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वाराणसी, 10 जुलाई : श्रावण मास के पहले सोमवार पर श्री काशी विश्वनाथ की नगरी अपने आराध्य की भक्ति में आकंठ लीन है। काशीपुराधिपति का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ियों और शिवभक्तों का रेला धाम में उमड़ रहा है। बाबा की नगरी में चंहुओर कंकर-कंकर शंकर का नजारा दिख रहा है। पूरे मंदिर परिक्षेत्र में सुरक्षा का व्यापक प्रबंध किया गया है। चप्पे-चप्पे पर चौकसी बरती जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एटीएस के कमांडो तैनात किए गए हैं। भक्तों की सुविधा के लिए बाबा के गर्भगृह में पूजन अर्चन का सजीव प्रसारण हो रहा है।

दरबार में मंगला आरती के बाद भोर से ही शिवभक्त कतारबद्ध होकर गर्भगृह के बाहर लगे पात्र से ज्योर्तिंलिंग का जलाभिषेक कर रहे हैं। मंदिर में बाबा का झांकी दर्शन और धाम का नव्य,भव्य और विस्तारित स्वरूप देख शिवभक्त और कावंड़िये आह्लादित होकर हर-हर महादेव का परम्परागत कालजयी उद्घोष कर रहे है।

इसके पूर्व आज भोर में 3.30 बजे बाबा के ज्योर्तिलिंग की विधि विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य श्रृंगार कर मंगला आरती हुई। इसके बाद मंदिर का पट खुलते ही श्रद्धा की अटूट कतार स्वर्णिम दरबार के दरश-परश के लिए उमड़ पड़ी। दरबार में झांकी दर्शन कर श्रद्धालुओं ने घर परिवार में सुख शान्ति,वंश वेल वृद्धि के लिए बाबा से कातर गुहार भी लगाई। इसके पहले रविवार देर शाम से ही दर्शन पूजन के लिए खड़े शिवभक्त और कावंड़िये बाबा की एक झलक पाने के लिए कतारबद्ध होने लगे। मध्य रात्रि में मंदिर प्रशासन की ओर से शिवभक्तों के लिए रेड कार्पेट बिछाई गई और फूल बरसाकर स्वागत किया गया।

विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि शयन आरती तक दो लाख 10 हजार शिवभक्तों ने बाबा दरबार में दर्शन पूजन किया। मध्यरात्रि के बाद लाइन में कतारबद्ध लाखों शिवभक्तों का उत्साह आसमान छूने लगा। रात भर की थकावट, उमस, बारिश, भूख पांव में छाले भी उनकी भक्ति की राह नही रोक पाये। दरबार में पहुंचते ही हर-हर महादेव का उद्घोष बाबा के प्रति समर्पण उनके अंग-अंग से झलक रहा था। भोर से सुबह सात बजे तक हजारों श्रद्धालु बाबा का झांकी दर्शन् और बाहर लगे पात्र से जलाभिषेक कर चुके थे। बैरिकेडिंग में श्रद्धालुओं की लंबी कतार दर्शन् पूजन के लिए प्रतीक्षारत थी। कांवड़िये दशाश्वमेध घाट पर गंगा स्नान के बाद पात्रों में जल भरकर अलसुबह से ही काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन् पूजन के लिए लाइन में लगते रहे। मंदिर के गेट नंबर चार से गोदौलिया और बुलानाला तक बनी बैरिकेडिंग से श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर रहे हैं। गंगा द्वार ललिताघाट की ओर से भी श्रद्धालु शिवभक्तों को धाम के रास्ते मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। श्री विश्वनाथ मंदिर में गेट नंबर एक, दो से भी शिवभक्त रेड कार्पेट पर चलकर दरबार में पहुंच रहे हैं।

मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा के अनुसार सावन के पहले सोमवार को दरबार में पांच से सात लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। गर्भगृह में प्रवेश और स्पर्श दर्शन की अनुमति नहीं होगी। भक्तों को बाहर से ही झांकी दर्शन और बाहर लगे पात्र से जलाभिषेक करना होगा। कांवरियों की अलग लेन बनाई गई है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि चारों द्वारों से भक्तों को प्रवेश दिया जा रहा है, जो जिस द्वार से आ रहा है उसी से दर्शन कर वापस बाहर आ रहा है। धाम तक बुजुर्ग श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए मैदागिन और गोदौलिया से ई-रिक्शा व व्हीलचेयर की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है।

उधर,सावन के पहले सोमवार पर मैदागिन से गोदौलिया, सोनारपुरा चौराहे तक, गुरुबाग से रामापुरा, बेनियाबाग तिराहे तक, ब्राडवे तिराहा से सोनारपुरा होकर गोदौलिया तक, भेलूपुर से रामापुरा चौराहे तक पैदल छोड़ सभी वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है। कतारबद्ध कावरियों और शिवभक्तों की सेवा में सामाजिक संगठनों,नागरिक सुरक्षा संगठन के साथ सपा भाजपा के कार्यकर्ता जगह-जगह शिविर लगाये हुए है। कोई पाइप से उनके पैर घुलवा कर खुद को धन्य समझ रहा था। तो कोई चाय, नीबू पानी, चना, मनुहार के साथ खिला रहा था। सावन के पहले सोमवार पर ही नगर के अन्य प्रमुख शिवालयों महामृत्युजंय,शूलटंकेश्वर महादेव, तिलभाण्डेश्वर महादेव, गौरी केदारेश्वर महादेव, त्रिलोचन महादेव, रामेश्वर महादेव, कर्मदेश्वर महादेव, सारंगनाथ, गौतमेश्वर महादेव,बीएचयू विश्वनाथ मंदिर,ओमकालेश्वर महादेव, लाटभैरव सहित सभी छोटे-बड़े शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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