नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर जल्द ही जीवन की नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। 26 वर्षीय अर्जुन अपनी मित्र सानिया चंडोक के साथ विवाह सूत्र में बंधने वाले हैं। हालांकि तेंदुलकर परिवार की ओर से अब तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शादी 5 मार्च को होने की संभावना जताई जा रही है। जामनगर में दिखी शाही झलक शादी से पहले के प्री-वेडिंग फंक्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। ये समारोह गुजरात के जामनगर स्थित उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में अंबानी परिवार की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भव्य बना दिया। इस मौके पर नीता अंबानी भी नजर आईं और उन्होंने अर्जुन की जमकर सराहना की। समारोह के दौरान पूरे परिवार ने भगवान गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना की, जिसका वीडियो भी सामने आया है। पारंपरिक परिधान और पारिवारिक माहौल ने इस आयोजन को खास बना दिया। भावुक दिखे सचिन तेंदुलकर प्री-वेडिंग समारोह के दौरान सचिन तेंदुलकर भावुक नजर आए। बेटे की शादी जैसे खास मौके पर एक पिता की संवेदनाएं साफ झलक रही थीं। क्रिकेट के मैदान पर सदैव संयमित दिखने वाले सचिन यहां एक गर्वित और भावुक पिता के रूप में दिखाई दिए। शादी की तारीख और मेहमानों को लेकर चर्चा सूत्रों के मुताबिक अर्जुन और सानिया की शादी 5 मार्च को हो सकती है। इस खास अवसर के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निमंत्रण भेजा गया है। इसके अलावा राजनीति, उद्योग और खेल जगत की कई जानी-मानी हस्तियों को आमंत्रित किए जाने की खबर है। हालांकि शादी के स्थल को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा कारणों से तेंदुलकर परिवार ने स्थान को गुप्त रखा है। चूंकि प्री-वेडिंग कार्यक्रम जामनगर में हुआ, इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि विवाह समारोह भी वहीं आयोजित हो सकता है।
संजू का सुपर शो, भारत सेमीफाइनल में — 97 की ऐतिहासिक पारी से वेस्टइंडीज पर 5 विकेट से जीत
कोलकाता, 1 मार्च 2026। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण के आखिरी मुकाबले में टीम इंडिया ने दमदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। कोलकाता के प्रतिष्ठित Eden Gardens में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने 196 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य हासिल कर टूर्नामेंट में अपना अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज दर्ज किया। इस जीत के नायक रहे संजू सैमसन, जिन्होंने नाबाद 97 रनों की यादगार पारी खेली। लक्ष्य 196 का, जवाब में संजू का धमाका टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 195 रन बनाए। जवाब में भारत की शुरुआत आक्रामक रही, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। अभिषेक शर्मा 10 रन बनाकर आउट हुए, जबकि ईशान किशन भी 10 रन ही बना सके। एक छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन दूसरे छोर पर खड़े संजू सैमसन ने जिम्मेदारी संभाल ली। संजू ने ओपनिंग करते हुए अंत तक क्रीज पर डटे रहे और टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। उन्होंने 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन बनाए। उनकी पारी में 12 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने 104 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की और दबाव की घड़ी में परिपक्वता का परिचय दिया। यह टी20 वर्ल्ड कप के रन चेज में किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा खेली गई सबसे बड़ी पारी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 82 रन का था, जो Virat Kohli के नाम दर्ज था। वेस्टइंडीज की मजबूत बल्लेबाजी कैरेबियाई टीम की शुरुआत ठोस रही। कप्तान Shai Hope ने 32 रन बनाए, जबकि रोस्टन चेस ने 40 रनों की तेज पारी खेली। नंबर तीन पर उतरे शिमरॉन हेटमायर ने 27 रन जोड़े। शेरफेन रदरफोर्ड 14 रन बनाकर आउट हुए। अंतिम ओवरों में रोवमैन पॉवेल ने 19 गेंदों पर नाबाद 34 रन और जेसन होल्डर ने 22 गेंदों पर नाबाद 37 रन ठोककर स्कोर को 195 तक पहुंचाया। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 2 विकेट झटके, जबकि हार्दिक पांड्या और वरुण चक्रवर्ती को 1-1 सफलता मिली। ऐतिहासिक जीत से बढ़ा आत्मविश्वास 196 रनों का लक्ष्य हासिल कर भारत ने टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज पूरा किया। संजू सैमसन की यह पारी न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि रही, बल्कि टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाने वाली निर्णायक पारी भी साबित हुई। अब टीम इंडिया का लक्ष्य सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाना होगा। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए भारतीय टीम आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रही है।
खेल प्रतिभा का उत्सव: माँ सरस्वती विद्या मंदिर के वार्षिक खेल महोत्सव का रंगारंग समापन
छपरा, 27 फ़रवरी। मांझी प्रखंड के रघुनाथ गिरी के मठिया स्थित माँ सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक खेल महोत्सव का तीसरा एवं अंतिम दिन उत्साह, उमंग और प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ संपन्न हुआ। खेल के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विद्यालय परिसर पूरे दिन तालियों की गूंज और प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन से जीवंत बना रहा। महोत्सव के अंतिम दिन बैलून रेस, म्यूजिकल चेयर, रस्साकशी और कबड्डी जैसे मनोरंजक एवं प्रतिस्पर्धात्मक खेलों का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में छात्रों ने न केवल अपनी शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन किया, बल्कि टीम भावना, अनुशासन और खेल भावना का भी परिचय दिया। ग्रुप ‘ए’ की म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें ज्योति कुमारी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं संजना कुमारी द्वितीय और आयुषी कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। विजेताओं को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजद नेता सुधांशु रंजन द्वारा मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि सुधांशु रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि खेलकूद केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ नहीं करता, बल्कि मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पनपती है, जो उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। विद्यालय के प्राचार्य उमेश गिरी ने बताया कि खेल महोत्सव का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के सहयोग की सराहना की। समापन अवसर पर बच्चों के चेहरों पर खुशी, आत्मविश्वास और उपलब्धि का उत्साह साफ झलक रहा था। तीन दिनों तक चले इस खेल महोत्सव ने न केवल विद्यार्थियों को मनोरंजन और प्रतिस्पर्धा का अवसर दिया, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक और प्रेरणादायक आयोजनों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
संघर्षों की मिसाल रिंकू सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के ताबड़तोड़ बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से लिवर कैंसर के चौथे स्टेज से जूझ रहे थे और तबीयत बिगड़ने के बाद वेंटिलेटर पर थे। पिता की गंभीर हालत की खबर मिलते ही रिंकू सिंह टी-20 विश्वकप के बीच टीम का साथ छोड़कर अस्पताल पहुंचे थे। संघर्षों से भरा रहा परिवार का सफर रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता खानचंद सिंह का त्याग और संघर्ष सबसे बड़ी ताकत रहा। वह घर-घर जाकर गैस सिलेंडर बांटने का काम करते थे। बेहद सीमित आय में परिवार का पालन-पोषण करना आसान नहीं था। खानचंद सिंह की मासिक कमाई मात्र सात से आठ हजार रुपये के बीच थी। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। रिंकू का बचपन दो कमरों के छोटे से घर में बीता। हालात ऐसे थे कि उन्हें झाड़ू-पोछा तक का काम करना पड़ा। एक समय ऐसा भी आया जब उनके बड़े भाई ने उनकी नौकरी एक सफाई कर्मचारी के रूप में लगवा दी, लेकिन रिंकू वहां सिर्फ एक दिन ही काम कर पाए। उन्होंने ठान लिया कि अब वह क्रिकेट में ही अपना भविष्य बनाएंगे। पिता से मिली डांट, फिर बना सबसे बड़ा सहारा रिंकू सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया था कि साल 2012 में क्रिकेट खेलने को लेकर उन्हें पिता से डांट और मार भी खानी पड़ी थी। शुरुआत में खानचंद सिंह बेटे के क्रिकेट करियर के फैसले के खिलाफ थे। लेकिन उसी साल रिंकू ने एक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर इनाम में एक बाइक जीती। इसके बाद पिता का नजरिया बदला और उन्होंने बेटे का पूरा साथ दिया। यही बाइक बाद में खानचंद सिंह के काम आई, जिससे वह घर-घर सिलेंडर पहुंचाने लगे। कर्ज, मेहनत और फिर किस्मत का खुलना परिवार की जिम्मेदारियों के चलते एक समय खानचंद सिंह करीब पांच लाख रुपये के कर्ज में डूब गए थे। रिंकू के भाई ऑटो चलाकर घर चलाने में मदद करते थे, जबकि एक भाई कोचिंग संस्थान में काम करता है। उनकी बहन यूट्यूब पर वीडियो बनाती हैं। क्रिकेट खेलते समय रिंकू को जो डेली अलाउंस मिलता था, उसमें से भी वह बचत किया करते थे। संघर्षों के बीच उनकी किस्मत तब बदली जब Kolkata Knight Riders ने उन्हें आईपीएल में 55 लाख रुपये में खरीदा। इसके बाद Gujarat Titans के खिलाफ एक मैच में उन्होंने पांच गेंदों पर लगातार पांच छक्के जड़कर सनसनी मचा दी। इस पारी ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। बाद में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 13 करोड़ रुपये में रिटेन किया। पिता को समर्पित सफलता कामयाबी मिलने के बाद रिंकू सिंह ने अपने परिवार के सपनों को साकार किया। उन्होंने करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये में एक भव्य घर बनवाकर पिता को उपहार में दिया। साथ ही करीब साढ़े तीन लाख रुपये की कावासाकी बाइक भी उन्हें भेंट की। कुछ महीने पहले खानचंद सिंह को लिवर कैंसर का पता चला था। तब से उनका इलाज चल रहा था, लेकिन आखिरकार वह जिंदगी की जंग हार गए। रिंकू सिंह की कहानी संघर्ष, मेहनत और पारिवारिक त्याग की मिसाल है। पिता के निधन से जहां परिवार गहरे शोक में है, वहीं देशभर के क्रिकेट प्रेमी भी इस दुख की घड़ी में रिंकू सिंह के साथ खड़े हैं।
टी20 विश्व कप: भारत की 72 रन से धमाकेदार जीत, जिम्बाब्वे पर ऐतिहासिक प्रहार
नई दिल्ली। टी20 विश्व कप के सुपर-8 चरण में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 72 रन से करारी शिकस्त दी। पहले अभिषेक शर्मा के तूफानी अर्धशतक और फिर हार्दिक पांड्या की विस्फोटक पारी के दम पर भारत ने 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो टी20 विश्व कप में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को मजबूत बनाए रखा है। अब 1 मार्च को भारत का मुकाबला वेस्टइंडीज से होगा, जहां जीत अगले दौर का टिकट पक्का कर सकती है। टॉस जिम्बाब्वे के नाम, लेकिन मैच भारत के जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया, लेकिन यह निर्णय भारतीय बल्लेबाजों के सामने फीका पड़ गया। भारतीय टीम ने 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 256 रन बनाए, जो टूर्नामेंट का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी है। तेज शुरुआत, मिडिल ऑर्डर का धमाका संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने भारतीय पारी को आक्रामक शुरुआत दी। दोनों ने महज 22 गेंदों पर 48 रन जोड़ दिए। संजू सैमसन ने 15 गेंदों पर 23 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद ईशान किशन ने तेजी बरकरार रखते हुए 24 गेंदों पर 38 रन ठोके, जिसमें 4 चौके और 1 छक्का शामिल था। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने आते ही रफ्तार पकड़ी। उन्होंने 13 गेंदों पर 33 रन की तेज पारी खेली। इस दौरान अभिषेक शर्मा के साथ तीसरे विकेट के लिए 23 रन की साझेदारी हुई। अभिषेक शर्मा ने टी20 विश्व कप में अपना पहला अर्धशतक जड़ा। उन्होंने 30 गेंदों पर 55 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 4 छक्के शामिल थे। हार्दिक-तिलक की तूफानी फिनिशिंग अंतिम ओवरों में हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। हार्दिक पांड्या ने 23 गेंदों पर नाबाद 50 रन बनाए, जबकि तिलक वर्मा ने 16 गेंदों पर 44 रन की तेजतर्रार पारी खेली। दोनों ने मिलकर भारत को 256 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। 257 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे टीम ने संभली हुई शुरुआत की। ब्रायन बेनेट और तदिवानाशे मरुमनी ने पहले विकेट के लिए 44 रन जोड़े। पावरप्ले के बाद अक्षर पटेल ने मरुमनी (20) को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद वरुण चक्रवर्ती ने डायोन मायर्स (6) को पवेलियन भेजा। ब्रायन बेनेट ने कप्तान सिकंदर रजा के साथ मिलकर 72 रन की साझेदारी कर मैच में जान डालने की कोशिश की। हालांकि 17वें ओवर में अर्शदीप सिंह ने दो झटके देकर जिम्बाब्वे की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने सिकंदर रजा (31) और रयान बर्ल (0) को लगातार गेंदों पर आउट किया। अंत में ब्रायन बेनेट शतक से चूक गए। उन्होंने 59 गेंदों पर 97 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 6 छक्के शामिल थे। जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 184 रन ही बना सकी। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट लिए। वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल और शिवम दुबे को 1-1 सफलता मिली। इस जीत के साथ भारत ने सुपर-8 में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। अब 1 मार्च को वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल का दरवाजा खोल सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस हाई-वोल्टेज मैच पर टिकी रहेंगी।
टी20 वर्ल्ड कप में भारत का रन-विस्फोट: जिम्बाब्वे के खिलाफ 256 रन ठोक रचा इतिहास
डिजिटल डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप के मंच पर भारतीय बल्लेबाज़ों ने ऐसा धमाका किया कि रिकॉर्ड बुक्स हिल गईं। जिम्बाब्वे के खिलाफ टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी टीम इंडिया ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 256 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। यह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है, जिसने मैच को एकतरफा बना दिया। पारी की शुरुआत करते हुए Sanju Samson और Abhishek Sharma ने आक्रामक तेवर दिखाए। दोनों ने महज़ कुछ ही ओवरों में 48 रन जोड़कर जिम्बाब्वे के गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया। संजू सैमसन ने 15 गेंदों में 26 रन बनाकर टीम को तेज़ गति दी, जबकि पिछले चार मैचों में संघर्ष कर रहे अभिषेक शर्मा ने शानदार वापसी करते हुए 30 गेंदों में 55 रन ठोके। उनकी पारी में चार चौके और चार गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। यह पारी उनके आत्मविश्वास की वापसी का संकेत भी थी। अभिषेक ने दूसरे विकेट के लिए Ishan Kishan (24 गेंदों में 38 रन) के साथ 72 रनों की अहम साझेदारी की। ईशान ने भी आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए रनगति को थमने नहीं दिया। इसके बाद कप्तान Suryakumar Yadav ने अपनी खास 360-डिग्री शैली में 13 गेंदों पर 33 रन बनाए। उनकी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल रहे। हालांकि वे 15वें ओवर में आउट हो गए, लेकिन तब तक भारत मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था। अंतिम ओवरों में Hardik Pandya और Tilak Varma ने जिम्बाब्वे के गेंदबाज़ों की जमकर धुनाई की। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 84 रनों की अटूट साझेदारी कर स्कोर को 250 के पार पहुंचा दिया। हार्दिक पांड्या ने 23 गेंदों में नाबाद 50 रन बनाए, जिसमें दो चौके और चार छक्के शामिल रहे। वहीं तिलक वर्मा ने सिर्फ 14 गेंदों में नाबाद 44 रन ठोकते हुए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी पारी में तीन चौके और चार छक्के शामिल थे। दोनों बल्लेबाज़ों की विस्फोटक बल्लेबाज़ी ने मैच को पूरी तरह भारत के पक्ष में झुका दिया। जिम्बाब्वे की ओर से Tinotenda Maposa, Blessing Muzarabani, Richard Ngarava और कप्तान Sikandar Raza ने एक-एक विकेट जरूर हासिल किया, लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ों के आक्रामक तेवर के सामने वे बेबस नजर आए।
न्यूज़ीलैंड की दमदार वापसी, श्रीलंका 61 रन से हारा; सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर
दिल्ली। सुपर-8 के अहम मुकाबले में New Zealand national cricket team ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Sri Lanka national cricket team को 61 रन से हराकर टूर्नामेंट से लगभग बाहर कर दिया। कप्तान Mitchell Santner की जिम्मेदार पारी और Rachin Ravindra के ऑलराउंड प्रदर्शन ने मुकाबले का रुख पूरी तरह कीवी टीम के पक्ष में मोड़ दिया। इस जीत के साथ न्यूज़ीलैंड सेमीफाइनल की रेस में मजबूती से बना हुआ है। संतनेर की कप्तानी पारी से संभली कीवी पारी टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूज़ीलैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। 84 रन के भीतर ही टीम ने 6 विकेट गंवा दिए थे और स्कोर 150 तक पहुंचना भी मुश्किल लग रहा था। ऐसे में कप्तान मिशेल संतनेर ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। संतनेर ने 26 गेंदों पर 47 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। उनके साथ कोल मैककॉन्ची ने नाबाद 31 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और अंतिम ओवरों में टीम का स्कोर 20 ओवर में 7 विकेट पर 168 रन तक पहुंचाया। मिडिल ऑर्डर में रचिन रवींद्र ने 22 गेंदों पर 32 रन का योगदान दिया, जबकि फिन एलन (23) और ग्लेन फिलिप्स (18) ने भी उपयोगी रन जोड़े। श्रीलंका की ओर से दुष्मंथा चमीरा और महेश तीक्षाना ने 3-3 विकेट लेकर कीवी बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। हेनरी की पहली गेंद पर झटका, श्रीलंका की बल्लेबाजी ध्वस्त 169 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका को पहली ही गेंद पर करारा झटका लगा, जब मैट हेनरी ने पथुम निसांका को बोल्ड कर दिया। इसके बाद श्रीलंकाई बल्लेबाजी कभी लय में नहीं दिखी। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और रनगति भी दबाव में रही। कामिंदु मेंडिस ने 23 गेंदों पर 31 रन बनाकर कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। पूरी टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 107 रन ही बना सकी। रचिन रवींद्र ने गेंद से भी कमाल दिखाया। उन्होंने 4 ओवर में महज 27 रन देकर 4 विकेट झटके और मैच के नायक साबित हुए। अंक तालिका की स्थिति सुपर-8 में न्यूज़ीलैंड के अब दो मैचों में 3 अंक हो गए हैं। इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था, जिससे दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला था। अब शुक्रवार को कीवी टीम का सामना इंग्लैंड से होगा, जो सेमीफाइनल की दौड़ तय करने वाला अहम मैच साबित हो सकता है। दूसरी ओर, इस हार के साथ श्रीलंका की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
पिता की गंभीर तबीयत के कारण टीम से अलग हुए रिंकू सिंह, जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच पर संशय
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक बल्लेबाज Rinku Singh पारिवारिक आपात स्थिति के चलते टी20 वर्ल्ड कप कैंप छोड़कर स्वदेश लौट आए हैं। बताया जा रहा है कि उनके पिता की तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताते हुए वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा है। सूत्रों के अनुसार, जैसे ही रिंकू सिंह को पिता की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत टीम मैनेजमेंट को अवगत कराया और भारत लौटने का फैसला किया। परिवार के साथ रहने और हालात को संभालने के लिए उन्होंने अस्थायी रूप से टीम से दूरी बना ली है। परिजनों के मुताबिक, रिंकू सिंह के पिता की स्थिति नाजुक बनी हुई है। अस्पताल के डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए हैं और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। परिवार इस समय कठिन दौर से गुजर रहा है। रिंकू सिंह की अनुपस्थिति में टीम संयोजन पर भी असर पड़ सकता है। जिम्बाब्वे के खिलाफ आगामी मुकाबले में उनका खेलना फिलहाल संदिग्ध माना जा रहा है। टीम मैनेजमेंट ने अभी तक उनकी वापसी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए माना जा रहा है कि वे पारिवारिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देंगे। टीम के खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने रिंकू सिंह और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सोशल मीडिया पर फैंस उनके पिता के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। गौरतलब है कि रिंकू सिंह हाल के समय में टीम इंडिया के लिए एक भरोसेमंद फिनिशर के रूप में उभरे हैं और उन्होंने कई अहम मौकों पर टीम को जीत दिलाई है। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी टीम के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है, लेकिन इस समय पूरा क्रिकेट जगत उनके परिवार के साथ खड़ा नजर आ रहा है।
शिखर धवन और सोफी शाइन ने रचाई शादी, दिल्ली NCR में सजी सपनों जैसी शाही रस्में
नई दिल्ली/गुरुग्राम, 21 फरवरी। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज़ शिखर धवन ने 21 फरवरी को दिल्ली-एनसीआर में एक भव्य और निजी समारोह में सोफी शाइन के साथ सात फेरे लिए। इस खास अवसर पर परिवार के सदस्य और करीबी मित्र ही शामिल हुए, जिससे समारोह की गरिमा और आत्मीयता बनी रही। हालांकि दूल्हा-दुल्हन की ओर से अभी तक आधिकारिक तस्वीरें साझा नहीं की गई हैं, लेकिन टीम इंडिया के स्पिनर Yuzvendra Chahal ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शादी की कुछ खूबसूरत झलकियां पोस्ट कीं। उन्होंने तस्वीरों के साथ हिंदी में कैप्शन लिखा — “मेरे यार की शादी है” — जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। शादी का आयोजन दिल्ली एनसीआर के एक आलीशान वेडिंग वेन्यू पर किया गया, जहां सजावट में पारंपरिक भारतीय थीम के साथ आधुनिक भव्यता का संगम देखने को मिला। फूलों की साज-सज्जा, हल्की सुनहरी रोशनी और सूफियाना संगीत ने समारोह को यादगार बना दिया। सोफी शाइन ने पारंपरिक भारतीय परिधान को अपनाते हुए एक खूबसूरत लहंगा चुना। हल्के पेस्टल शेड में कढ़ाईदार लहंगे के साथ उन्होंने मैचिंग दुपट्टा और डायमंड ज्वेलरी कैरी की। उनका मेकअप सटल और नैचुरल टोन में रखा गया, जिससे उनका ब्राइडल ग्लो और भी निखर कर सामने आया। हेयरस्टाइल में सॉफ्ट वेव्स और मिनिमल एक्सेसरीज़ ने उनके लुक को क्लासी और रॉयल टच दिया। फैशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह लुक उन दुल्हनों के लिए परफेक्ट है जो भारी-भरकम स्टाइल की बजाय एलिगेंट और टाइमलेस अपील चाहती हैं। शिखर धवन ने क्रीम और गोल्ड टोन की शेरवानी पहनी, जिस पर बारीक एम्ब्रॉयडरी का काम था। साथ में पगड़ी और सटल स्टोल ने उनके लुक को शाही बना दिया। उनका यह पारंपरिक अंदाज़ सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है। शादी की खबर सामने आते ही प्रशंसकों और खेल जगत से बधाइयों का तांता लग गया। क्रिकेट प्रेमियों ने इस जोड़ी को “परफेक्ट मैच” बताते हुए नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस खूबसूरत समारोह ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि निजी और सादगीपूर्ण अंदाज़ में भी शादी को भव्य और यादगार बनाया जा सकता है। फैशन और परंपरा के मेल से सजी यह शादी आने वाले वेडिंग सीजन के लिए ट्रेंड सेट करती नजर आ रही है।
T20 World Cup 2026: भारत की लगातार चौथी जीत, नीदरलैंड्स को 17 रन से हराया
अहमदाबाद। T20 World Cup 2026 के रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम ने Netherlands national cricket team को 17 रन से पराजित कर ग्रुप स्टेज में अपना विजय अभियान बरकरार रखा। India national cricket team ने ग्रुप चरण के सभी चार मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं। यह मुकाबला Narendra Modi Stadium में खेला गया, जहां दर्शकों को आखिरी ओवर तक रोमांच देखने को मिला। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 194 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा किया। भारतीय बल्लेबाजों ने तेज शुरुआत के साथ मध्यक्रम में भी रनगति बनाए रखी। हालांकि मैच के दौरान भारतीय टीम से फील्डिंग में चूक देखने को मिली और कुल 5 कैच छूटे, जिससे मुकाबला अंतिम ओवर तक खिंच गया। 194 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड्स की टीम ने भी दमदार प्रदर्शन किया। बल्लेबाजों ने नियमित अंतराल पर रन बनाए और आखिरी ओवर तक उम्मीद कायम रखी। 20 ओवर की समाप्ति पर टीम 7 विकेट खोकर 176 रन ही बना सकी। अंतिम ओवर में जीत के लिए 28 रन की दरकार थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा। मुकाबले का सबसे निर्णायक क्षण आखिरी ओवर रहा, जिसे Shivam Dube ने डाला। 28 रन डिफेंड करना आसान नहीं था, लेकिन दुबे ने संयमित गेंदबाजी करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और टीम को यादगार जीत दिलाई। गेंदबाजी में भारत की ओर से Varun Chakravarthy और शिवम दुबे सबसे सफल रहे। वरुण चक्रवर्ती – 3 विकेट शिवम दुबे – 2 विकेट भारतीय टीम ने 5 कैच टपकाए, जो किसी भी बड़े टूर्नामेंट में चिंता का विषय हो सकता है। इसके बावजूद टीम ने दबाव की घड़ी में संयम बनाए रखा और मैच अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने ग्रुप स्टेज के अपने चारों मुकाबले जीत लिए हैं। टीम का आत्मविश्वास चरम पर है और गेंदबाजी-बल्लेबाजी दोनों विभागों में संतुलन नजर आ रहा है। अब निगाहें अगले मुकाबले और सेमीफाइनल की ओर हैं, जहां भारतीय टीम अपने विजयी अभियान को जारी रखने उतरेगी।