नई दिल्ली। अमेरिका में टैरिफ को लेकर फिर से बड़ा राजनीतिक और आर्थिक विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में Supreme Court of the United States द्वारा पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के प्रस्तावित टैरिफ को गैरकानूनी करार दिए जाने के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। इसके बावजूद ट्रंप की ओर से दुनिया के सभी देशों पर पहले 10% और फिर बढ़ाकर 15% तक टैरिफ लगाए जाने की घोषणा ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है।

इस पूरे घटनाक्रम पर भारत की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने सोमवार को कहा कि अमेरिका में चल रहे इस टैरिफ घमासान का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस बारे में अभी कोई भी ठोस टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।

अमेरिका में टैरिफ नीति लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही है। हालिया फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के कुछ टैरिफ प्रावधानों को कानूनी दायरे से बाहर बताया। हालांकि इसके बाद वैश्विक स्तर पर 10% से बढ़ाकर 15% तक टैरिफ लागू करने की घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के व्यापक टैरिफ से वैश्विक सप्लाई चेन, निर्यात-आयात संतुलन और बहुपक्षीय व्यापार समझौतों पर असर पड़ सकता है।

Rajnish Pandey
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