छपरा । छपरा शहर में जलनिकासी की गंभीर समस्या को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी सारण श्री वैभव श्रीवास्तव ने आज दिनांक 04 फरवरी 2026 को छपरा नगर निगम और सदर प्रखंड अंतर्गत खनुआ नाला समेत शहर के सभी छोटे-बड़े नालों और उनके आउटलेट का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया।

इस निरीक्षण में नगर आयुक्त, छपरा नगर निगम, वरीय परियोजना अभियंता बुडको एवं उनकी टीम, सहायक अभियंता पथ प्रमंडल छपरा, अंचलाधिकारी सदर तथा अमीन शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान डीएम ने नालों की स्थिति, अतिक्रमण, जल प्रवाह और निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने उप समाहर्ता भूमि सुधार सदर एवं अंचलाधिकारी सदर को साढ़ा ढाला ओवरब्रिज के नीचे से जटही पोखरा, वहां से दूधिया पोखरा होते हुए तेल नदी तक तथा दूधिया पोखरा से बग्घी नाला तक नक्शे में दर्शाए गए सभी छोटे-बड़े नालों की विधिवत मापी कराने का निर्देश दिया। डीएम ने स्पष्ट किया कि मापी के बाद 15 दिनों के भीतर पिलर या अन्य स्थायी सामग्री से मार्किंग अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि भविष्य में अतिक्रमण की कोई गुंजाइश न रहे।

डीएम ने वरीय परियोजना अभियंता, बुडको को छपरा नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत पटेल छात्रावास से आईडीएस पब्लिक स्कूल तक शेष 200 मीटर खनुआ नाला निर्माण कार्य एक सप्ताह के अंदर शुरू करने का सख्त निर्देश दिया। इसके साथ ही खनुआ नाला से जुड़ने वाले सभी प्राथमिक नालों के जंक्शन पॉइंट पर स्क्रीन लगाने और जंक्शन चैंबर निर्माण का आदेश दिया गया, ताकि प्लास्टिक और ठोस कचरा मुख्य नाले में प्रवेश न कर सके।

शहर की दीर्घकालिक समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त, छपरा नगर निगम को पूरे शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए मास्टर ड्रेनेज प्लान तैयार करने हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग से परामर्शी (कंसल्टेंट) की नियुक्ति के लिए विभाग को अनुरोध पत्र भेजने का निर्देश दिया।

वहीं कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल छपरा को नगर निगम क्षेत्र में उनके द्वारा निर्मित सभी कलवर्ट की मरम्मति हेतु अविलंब प्राक्कलन (एस्टिमेट) तैयार करने का आदेश दिया गया, ताकि बरसात से पहले आवश्यक सुधार कार्य पूरे किए जा सकें।

ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अपशिष्ट जल प्रबंधन को लेकर निदेशक, डीआरडीए एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी सदर को SLWM योजना के तहत दूधिया पोखरा में Waste Water Stabilisation Pond स्थापित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही दूधिया पोखरा से तेल नदी तक नाला निर्माण के लिए मनरेगा, पंचायत समिति एवं जिला परिषद से छोटी-छोटी योजनाएं लेकर आबादी वाले क्षेत्रों में कवर नाला और शेष हिस्सों में खुला नाला निर्माण कराने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने को कहा गया।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जलनिकासी व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय-सीमा में सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला प्रशासन का यह कदम छपरा शहर को जलजमाव की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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