नई दिल्ली, 30 जुलाई : बाहरी दिल्ली के नांगलोई इलाके में ताजिया जुलूस के दौरान हंगामे में पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है। पहला केस सूरजमल स्टेडियम में हुए हंगामे में नांगलोई एसएचओ प्रभु दयाल के बयान पर हत्या के प्रयास व अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ है। वहीं दूसरा घटना स्थल-नांगलोई चौक पर हुए बवाल में कानून एवं व्यवस्था के इंस्पेक्टर नानग राम के बयान पर सरकारी काम में बाधा, तोड़-फोड़ व हंगामा करने का मामला दर्ज किया है।

इसी क्रम में तीसरी एफएआईआर घटना स्थल-नांगलोई मेट्रो स्टेशन के पास बस में तोड़-फोड़ व हमला करने के मामले में हेडकांस्टेबल मुकेश कुमार के बयान पर दर्ज की गई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की माने तो घटना में हंगामा करने व तोड़-फोड़ करने वाले करीब 600 से ज्यादा लोगों की पहचान की गई है। जिन्हें पुलिस जल्द ही हिरासत में लेगी।

उल्लेखनीय है कि शनिवार शाम मोहर्रम के मौके पर ताजिया निकाला जा रहा था। ताजिया के जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। इस वजह से अचानक भगदड़ मच गई। पथराव में कई लोग घायल भी हुए। इस दौरान हालत हो संभालने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज शुरू कर दी। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने माहौल को पूरी तरह से शांत किया और दर्जनों लडकों को हिरासत में लिया।

वहीं पुलिस ने मामला दर्ज करके सौ से ज्यादा मोबाइल फोन से बनाई वीडियो और सोशल मीडिया पर अपलोड वीडियो को भी जब्त किया है। पुलिस वीडियो की सहायता से हुड़दंगियों की पहचान करके उनके ठिकानों पर छापेमारी कर उनको पकड़ने की कोशिश कर रही है। बताया जा रहा है कि जुलूस में शामिल लोग ताजिया को सूरजमल स्टेडियम के अंदर ले जाना चाहते थे, लेकिन स्टेडियम का गेट बंद था। इस कारण पुलिस जुलूस में शामिल लोगों को अंदर जाने से मना कर रही थी। इसी बात पर जुलूस में शामिल लोग भड़क गए और पथराव शुरू कर दिया। स्थिति यह हो गई कि बस में सवार यात्रियों को सीट के नीचे छुप कर अपनी जान बचानी पड़ी।

Rajnish Pandey
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