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नई दिल्ली, 09 जुलाई : दिल्ली सरकार ने हरियाणा द्वारा हथिनीकुंड बराज से यमुना नदी में एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद रविवार को बाढ़ की चेतावनी जारी की।

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने एक आदेश में कहा, ”शाम चार बजे हथिनीकुंड बराज से 1,05,453 क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़े जाने के चलते पहली चेतावनी जारी की जा रही है।”

बाढ़ के खतरे के मद्देनजर अधिकारियों को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया गया है। नदी के तटबंध के आसपास रहने वाले लोगों को जागरूक और आगाह करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दलों को भी तैनात किया गया है।

वहीं, दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और इसके मंगलवार को खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार करने की आशंका है।

केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के बाढ़ निगरानी पोर्टल के अनुसार, ओल्ड रेलवे ब्रिज पर यमुना का जलस्तर रविवार अपराह्न एक बजे 203.18 मीटर था, जबकि खतरे का स्तर 204.5 मीटर है।

सीडब्ल्यूसी ने एक परामर्श में कहा कि मंगलवार को सुबह 11 बजे से अपराह्न एक बजे के बीच जलस्तर 205.5 मीटर तक बढ़ने की आशंका है।

उत्तर-पश्चिम भारत में पिछले दो दिन से लगातार बारिश हो रही है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कई इलाकों में ‘भारी से बहुत भारी’ बारिश दर्ज की गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, दिल्ली में रविवार सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुई 24 घंटे की अवधि में 153 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 1982 के बाद से जुलाई में एक दिन में सर्वाधिक बारिश है। चंडीगढ़ और अंबाला में रिकॉर्ड क्रमश: 322.2 मिलीमीटर और 224.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली में यमुना नदी के पास स्थित निचले इलाके बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं और वहां करीब 37,000 लोग रहते हैं।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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