नई दिल्ली : भारत–अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के ऐलान के बाद एक बेहद संवेदनशील राजनीतिक मोड़ सामने आया है, जिसने दक्षिण एशिया की कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है। संयुक्त राज्य अमेरिका के Office of the U.S. Trade Representative (USTR) द्वारा जारी एक मानचित्र में पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भी शामिल है, भारतीय सीमा के अंदर दिखाया गया है। इस कदम को विशेषज्ञों ने पाकिस्तान के लिए “कूटनीतिक झटका” बताया है और यह अमेरिका के कश्मीर पर रुख में संभावित बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
क्या कहा अमेरिका ने?
अमेरिका के ट्रेड प्रतिनिधि कार्यालय ने जो मानचित्र X (पूर्व ट्विटर) पर साझा किया है, उसमें जम्मू-कश्मीर और PoK को स्पष्ट रूप से भारत का हिस्सा दिखाया गया है — जो कि अब तक चल रहे विवादित दावों के विपरीत एक स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। यह मानचित्र भारत–अमेरिका के अंतरिम व्यापार समझौते के घोषणा के साथ प्रकाशित किया गया, जिससे यह कूटनीतिक एवं आर्थिक संदेश दोनों के रूप में पढ़ा जा रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, यह एक सामरिक राजनीतिक संकेत है जो दिखाता है कि अमेरिका भारत की “क्षेत्रीय अखंडता” के पक्ष में मजबूत समर्थन दिखाना चाहता है — एक ऐसा रुख जो पाकिस्तान के longstanding दावे को चुनौती देता प्रतीत होता है।
अंतरिम ट्रेड समझौता: क्या है और क्यों अहम?
आज दोनों देशों ने अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा (framework) पर सहमति व्यक्त की है, जिसमें प्रमुख बिंदु शामिल हैं:
- अमेरिका भारतीय निर्यात पर 18% टैक्स लागू करेगा, जो पहले काफी अधिक था।
- भारत अमेरिका से आयात पर कुछ टैक्स हटाने या घटाने के लिए सहमत हुआ है।
- समझौता भविष्य में एक विस्तृत द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट की दिशा में कदम है।
यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक, कूटनीतिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है — खासकर चीन के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक आपूर्ति-शृंखला के पुनर्गठन के बीच।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और राजनीतिक माहौल
इस कदम को देखने के बाद पाकिस्तान में खासा प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। PoK मुद्दे पर पाकिस्तान के नेताओं की पुरानी बयानबाज़ी को देखते हुए यह कदम उन्हें खासा राजनीतिक चुनौती देता है। PoK हमेशा से एक संवेदनशील विषय रहा है, जिस पर भारत ने हमेशा इसे भारतीय अखंडता का हिस्सा बताया है और पाकिस्तान ने इसका विरोध किया है।
विशेष रूप से, पाक अधिकृत कश्मीर में हाल ही में प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ द्वारा दिया गया भाषण भी इसी असमंजस का उदाहरण है, जिसमें उन्होंने कश्मीर को अंततः पाकिस्तान का हिस्सा बनने की बात कही थी।
♦अमेरिका का मानचित्र साझा करना सिर्फ एक वाणिज्यिक बयान नहीं है — यह राजनीतिक संदेश भी है।
♦अमेरिका ने कूटनीतिक तौर पर PoK को भारत का हिस्सा दिखाकर अपने रुख में स्पष्टता या बदल को संकेत दिया है।
♦यह कदम भारत-अमेरिका रिश्तों में नयी मजबूती का प्रतीक माना जा रहा है, जबकि पाकिस्तान को यह एक बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है।
अंतरिम ट्रेड समझौता दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को अगले स्तर पर ले जाने की दिशा में पहला कदम है।