नई दिल्ली, 26 जुलाई : केंद्रीय जल शक्ति व खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल को एक सेक्सटॉर्शन गिरोह द्वारा पैसे उगाही करने के मकसद से कॉल करने का मामला सामने आया है। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने कॉलर के माेबाइल नंबरों की जांच कर दो आरोपित माेहम्मद वकील व मोहम्मद साहिब को राजस्थान के भरतपुर से गिरफ्तार कर लिया है।

रैकेट में शामिल एक अन्य आरोपित व मास्टरमाइंड मोहम्मद साबिर की पुलिस तलाश कर रही है। ये सभी संगठित सेक्सटॉर्शन रैकेट चलाते हैं। क्राइम ब्रांच के विशेष आयुक्त रवींद्र सिंह यादव का कहना है कि केंद्रीय मंत्री जब मध्य प्रदेश में अपने गांव का दौरा कर रहे थे, तभी 26 जून को किसी ने महिला की प्रोफाइल फोटो लगे वाट्सऐप नंबर से उन्हें वीडियो कॉल किया था।

कॉल उठाते ही कॉलर के नंबर पर एक महिला के कपड़े उतारने संबंधी पहले से रिकार्डेड वीडियो चालू हो गया था। करीब दो तीन मिनट के दौरान जब तक वह कुछ समझ पाते कॉलर ने दूसरे मोबाइल से बातचीत संबंधी वीडियो रिकार्ड कर लिया और उसके बाद सेक्सटार्शन गिरोह के सदस्यों ने पैसे ऐंठने के मकसद से उन्हें कॉल करना शुरू कर दिया था।

ब्लैकमेल कर मंत्री से मांगे रुपये

केंद्रीय मंत्री को फोन करने वाले ने कहा कि उन्होंने एक महिला के साथ वीडियो कॉल पर अश्लील बातें की हैं जिसका वीडियो उसके पास है। वह उक्त वीडियो को फेसबुक पर डाल देगा, जिससे उनकी बदनामी होगी। वीडियो न डालने के एवज में जैसे ही कॉलर ने उनसे पैसे की मांग करनी चाही, उन्होंने माजरा समझ कर फोन काट दिया।

इसके बाद केंद्रीय मंत्री के अपने अतिरिक्त निजी सचिव आलोक मोहन को सारी जानकारी दी। आलोक मोहन ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करा दी। कॉलर के नंबरों की जांच करने पर पता चला कि भरतपुर के मलिकी गांव से कॉल की गई थी। पुलिस टीम कई बार आरोपितों को पकड़ने वहां गई। स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों को गांव में नहीं घुसने दिया।

दो आरोपितों को पुलिस ने पकड़ा

पिछले हफ्ते क्राइम ब्रांच की टीम ने बहुत मुश्किल से गांव के समीप दोनों को उस समय दबोच लिया, जब वे गांव से निकलकर बाजार के लिए निकले थे। उनके पास से अपराध में इस्तेमाल एक मोबाइल बरामद कर लिया गया है। दूसरा मोबाइल बरामद करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि पूरे गांव में अधिकतर लोग सेक्सटॉर्शन रैकेट चलाते हैं। पुलिस जब वहां आरोपितों को पकड़ने जाती है, तब गांव के लोग पुलिसकर्मियों का विरोध करते हैं।

Rajnish Pandey
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