नई दिल्ली: 25 से अधिक हिट बंगाली फिल्मों में काम कर चुकीं मशहूर अभिनेत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका फिल्मी प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कथित उत्पीड़न का मामला है। मिमी चक्रवर्ती ने उत्तर 24 परगना जिले के बोंगांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कार्यक्रम आयोजक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के मुताबिक, मिमी चक्रवर्ती ने ईमेल के माध्यम से बोंगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत भेजी है। शिकायत में उन्होंने बताया कि रविवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्हें असहज और अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा। यह कार्यक्रम नया गोपालगंज युवक संघ क्लब द्वारा आयोजित किया गया था। अभिनेत्री ने क्लब के पदाधिकारी तन्मय शास्त्री के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और संबंधित पक्षों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। मिमी चक्रवर्ती बंगाली सिनेमा की बड़ी और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शुमार हैं। वे न सिर्फ बड़े पर्दे पर, बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में उनकी हॉरर फिल्म ‘भानूप्रिया भूटर होटल’ रिलीज हुई है, जो अमेजन प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है। इस फिल्म में हॉरर, कॉमेडी और रोमांस का दिलचस्प मिश्रण देखने को मिलता है, जिसे दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इसके अलावा, मिमी की आगामी फिल्म ‘क्वीन्स’ भी चर्चा में है। फिल्म का पोस्टर हाल ही में जारी किया गया है, जिसमें मिमी के हाथ में बंदूक दिखाई दे रही है—जो उनके सशक्त और अलग अवतार की ओर इशारा करता है। हालांकि फिल्म की रिलीज डेट और ट्रेलर को लेकर फिलहाल ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। राजनीति से दूरी, लेकिन विवादों से नाता फिल्मों के साथ-साथ मिमी चक्रवर्ती राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं। उन्होंने साल 2019 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर पश्चिम बंगाल की जादवपुर सीट से जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार अनुपम हाजरा को हराया था। हालांकि, साल 2024 में मिमी ने अचानक राजनीति से दूरी बनाते हुए टीएमसी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि “मैं राजनीति के लिए नहीं बनी हूं।” मिमी का नाम इससे पहले अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े एक मामले में भी सामने आ चुका है। साल 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें पूछताछ के लिए समन भेजा था। जांच में उनके नाम का जिक्र कथित तौर पर विज्ञापनों और कुछ वित्तीय लेन-देन के संदर्भ में आया था, जिस पर एजेंसियां जांच कर रही थीं। फिल्मी दुनिया, राजनीति और अब कानूनी विवाद—मिमी चक्रवर्ती का सफर लगातार सुर्खियों में रहा है। बोंगांव कार्यक्रम से जुड़ा यह नया मामला न सिर्फ उनके प्रशंसकों, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
‘बॉर्डर 2’ पर सनी देओल की हुंकार, खाड़ी देशों में मचा सियासी तूफान—पाकिस्तान कनेक्शन बनी बैन की वजह?
डेस्क रिपोर्ट | एंटरटेनमेंट: बॉलीवुड और सियासत का टकराव कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब पर्दे पर देशभक्ति का ज्वार उमड़ता है और पाकिस्तान की भूमिका सवालों के घेरे में आती है, तो उसकी गूंज भारत से बाहर भी सुनाई देती है। कुछ ऐसा ही माहौल इस वक्त सनी देओल स्टारर ‘बॉर्डर 2’ को लेकर बनता दिख रहा है। चर्चा है कि खाड़ी (गल्फ) देशों में इस बहुप्रतीक्षित फिल्म की रिलीज पर बैन लगाया जा सकता है, जिससे फिल्म इंडस्ट्री में हलचल तेज हो गई है। सनी की दहाड़ और सरहद की कहानी ‘बॉर्डर’ भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा फिल्मों में रही है, जिसने देशभक्ति को सिर्फ संवाद नहीं, बल्कि भावना बना दिया। सनी देओल की गूंजती आवाज़, सीमा पर तैनात जवानों का साहस और पाकिस्तान की आक्रामक नीति—इन सबने मिलकर पहली ‘बॉर्डर’ को कल्ट क्लासिक बना दिया था। अब ‘बॉर्डर 2’ उसी विरासत को आगे बढ़ाने का दावा कर रही है। बताया जा रहा है कि फिल्म में एक बार फिर भारत-पाकिस्तान तनाव, सैन्य कार्रवाई और ऐतिहासिक घटनाओं की झलक दिखाई गई है—जो कुछ देशों को नागवार गुजर रही है। गल्फ देशों की नाराज़गी क्यों? खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय दर्शक रहते हैं और हिंदी फिल्मों का वहां अच्छा बाज़ार है। लेकिन जैसे ही किसी फिल्म में पाकिस्तान की आलोचना या उसकी “पोल-खोल” होती है, कुछ देशों में सेंसर सख्त हो जाता है। सूत्रों के मुताबिक, ‘बॉर्डर 2’ में पाकिस्तान को आक्रामक और नकारात्मक रूप में दिखाया गया है, जिसे लेकर आपत्ति जताई जा रही है। इसी कारण फिल्म की रिलीज पर रोक या भारी कट्स की संभावना पर चर्चा शुरू हो गई है। यह पहली बार नहीं है जब किसी देशभक्ति फिल्म को विदेशों में विरोध का सामना करना पड़ रहा हो। इससे पहले भी कई हिंदी फिल्मों को गल्फ देशों में या तो बैन किया गया या फिर बड़े बदलावों के बाद रिलीज की अनुमति मिली। फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि यह टकराव क्रिएटिव फ्रीडम बनाम सियासी संवेदनशीलता का है, जहां निर्माता सच्चाई और राष्ट्रभाव दिखाना चाहते हैं, जबकि कुछ देश कूटनीतिक संतुलन साधने में लगे रहते हैं। दिलचस्प बात यह है कि जहां एक तरफ बैन की खबरें हैं, वहीं भारत में फिल्म को लेकर उत्साह और भी बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर “सनी की दहाड़” और “बॉर्डर 2 देशभक्ति का तूफान” जैसे ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं। फैंस का मानना है कि अगर फिल्म पर कहीं रोक लगती है, तो यह उसकी लोकप्रियता को और बढ़ाएगी।
23 साल की उम्र में दिलीप कुमार से ए.आर. रहमान बनने की कहानी: आस्था, संघर्ष और संगीत के सफ़र का अनसुना अध्याय
नई दिल्ली। ऑस्कर, ग्रैमी और गोल्डन ग्लोब जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मान हासिल कर चुके ए.आर. रहमान आज दुनिया के सबसे प्रभावशाली संगीतकारों में गिने जाते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस वैश्विक पहचान से पहले उनका नाम दिलीप कुमार हुआ करता था। 1980 के दशक में, महज़ 23 साल की उम्र में, उन्होंने न सिर्फ़ इस्लाम धर्म अपनाया बल्कि अपना नाम बदलकर अल्लाह रक्खा रहमान रख लिया, जिसे बाद में ए.आर. रहमान के नाम से जाना गया। आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी? बचपन से संघर्षों में घिरा जीवन ए.आर. रहमान का जन्म 6 जनवरी 1967 को तमिलनाडु के मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ। उनके पिता आर.के. शेखर दक्षिण भारतीय फिल्मों में संगीतकार थे। लेकिन जब रहमान महज़ 9 साल के थे, तब पिता का अचानक निधन हो गया। परिवार पर आर्थिक संकट आ गया और कम उम्र में ही रहमान को काम करना पड़ा। संगीत उनके लिए सिर्फ़ कला नहीं, बल्कि परिवार को संभालने का ज़रिया बन गया। बीमारी, सवाल और आस्था की तलाश किशोरावस्था और युवावस्था के शुरुआती दौर में रहमान का परिवार लगातार कठिनाइयों से जूझता रहा। इसी दौरान उनकी बहन गंभीर रूप से बीमार पड़ीं। कई इलाजों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसी समय परिवार का संपर्क क़ादिरी इस्लामी सूफ़ी संत शेख क़ादिर से हुआ। सूफ़ी परंपरा की आध्यात्मिक शिक्षाओं और प्रार्थनाओं का परिवार पर गहरा असर पड़ा। रहमान की बहन की तबीयत में धीरे-धीरे सुधार आने लगा, जिसने पूरे परिवार को भीतर तक झकझोर दिया। 23 साल में लिया बड़ा फैसला इन घटनाओं ने दिलीप कुमार को जीवन, ईश्वर और आस्था पर नए सिरे से सोचने पर मजबूर किया। लंबे आत्ममंथन और अध्ययन के बाद, 1989 में 23 साल की उम्र में उन्होंने अपनी मां और बहनों के साथ इस्लाम धर्म अपनाया। इसके साथ ही उनका नाम बदला गया— * दिलीप कुमार → अल्लाह रक्खा रहमान बाद में यही नाम संक्षेप में ए.आर. रहमान के रूप में दुनिया भर में मशहूर हुआ। नाम बदला, सोच बदली, संगीत को मिला नया आयाम धर्म परिवर्तन के बाद रहमान के संगीत में एक गहराई, शांति और आध्यात्मिकता साफ़ झलकने लगी। सूफ़ी संगीत, इंसानियत, प्रेम और ईश्वर से जुड़ाव उनके सुरों का अहम हिस्सा बन गया। उन्होंने खुद कई बार कहा है कि इस्लाम और सूफ़ी विचारधारा ने उन्हें अनुशासन, धैर्य और विनम्रता सिखाई, जो उनके रचनात्मक जीवन की नींव बनी। ऑस्कर तक पहुंचा सफ़र 1992 में रोज़ा फ़िल्म के संगीत से धमाकेदार एंट्री करने वाले रहमान ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। दिल से, ताल, लगान, रंग दे बसंती से लेकर स्लमडॉग मिलियनेयर तक— 2009 में ऑस्कर अवॉर्ड जीतकर उन्होंने भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई। निजी आस्था, सार्वजनिक प्रेरणा ए.आर. रहमान आज भी अपनी निजी आस्था को बेहद सादगी से जीते हैं। वे मानते हैं कि धर्म उनके लिए दिखावे का नहीं, बल्कि आत्मिक संतुलन का माध्यम है। उनकी कहानी बताती है कि आस्था, संघर्ष और कला जब एक साथ चलते हैं, तो साधारण इंसान भी असाधारण बन सकता है।
दिशा पाटनी की लव लाइफ में नई एंट्री! कौन हैं 6 साल छोटे रूमर्ड ब्वॉयफ्रेंड तलविंदर सिंह, जिनके साथ दिखीं एक्ट्रेस
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी एक बार फिर अपनी निजी ज़िंदगी को लेकर चर्चा में हैं। टाइगर श्रॉफ से लंबे समय पहले हुए ब्रेकअप के बाद दिशा ने अपनी पर्सनल लाइफ को हमेशा निजी रखा, लेकिन हाल ही में उदयपुर में नूपुर सेनन की शादी के दौरान सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। वायरल क्लिप में दिशा एक शख्स के साथ हाथों में हाथ डाले नज़र आईं—बताया जा रहा है कि यह शख्स तलविंदर सिंह हैं, जो उम्र में दिशा से करीब 6 साल छोटे हैं। उदयपुर वेडिंग से वायरल हुआ वीडियो शादी के फंक्शन के दौरान दिशा पाटनी का सिंपल लेकिन एलिगेंट लुक और उनके साथ मौजूद मिस्ट्री मैन ने सबका ध्यान खींचा। वीडियो में तलविंदर सिंह अक्सर नकाब या कैप में नज़र आए, जिससे उनकी पहचान को लेकर जिज्ञासा और बढ़ गई। यही वजह है कि सोशल मीडिया यूज़र्स उन्हें “नकाब में रहने वाला शख्स” कहकर पुकारने लगे। कौन हैं तलविंदर सिंह? मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया चर्चाओं के मुताबिक, तलविंदर सिंह का ताल्लुक न तो सीधे फिल्म इंडस्ट्री से है और न ही वह किसी बड़े सेलिब्रिटी परिवार से आते हैं। कहा जा रहा है कि वह फिटनेस और बिज़नेस से जुड़े हुए हैं, हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। तलविंदर लाइमलाइट से दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं, यही कारण है कि उनकी पब्लिक प्रोफाइल काफी लो-की बताई जाती है। उम्र का फासला और बढ़ी चर्चा बताया जा रहा है कि तलविंदर सिंह, दिशा पाटनी से लगभग 6 साल छोटे हैं। बॉलीवुड में उम्र के फासले को लेकर पहले भी कई रिश्ते सुर्खियों में रहे हैं, ऐसे में दिशा और तलविंदर की जोड़ी को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। सोशल मीडिया पर रिएक्शन वायरल वीडियो के बाद फैंस दो हिस्सों में बंटे दिखे। कुछ लोग दिशा को नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं, तो कुछ इसे महज़ एक दोस्ताना पल बता रहे हैं। हालांकि, दिशा पाटनी या तलविंदर सिंह की ओर से अब तक इस रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दिशा की चुप्पी, अटकलें बरकरार दिशा पाटनी हमेशा से अपनी निजी ज़िंदगी पर कम बोलती आई हैं। टाइगर श्रॉफ से ब्रेकअप के बाद उन्होंने करियर पर फोकस किया और फिल्मों व ब्रांड एंडोर्समेंट में व्यस्त रहीं। ऐसे में तलविंदर सिंह के साथ उनकी नज़दीकियों की खबरों ने एक बार फिर उनकी लव लाइफ को सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल, यह साफ है कि दिशा पाटनी और तलविंदर सिंह को लेकर चल रही बातें अभी अफवाहों के दायरे में हैं। आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी, लेकिन इतना तय है कि यह “नकाब में रहने वाला” शख्स इन दिनों बॉलीवुड गॉसिप का नया केंद्र बन चुका है।
रेखा की सौतेली मां थीं अपने दौर की सुपरस्टार, अरबों की दौलत के बावजूद पति ने कर दिया कंगाल; दर्दनाक हालात में हुई मौत
हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री रेखा अपनी अदाकारी और रहस्यमयी व्यक्तित्व के लिए जानी जाती हैं। करोड़ों दिलों पर राज करने वाली रेखा की जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा अध्याय भी है, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं। रेखा से भी ज्यादा पॉपुलर कभी उनकी सौतेली मां रही थीं, जिनका नाम था पुष्पवल्ली। पुष्पवल्ली दक्षिण भारतीय सिनेमा की बड़ी स्टार थीं और अपने समय में उनकी गिनती सबसे ज्यादा कमाई करने वाली अभिनेत्रियों में होती थी। बताया जाता है कि वे करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति की मालकिन थीं। शोहरत, पैसा और नाम—सब कुछ उनके पास था। लेकिन उनकी निजी जिंदगी बेहद दर्दनाक रही। पुष्पवल्ली की शादी अभिनेता जेमिनी गणेशन से हुई थी। शादी के बाद हालात बदलते चले गए। आरोप है कि पति की लापरवाही और रिश्तों में खटास के चलते पुष्पवल्ली आर्थिक और मानसिक रूप से टूटती चली गईं। जो अभिनेत्री कभी स्टारडम की ऊंचाइयों पर थीं, वही धीरे-धीरे गुमनामी और तंगी में जीने को मजबूर हो गईं। आखिरकार पुष्पवल्ली की मौत भी बेहद दर्दनाक हालात में हुई। कहा जाता है कि जीवन के आखिरी दिनों में उन्हें न तो वह सम्मान मिला और न ही वह सुख, जिसकी वे हकदार थीं। इस पूरे संघर्ष का असर रेखा की जिंदगी पर भी पड़ा, जिसने बचपन में ही अभाव और अकेलेपन का सामना किया। रेखा की सौतेली मां की यह कहानी बताती है कि फिल्मी दुनिया की चमक-दमक के पीछे कितनी गहरी तकलीफ और संघर्ष छुपा होता है।
मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता श्रीनिवासन का निधन, फिल्म जगत में शोक की लहर
कोच्चि, 20 दिसंबर: मलयालम सिनेमा के वरिष्ठ और बहुआयामी अभिनेता श्रीनिवासन का लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार देर रात निधन हो गया। वे 69 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से पूरे फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है और कलाकारों, निर्देशकों व प्रशंसकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। श्रीनिवासन को मलयालम सिनेमा में एक सशक्त अभिनेता के साथ-साथ बेहतरीन लेखक और रचनात्मक कलाकार के रूप में जाना जाता था। अपने लंबे करियर में उन्होंने समाज से जुड़े विषयों पर आधारित कई यादगार फिल्मों में काम किया और अपनी सादगीपूर्ण लेकिन प्रभावशाली अभिनय शैली से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। अभिनेता ने अपने करियर में कई चर्चित और सफल फिल्मों में अभिनय किया। उनकी फिल्मों में सामाजिक सरोकार, व्यंग्य और मानवीय संवेदनाएं साफ झलकती थीं। उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें विभिन्न पुरस्कारों और सम्मानों से भी नवाजा गया। श्रीनिवासन के परिवार में उनकी पत्नी विमला और दो बच्चे हैं। परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए फिल्म जगत के कई नामी कलाकारों और राजनीतिक-सांस्कृतिक हस्तियों ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। मलयालम सिनेमा ने आज एक ऐसा कलाकार खो दिया है, जिसने अपने अभिनय और रचनात्मकता से सिनेमा को नई दिशा दी। श्रीनिवासन भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका काम और उनकी यादें सिनेप्रेमियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी।
इवेंट में हंगामा: प्रभास की फिल्म ‘द राजा साहब’ की हीरोइन निधि अग्रवाल के साथ बदसलूकी, 31 सेकेंड का वीडियो वायरल
हैदराबाद, 18 दिसंबर : बॉलीवुड से लेकर साउथ सिनेमा तक अपनी पहचान बना चुकी अभिनेत्री निधि अग्रवाल हाल ही में एक विवादित घटना को लेकर चर्चा में हैं। 2017 में फिल्म मुन्ना माइकल से अपने करियर की शुरुआत करने वाली निधि अग्रवाल, प्रभास स्टारर फिल्म द राजा साहब के एक प्रमोशनल इवेंट के सिलसिले में हैदराबाद पहुंची थीं। इवेंट के दौरान मौजूद भीड़ के एक हिस्से ने अभिनेत्री के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिसका 31 सेकेंड का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ती नजर आती है और कुछ लोग अभिनेत्री के बेहद करीब आकर असहज स्थिति पैदा कर देते हैं। घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कई यूजर्स ने इसे शर्मनाक बताते हुए आयोजकों और सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। वहीं, फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों ने भी अभिनेत्री के समर्थन में आवाज उठाते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों में कलाकारों की सुरक्षा को लेकर सख्त इंतजाम की मांग की है। फिलहाल इस मामले में निधि अग्रवाल या उनके प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो ने एक बार फिर महिला कलाकारों की सुरक्षा और सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण जैसे गंभीर मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
‘धुरंधर’ के दुश्मनों पर बरसीं श्रद्धा कपूर, ‘स्त्री’ ने खोली बॉलीवुड की पोल
मुंबई, 16 दिसंबर: रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के बाद से ही फिल्म को दर्शकों और फिल्म समीक्षकों की ओर से खूब सराहना मिल रही है। यही नहीं, बॉलीवुड के कई सितारे भी खुलकर फिल्म की तारीफ कर रहे हैं। इसी कड़ी में अब अभिनेत्री श्रद्धा कपूर का नाम भी जुड़ गया है। श्रद्धा कपूर ने सोशल मीडिया पर ‘धुरंधर’ की तारीफ करते हुए न सिर्फ फिल्म की कहानी और अभिनय को सराहा, बल्कि अभिनेत्री यामी गौतम के खिलाफ हो रही आलोचनाओं पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। श्रद्धा ने बिना किसी का नाम लिए यामी को निशाना बनाने वालों को आड़े हाथों लिया और कहा कि इंडस्ट्री में मेहनत और टैलेंट को नजरअंदाज करना गलत है। ‘स्त्री’ फेम श्रद्धा ने अपने बयान में बॉलीवुड की उस सोच पर सवाल उठाए, जहां कभी-कभी निजी पूर्वाग्रहों के चलते कलाकारों की मेहनत को कमतर आंकने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों की सफलता इस बात का सबूत है कि दर्शक अब कंटेंट और दमदार अभिनय को ही प्राथमिकता देते हैं। गौरतलब है कि रणवीर सिंह और यामी गौतम की केमिस्ट्री को फिल्म में खासा पसंद किया जा रहा है। ‘धुरंधर’ की सफलता के बीच श्रद्धा कपूर का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और कई फैंस उनके समर्थन में सामने आ रहे हैं। फिल्म की बढ़ती लोकप्रियता और सितारों के समर्थन से साफ है कि ‘धुरंधर’ न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर, बल्कि बॉलीवुड के भीतर भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
घोड़ी चढ़ते-चढ़ते रह गए थे अक्षय खन्ना, एक वजह ने रोक दी शादी—आज भी कुंवारे हैं एक्टर
मुंबई, 12 दिसंबर: बॉलीवुड एक्टर अक्षय खन्ना (Akshaye Khanna) इन दिनों फिल्म धुरंधर में अपने दमदार किरदार रहमान डकैत की वजह से सुर्खियों में हैं। 1997 में अपने फिल्मी सफर की शुरुआत करने वाले अक्षय ने बॉर्डर के जरिए पहली बड़ी पहचान बनाई, जिसके लिए उन्हें बेस्ट डेब्यू मेल का अवॉर्ड भी मिला। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अक्षय खन्ना एक समय एक नामचीन एक्ट्रेस से शादी करने के बेहद करीब थे। कहा जाता है कि रिश्ता लगभग तय हो चुका था और बात घोड़ी तक पहुंच गई थी, लेकिन एक निजी वजह के चलते यह शादी अटक गई। इसके बाद अक्षय ने कभी शादी का कदम नहीं बढ़ाया और आज भी वो बॉलीवुड के सबसे योग्य कुंवारों में गिने जाते हैं। अक्षय खन्ना ने कई इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें शादी के बंधन में बंधने का विचार कभी पूरी तरह से सही नहीं लगा और उनका झुकाव हमेशा एकल जीवन की ओर रहा। भले ही करियर में उन्होंने एक से बढ़कर एक किरदार निभाए हों, लेकिन निजी जिंदगी में वह आज भी सिंगल हैं।
‘इसमें देशभक्ति का दिखावा…’, धुरंधर देख अनुपम खेर का बड़ा बयान
मुंबई, 11 दिसंबर: अभिनेता अनुपम खेर ने निर्देशक आदित्य धर की फिल्म धुरंधर देखने के बाद सोशल मीडिया पर अपना रिएक्शन साझा किया। फिल्म पूरी करते ही उन्होंने एक वीडियो जारी कर बताया कि कहानी और प्रदर्शन ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि वे तुरंत रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना और निर्देशक आदित्य धर को फोन करने से खुद को रोक नहीं पाए। वीडियो में अनुपम खेर ने कहा कि फिल्म में ‘देशभक्ति का दिखावा नहीं, बल्कि भावनाओं की सच्ची ताकत दिखती है।’ उन्होंने कलाकारों के काम की तारीफ करते हुए कहा कि धुरंधर आज के दौर में बनी एक अहम और प्रभावशाली फिल्म है। अनुपम खेर का यह रिव्यू फिल्म की टीम के लिए हौसला बढ़ाने वाला माना जा रहा है, खासकर तब जब दर्शकों में धुरंधर को लेकर लगातार चर्चा बढ़ रही है।