नई दिल्ली/टोक्यो: जापान की दिग्गज क्रेडिट रेटिंग एजेंसी JCR (Japan Credit Rating Agency) ने अदाणी ग्रुप की तीन प्रमुख कंपनियों—अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ), अदाणी ग्रीन एनर्जी (AGEL) और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस (AESL)—को जो रेटिंग दी है, वह न सिर्फ समूह के लिए बल्कि भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए भी एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है। वैश्विक निवेशकों के बीच भारत की परियोजनाओं की विश्वसनीयता और फाइनेंशियल स्ट्रेंथ को यह कदम नई पहचान देता है।
अदाणी पोर्ट्स का कमाल: सॉवरेन रेटिंग से भी ऊपर
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी उपलब्धि Adani Ports & SEZ Ltd (APSEZ) के नाम रही। JCR ने कंपनी को ‘A-’ (स्टेबल आउटलुक) की रेटिंग दी है। आमतौर पर किसी भी देश की कंपनियों की रेटिंग, उस देश की सॉवरेन रेटिंग से ऊपर नहीं जाती—लेकिन अदाणी पोर्ट्स ने इस परंपरा को तोड़ते हुए भारत की सॉवरेन रेटिंग से एक पायदान ऊपर की रेटिंग हासिल की है।
रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, इसके पीछे कंपनी का मजबूत और स्थिर कैश-फ्लो, विशाल एसेट बेस और ग्लोबल पोर्टफोलियो प्रमुख वजहें हैं। अदाणी पोर्ट्स के पास कुल 19 पोर्ट्स का नेटवर्क है—15 भारत में और 4 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर। कंपनी भारत के लगभग 30% कार्गो और 50% कंटेनर वॉल्यूम को संभालती है, जो इसकी ऑपरेशनल मजबूती और बाजार में पकड़ को दर्शाता है।
ग्रीन एनर्जी और पावर ट्रांसमिशन में भी भरोसा
अदाणी ग्रुप की अन्य दो कंपनियों—अदाणी ग्रीन एनर्जी (AGEL) और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस (AESL)—को भी JCR ने ‘BBB+’ (स्टेबल) रेटिंग दी है, जो भारत की सॉवरेन रेटिंग के बराबर मानी जाती है।
रेटिंग एजेंसी ने दोनों कंपनियों के मजबूत EBITDA, दीर्घकालिक पावर परचेज एग्रीमेंट्स, और तेज़ी से हो रहे विस्तार को रेटिंग का आधार बताया है। रिन्यूएबल एनर्जी और पावर ट्रांसमिशन जैसे भविष्य के सेक्टर्स में इन कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी, भारत के ऊर्जा परिवर्तन लक्ष्यों को भी मजबूती देती है।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
JCR की यह रेटिंग्स अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत हैं। इससे न केवल अदाणी ग्रुप की फंड जुटाने की क्षमता मजबूत होगी, बल्कि भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में वैश्विक पूंजी का भरोसा भी बढ़ेगा।
कुल मिलाकर, जापान की प्रतिष्ठित एजेंसी की यह मुहर बताती है कि भारतीय कंपनियां अब ग्लोबल बेंचमार्क पर खड़ी होकर प्रतिस्पर्धा कर रही हैं—और अदाणी ग्रुप इस बदलाव की अग्रिम पंक्ति में है।