छपरा। न्यायालय के आदेश की अवहेलना और प्राथमिकी दर्ज नहीं करने के मामले में गरखा थाना के थानाध्यक्ष के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सह सत्र न्यायाधीश दीपांशु श्रीवास्तव ने विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने इस संबंध में सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को पत्र भेजकर 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गड़खा थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव निवासी राजू दास ने दिनांक 8 अप्रैल 2025 को परिवाद पत्र संख्या 34/2025 न्यायालय में दाखिल किया था। इस परिवाद में उन्होंने अपने ही गांव के रंजीत महतो सहित कुल 15 व्यक्तियों को नामजद अभियुक्त बनाया था।

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने परिवादकर्ता एवं गवाहों के बयान दर्ज किए। गवाही और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश संबंधित थानाध्यक्ष को दिया था।

हालांकि, न्यायालय के आदेश के बावजूद गरखा थानाध्यक्ष द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इतना ही नहीं, न्यायालय द्वारा निर्गत शो-कॉज नोटिस का जवाब भी निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे न्यायालय ने गंभीर लापरवाही और आदेश की अवहेलना माना।

इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विशेष न्यायाधीश ने थानाध्यक्ष के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने हेतु एसएसपी सारण को पत्र प्रेषित किया है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि थानाध्यक्ष के विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत की जाए।

न्यायालय के इस सख्त रुख को प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मामले को लेकर पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।

Rajnish Pandey
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