नई दिल्ली, 14 अक्टूबर: दिल्ली सरकार के ट्रांसजेंडर कल्याण उपायों में नौकरी के आवेदन पत्रों में तीसरे लिंग की श्रेणी रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा उनके लिए सभी सरकारी कार्यालयों में अलग शाैचालय भी बनाए जाएंगे। संबंधित विभागाें को इसे समयबद्ध तरीके से लागू करने और 20 अक्तूबर तक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के निर्देशों के तहत दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल कल्याण विभाग (डब्ल्यूसीडी) ने हर जिले में एक भेदभाव-विरोधी सेल की स्थापना का आदेश दिया है। दिल्ली में ट्रांसजेंडर के कल्याण के लिए जिला कार्यालयों, प्रशासन और अन्य विभागों को सिफारिशों का एक सेट दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक ट्रांसजेंडरों के लिए भेदभाव-विरोधी सेल में तीन सदस्य होंगे और उनमें से कम से कम एक महिला या ट्रांसजेंडर होनी जरूरी है।भर्तियों के संबंध में दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान शाखा पदाधिकारियों को समयबद्ध तरीके से दस्तावेज़ को सत्यापित करने और स्वीकार करने की सलाह दी गई है। भले ही ट्रांसजेंडर व्यक्ति का नाम या फोटो मूल दस्तावेजों से भिन्न हो, बशर्ते उम्मीदवार के पास ट्रांसजेंडर का प्रमाणपत्र प्राप्त हो।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *