गोपालगंज (बिहार)। मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन गोपालगंज से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के व्हीएम इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय के बाद पहुंचीं कुछ छात्राओं को गेट से प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद छात्राओं ने जान जोखिम में डालते हुए केंद्र की दीवार फांदकर अंदर जाने का प्रयास किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से पूर्व बोर्ड के दिशा-निर्देशों के तहत केंद्र का मुख्य द्वार निर्धारित समय पर बंद कर दिया गया। इसी दौरान कुछ परीक्षार्थी देरी से केंद्र पहुंचे। नियमों का हवाला देते हुए केंद्र प्रशासन ने उन्हें प्रवेश देने से इनकार कर दिया। गेट बंद देख कुछ छात्राएं व्याकुल हो उठीं और पास की दीवार पर चढ़कर अंदर जाने की कोशिश करने लगीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दीवार काफी ऊंची थी और उसे पार करते समय गिरने का जोखिम था। छात्राओं द्वारा इस तरह दीवार फांदना न केवल नियमों की मजबूरी को दर्शाता है, बल्कि सुरक्षा इंतजामों की गंभीर कमी की ओर भी इशारा करता है। मौके पर मौजूद अभिभावकों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि कोई दुर्घटना हो जाती तो जिम्मेदारी किसकी होती?
कुछ परीक्षार्थियों और उनके परिजनों का कहना है कि वे दूर-दराज के क्षेत्रों से आए थे और रास्ते में ट्रैफिक जाम के कारण देरी हो गई। उनका आरोप है कि कुछ मिनट की देरी के कारण भविष्य दांव पर लग गया। वहीं, परीक्षा केंद्र प्रशासन का कहना है कि बिहार बोर्ड के सख्त निर्देशों के तहत निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती।