छपरा, 13 फरवरी। जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित “जनता के दरबार में जिलाधिकारी” कार्यक्रम के तहत आज जिलाधिकारी ने कुल 103 लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। यह कार्यक्रम प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है, जिससे आमजन को अपनी शिकायत सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है।

राजस्व एवं भूमि विवाद के मामले रहे प्रमुख

आज के जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों में अधिकांश मामले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े रहे।

अमनौर के एक आवेदक ने शिकायत की कि उनकी जमीन का उल्लेख रजिस्टर-2 में दर्ज नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारी को तत्काल बुलाकर स्वयं सुनवाई करने का निर्णय लिया।

इसी तरह दरियापुर के एक आवेदक ने बताया कि उनका रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी को स्थल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

इसुआपुर से आए एक अन्य आवेदक ने भी अपने पट्टीदार द्वारा रास्ता बाधित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी को संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर त्वरित कार्रवाई करने का आदेश दिया।

जनकल्याण योजनाओं में भी सामने आईं शिकायतें

परसा के एक आवेदक ने राशन नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित मार्केटिंग ऑफिसर (एमओ) को जांच कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

सोनपुर के एक आवेदक ने बताया कि उनकी निजी जमीन पर ग्रामीण सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस मामले में जिलाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

सेवांत लाभ और सब्सिडी भुगतान पर निर्देश

एक सेवानिवृत्त संस्कृत शिक्षक ने अपने सेवांत लाभ से संबंधित बकाया भुगतान न होने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को दूरभाष पर अविलंब बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

वहीं परसा के एक अन्य आवेदक ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत सब्सिडी राशि का भुगतान लंबित होने की शिकायत की। प्रखंड विकास पदाधिकारी से दूरभाष पर जानकारी लेने पर बताया गया कि आवेदक के सब्सिडी भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर ली गई है और शीघ्र ही राशि उनके खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी।

त्वरित समाधान पर प्रशासन का जोर

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि “जनता के दरबार” का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं।

अन्य प्राप्त आवेदनों के संबंध में भी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जनता दरबार के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच संवाद की यह कड़ी लगातार मजबूत हो रही है, जिससे लोगों में भरोसा और पारदर्शिता दोनों बढ़ रहे हैं।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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