नई दिल्ली। राजधानी में एक निजी स्कूल द्वारा कथित फीस वृद्धि और छात्रों के रोल नंबर रोके जाने के मामले ने सियासी रंग ले लिया है। आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते हुए इसे “बच्चों के भविष्य से खिलवाड़” बताया और दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
भारद्वाज ने कहा कि “दिल्ली के अंदर इतनी बड़ी गुंडागर्दी चल रही है, लेकिन मुख्यमंत्री उदयपुर में शादी समारोह में व्यस्त हैं।” उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधते हुए कहा कि जब अभिभावक और बच्चे परेशान हैं, तब सरकार संवेदनहीन बनी हुई है।
शिक्षा मंत्री पर भी सवाल
विधायक ने शिक्षा मंत्री Ashish Sood की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि शिक्षा विभाग को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है।
‘सील’ और कोर्ट की अंडरटेकिंग का दावा
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान संबंधित स्कूल को फीस में कथित अनियमितताओं के चलते सील किया गया था। बाद में स्कूल प्रबंधन ने अदालत में यह अंडरटेकिंग दी थी कि वह फीस में मनमानी वृद्धि नहीं करेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद स्कूल प्रबंधन के “हौसले बुलंद” हो गए हैं और अब फिर से अभिभावकों पर बढ़ी हुई फीस का दबाव बनाया जा रहा है।
रोल नंबर रोके जाने से बढ़ी चिंता
मामले को लेकर सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिन अभिभावकों ने बढ़ी हुई फीस का भुगतान नहीं किया, उनके बच्चों के रोल नंबर रोक दिए गए हैं। परीक्षा नजदीक होने के कारण छात्र और अभिभावक तनाव में हैं।
AAP का ऐलान: ‘एडमिट कार्ड लेकर ही जाएंगे’
भारद्वाज ने स्पष्ट कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी। “हम परेशान बच्चों और अभिभावकों के साथ खड़े हैं। आज हम एडमिट कार्ड लेकर ही जाएंगे,” उन्होंने कहा।
फीस वृद्धि और निजी स्कूलों की जवाबदेही का मुद्दा दिल्ली की राजनीति में पहले भी उठता रहा है। ताजा विवाद ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक हस्तक्षेप को केंद्र में ला दिया है। अब निगाहें दिल्ली सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि छात्रों के हित में क्या कदम उठाए जाते हैं।