नई दिल्ली, 26 जुलाई : पाकिस्तान के साथ कारगिल युद्ध में जीत के 24 साल पूरे होने का तीनों सेनाएं जश्न मना रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी देश पर जान न्योछावर करने वाले बहादुरों को श्रद्धांजलि दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सैन्य बलों के प्रमुख (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाध्यक्षों ने कारगिल युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर 1999 के कारगिल युद्ध में अपनी जान गंवाने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

लद्दाख स्थित द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक पर सैन्य परम्परा के साथ हुए इस श्रद्धांजलि समारोह के पास से तीन चीतल हेलिकॉप्टर गुजरे और फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं। कारगिल विजय दिवस पर चार मिग 29 विमानों ने द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक से उड़ान भरी। इसके बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करके 1999 के कारगिल युद्ध में अपनी जान गंवाने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल युद्ध स्मारक पर वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा कि आज, ‘कारगिल विजय दिवस’ पर भारत माता के उन जांबाज सपूतों को नमन करता हूं, जिन्होंने राष्ट्र को सर्वप्रथम रखा और उसके लिए प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटे। रक्षा मंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध भारत के ऊपर एक थोपा गया युद्ध था। उस समय देश ने पाकिस्तान से बातचीत के माध्यम से मुद्दों को सुलझाने का प्रयास किया। स्वयं अटलजी ने पाकिस्तान की यात्रा करके कश्मीर सहित अन्य मुद्दों को सुलझाने का प्रयास किया था, लेकिन पाकिस्तान ने हमारी पीठ में खंजर घोंप दिया था।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1999 के कारगिल युद्ध में जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने सम्मान स्वरूप उन्हें एक स्मृति चिन्ह और एक शॉल भी सौंपा। उन्होंने कारगिल युद्ध के बहादुरों की याद में द्रास में बने ‘हट ऑफ रिमेंबरेंस’ संग्रहालय का दौरा किया।

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कारगिल विजय दिवस पर द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कारगिल विजय दिवस पर द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने एक संदेश में कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के पराक्रम, शौर्य और दृढ़ निश्चय का प्रतीक है। आज के इस गौरवशाली दिवस पर उन सभी शूरवीरों को नमन, जिनके अदम्य साहस से यह विजय हासिल हुई। देश के स्वाभिमान और संप्रभुता की रक्षा के लिए भारतीय सेना सदैव समर्पित है।

भारतीय सेना ने कहा कि कारगिल विजय दिवस उन बहादुरों की निडर बहादुरी और साहस की याद दिलाता है, जिन्होंने अपने खून और बलिदान से इतिहास में एक सुनहरा अध्याय लिखा। उन्होंने दुश्मन के दुस्साहस का करारा जवाब दिया और इस देश को शानदार जीत दिलाई। सीओएएस जनरल मनोज पांडे ने कारगिल युद्ध स्मारक, द्रास में एक भव्य समारोह ‘शौर्य संध्या’ में कारगिल युद्ध के बहादुरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वीर नायकों, वीर नारियों और विभिन्न नागरिक और सैन्य गणमान्य व्यक्तियों ने जान न्योछावर करे वाले बहादुरों के सम्मान में 559 दीपक जलाए।

जनरल पांडे ने कारगिल युद्ध के दिग्गजों, वीर नायकों और शहीद नायकों के परिवार के सदस्यों को भी सम्मानित किया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण अवसर पर नारी सशक्तीकरण महिला मोटरसाइकिल रैली टीम और उपस्थित अन्य सभी गणमान्य व्यक्तियों के साथ बातचीत की। कार्यक्रम के दौरान सैन्य बैंड और लद्दाख की समृद्ध और विविध संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक प्रदर्शन का मनमोहक प्रदर्शन भी किया गया।

त्रिशूल डिवीजन के हीरक जयंती समारोह और 24वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर, जीओसी त्रिशूल डिवीजन ने त्रिशूल युद्ध स्मारक पर बहादुरों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान त्रिशूल डिवीजन का एक विशेष दिवस कवर भी जारी किया गया।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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