआती बढ़त हासिल की। हार्दिक सिंह और सुमित ने सर्किल के दाएं तरफ से यह मूव बनाया। हार्दिक का शॉट गोलकीपर ने रोक दिया लेकिन गेंद सीधे आकाशदीप के पास चली गई जिन्होंने उसे गोल में डालने कोई गलती नहीं की। भारतीय टीम को इसके चार मिनट बाद पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे हरमनप्रीत ने बड़ी खूबसूरती से गोल में बदला। मध्यांतर के ठीक पहले भारत ने मनदीप के मैदानी गोल से बढ़त 3-0 कर दी। मनदीप ने मनप्रीत सिंह के शॉट को डिफलेक्ट करके गोल में डाला। तीसरे क्वार्टर में भारत ने शुरू में ही मौका बनाया था, लेकिन उसे इसका फायदा नहीं मिला। भारतीय टीम के हमलावर तेवर हालांकि जारी रहे और ऐसे में सुमित ने मैदानी गोल करके जापान के खिलाड़ियों की पेशानी पर बल ला दिये। मनप्रीत ने इस गोल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सुमित को गेंद थमाई जिनका स्कूप गोलकीपर योशिकावा के ऊपर से गोल पोस्ट के अंदर चला गया। भारत को 43वें मिनट में भी मौका मिला था लेकिन आकाशदीप तब मनदीप के प्रयास का फायदा नहीं उठा पाए। स्थानीय खिलाड़ी कार्ति ने चौथे क्वार्टर में जब गोल किया तो पूरा स्टेडियम शोर के आगोश में डूब गया। हरमनप्रीत में सर्किल के अंदर सुखजीत सिंह को हवा में दी जिन्होंने उसे कार्ति की तरफ बढ़ा दिया। कार्ति ने बड़ी चतुराई से अपनी दिशा बदली और करारा शॉट जमाकर गेंद को गोल के हवाले किया।

भारत ने तीसरे टी20 मैच में वेस्टइंडीज को सात विकेट से हराया

गयाना, 09 अगस्त: भारत ने कुलदीप यादव (28/3) की नायाब गेंदबाजी और सूर्यकुमार यादव (44 गेंद, 83 रन) के आतिशी अर्द्धशतक की बदौलत तीसरे टी20 में मंगलवार को वेस्ट इंडीज पर सात विकेट से जीत दर्ज की। वेस्ट इंडीज ने रोवमैन पॉवेल (19 गेंद, 40 रन) के तूफानी योगदान की मदद से भारत के सामने 160 रन का लक्ष्य रखा। भारत ने करो या मरो मुकाबले में यह लक्ष्य 17.5 ओवर में हासिल कर सीरीज की हार टाल दी। वेस्ट इंडीज 15 ओवर में 106 रन ही बना सकी थी मगर पॉवेल की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से मेज़बान टीम अंतिम पांच ओवर में 53 रन जोड़ने में सफल रही। सूर्यकुमार ने हालांकि 44 गेंद पर 10 चौकों चार छक्कों की मदद से 83 रन बनाकर मैच को भारत की झोली में डाल दिया। सूर्यकुमार भले ही शतक से चूक गये, लेकिन उनकी और तिलक वर्मा (49 नाबाद) की 87 रन की साझेदारी ने भारत को 13 गेंद शेष रहते हुए लक्ष्य तक पहुंचा दिया। भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए डेब्यूटांट यशस्वी जायसवाल (एक) और शुभमन गिल (छह) के विकेट सस्ते में गंवा दिये, लेकिन सूर्यकुमार की धुआंधार बल्लेबाजी की मदद से मेहमान टीम पावरप्ले में 60 रन जोड़ने में कामयाब रही। एकदिवसीय शृंखला और शुरुआती दो टी20 मैचों में लयविहीन रहे सूर्यकुमार ने इस मैच में चौका जड़कर खाता खोला, जबकि दूसरी गेंद पर छक्का लगाकर उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिये। उपकप्तान सूर्यकुमार ने आठवें ओवर में रोमारियो शेफर्ड की नीची फुलटॉस पर चौका लगाकर 23 गेंद में अर्द्धशतक पूरा किया। विंडीज के कप्तान पॉवेल ने रनों पर लगाम लगाने के लिये स्पिनरों को गेंद सौंपी। यह प्रयास हालांकि निरर्थक साबित हुआ और सूर्यकुमार ने अपने रंग में लौटने का अंदेशा देते हुए अकील हुसैन को कवर्स के ऊपर से चौका लगाया। एशिया, यूरोप और ओशिआनिया में शतक जड़ चुके सूर्यकुमार के पास अमेरिकी महाद्वीप में सैकड़ा जमाने का मौका था, लेकिन वह अल्ज़ारी जोसेफ़ की एक फुलटॉस पर ब्रैंडन किंग को कैच दे बैठे। सूर्यकुमार के पवेलियन लौटने के बाद तिलक ने आक्रामक बल्लेबाजी की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर ली। तिलक ने कप्तान हार्दिक पांड्या (20 नाबाद) के साथ चौथे विकेट के लिये 43 रन की अविजित साझेदारी की। तिलक हालांकि अर्द्धशतक से एक रन दूर रह गये और पांड्या ने छक्का जड़कर भारत को जीत दिलाई। इससे पूर्व, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए वेस्ट इंडीज भारतीय स्पिनरों के आगे खुलकर नहीं खेल सकी। कुलदीप यादव, युज़वेंद्र चहल और अक्षर पटेल ने आपस में 12 ओवर फेंकते हुए मात्र 85 रन दिये। पावरप्ले में वेस्ट इंडीज के सिर्फ 38 रन बन पाने के बाद सलामी बल्लेबाज काइल मेयर्स और ब्रैंडन किंग ने जोखिम उठाना शुरू किया। इस कोशिश में मेयर्स 20 गेंद पर 25 रन बनाकर आउट हो गये। सलामी बल्लेबाज ब्रैंडन किंग ने तीन चौकों और एक छक्के के साथ वेस्ट इंडीज के लिये सर्वाधिक 42 रन बनाये, हालांकि इसके लिये उन्होंने 42 गेंदें भी खेलीं। पिछले दो मैचों में अर्द्धशतक बनाने वाले निकोलस पूरन 12 गेंद पर 20 रन बनाकर आउट हुए, जबकि जॉनसन चार्ल्स (14 गेंद, 12 रन) भी बड़ा स्कोर नहीं बना सके। कुलदीप ने अपने नायाब स्पेल में चार्ल्स, पूरन और किंग के विकेट लेकर मेज़बान टीम की कमर तोड़ने का काम किया। वेस्ट इंडीज 16 ओवर में मात्र 113 रन तक पहुंच सकी, हालांकि इस समय तक भारतीय स्पिनरों के ओवर समाप्त हो चुके थे। मुकेश कुमार ने 18वें ओवर की पहली गेंद पर अपना स्पेल शुरू करते हुए शिमरन हेटमायर को आउट किया, हालांकि इसके बाद पॉवेल भारतीय गेंदबाजी पर हावी हो गये। उन्होंने मुकेश का ओवर खत्म होने से पहले एक चौका जड़ा, जबकि अगले ओवर में अर्शदीप सिंह को दो छक्के लगाते हुए 17 रन जोड़े। मुकेश ने आखिरी ओवर की शुरुआती चार गेंदों पर सिर्फ दो रन दिये लेकिन पॉवेल ने पांचवीं गेंद पर छक्का लगाकर इस ओवर में भी आवश्यक रन बटोर लिये। कुलदीप ने चार ओवर में 28 रन देकर तीन विकेट लिये, जबकि अक्षर ने चार ओवर में 24 रन देकर एक विकेट चटकाया। मुकेश ने दो ओवर में 19 रन देकर एक सफलता हासिल की। वेस्ट इंडीज अब भारत के विरुद्ध पांच मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे है। दोनों टीमें 12 अगस्त को फ्लोरिडा के लौडरहिल में चौथे टी20 के लिये आमने-सामने होंगी।

भारत ने तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज को 200 रन से हराया, श्रृंखला 2-1 से जीती

तारोबा, 02 अगस्त : भारत ने तीसरे और आखिरी एक दिवसीय क्रिकेट मैच में वेस्टइंडीज को 200 रन से हराकर श्रृंखला 2.1 से जीत ली लेकिन विश्व कप से पहले टीम संयोजन को लेकर कई सवाल अभी अनसुलझे रह गए हैं। कप्तान रोहित शर्मा और सीनियर बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर बाहर रहकर विश्व कप के लिये संभावित खिलाड़ियों को मौका दिया लेकिन सारे प्रयोग कर लेने के बाद भी टीम संयोजन बनता नहीं दिख रहा। अभी तक खामोश रहा शुभमन गिल का बल्ला आखिरकार बोला और उन्होंने 92 गेंद में 85 रन बनाये। इसके साथ ही ईशान किशन (63 गेंद में 77 रन) के साथ 143 रन की साझेदारी भी की। भारत ने पहले बल्लेबाजी के लिये भेजे जाने पर पांच विकेट पर 351 रन बनाये। संजू सैमसन ने 41 गेंद में 51 रन बनाकर मध्यक्रम के लिये अपना दावा पुख्ता किया। कप्तान हार्दिक पंड्या ने 52 गेंद में पांच छक्कों और चार चौकों की मदद से नाबाद 70 रन बनाये। जवाब में कैरेबियाई टीम 35.3 ओवर में 151 रन पर आउट हो गई। मुकेश कुमार ने सात ओवर में 30 रन देकर तीन विकेट लिये। वेस्टइंडीज के लिये गुडाकेश मोती ने नाबाद 39 और अलजारी जोसेफ ने 26 रन बनाये और नौवें विकेट के लिये 55 रन जोड़े। शार्दुल ठाकुर ने 6.3 ओवर में 37 रन देकर चार विकेट लिये। जयदेव उनादकट को एक और कुलदीप यादव को दो विकेट मिले। इसके बावजूद एशिया कप और विश्व कप से पहले कई प्रश्न अनुत्तरित रह गए हैं। मसलन ईशान का प्रदर्शन अच्छा रहा लेकिन अगर केएल राहुल फिट होते हैं तो फिर उनका बल्लेबाजी क्रम क्या होगा। ईशान के लिये रोहित शर्मा अपना बल्लेबाजी क्रम छोड़ेंगे, इसकी संभावना कम ही है। अगर ईशान को मध्यक्रम में उतारा जाता है तो क्या यह सही होगा। श्रेयस अय्यर अगर फिट नहीं होते हैं तो सैमसन चौथे नंबर पर उतर सकते हैं। लेकिन पूरा समय होने के बावजूद वह कल बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। सूर्यकुमार यादव भी 35 रन बनाकर आउट हो गए और टी20 वाला फॉर्म वनडे में दिखाने में नाकाम रहे। श्रेयस और राहुल दोनों के फिट होने पर उनके लिये टीम में जगह बनाना मुश्किल हो जायेगा। गेंदबाजी में भी युजवेंद्र चहल को एक भी मैच में मौका नहीं दिया गया। अब विश्व कप से पहले भारत को सिर्फ नौ मैच (अगर टीम एशिया कप फाइनल में पहुंचती है) खेलने हैं। रविंद्र जडेजा स्पिनर के तौर पर पहली पसंद हैं जिससे अक्षर पटेल के लिये जगह नहीं बनती। वहीं जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज और शार्दुल के रहते मुकेश कुमार के लिये जगह बना पाना मुश्किल होगा।                      

एशियाई पुरुष हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी : चेन्नई पहुंची भारतीय टीम

चेन्नई, 01 अगस्त : भारतीय पुरुष हॉकी टीम गुरुवार से शुरू होने वाली एशियाई पुरुष हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2023 से पहले मंगलवार की सुबह चेन्नई पहुंची। पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने चेन्नई हवाई अड्डे पर पहुंचे जहां उन्होंने कहा कि उनकी टीम टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी और वे घर पर खेलने के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, हर कोई चाहता है कि टीम अच्छा प्रदर्शन करे। इसलिए हम जीतना चाहते हैं। टीम से काफी उम्मीदें हैं, इसलिए हमें थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत है। लेकिन साथ ही, अब हमारे पास इस सप्ताह अच्छा खेलने का अच्छा मौका है। हॉकी इंडिया ने 25 जुलाई को 18 सदस्यीय पुरुष हॉकी टीम की घोषणा की जो एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी चेन्नई 2023 में प्रतिस्पर्धा करेगी। टूर्नामेंट के पूल चरण के दौरान भारत का सामना कोरिया, मलेशिया, पाकिस्तान, जापान और चीन से होगा। एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी चेन्नई 2023 महत्वपूर्ण हांग्जो एशियाई खेलों 2023 के लिए एक तैयारी कार्यक्रम के रूप में भी काम करेगी। टीम का नेतृत्व शीर्ष ड्रैग-फ्लिकर और डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह कर रहे हैं, जबकि मिडफील्डर हार्दिक सिंह टीम के उप-कप्तान होंगे।