नई दिल्ली। कांग्रेस के भीतर अंदरूनी मतभेदों की चर्चाओं के बीच वरिष्ठ नेता शशि थरूर की राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से संसद परिसर में बंद कमरे में मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। करीब आधे घंटे तक चली इस पॉवर मीटिंग को बजट सत्र और केरल विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में एकजुटता के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मौजूदा संसदीय रणनीति, विपक्ष की भूमिका को धार देने और संगठनात्मक समन्वय पर चर्चा हुई। खासतौर पर ऐसे समय में जब कांग्रेस के भीतर विचारों और नेतृत्व शैली को लेकर अलग-अलग स्वर सुनाई दे रहे हैं, यह मुलाकात पार्टी नेतृत्व की एकजुट छवि पेश करने की कोशिश मानी जा रही है।

बजट सत्र और चुनावी तैयारी पर फोकस

बैठक का समय भी अहम माना जा रहा है। संसद का बजट सत्र अपने निर्णायक मोड़ पर है और केरल चुनाव कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बने हुए हैं। ऐसे में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर का एक साथ बैठना यह संकेत देता है कि पार्टी रणनीतिक स्तर पर मतभेदों को पीछे छोड़कर साझा एजेंडे पर आगे बढ़ना चाहती है।

संदेश साफ—एकजुट कांग्रेस

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक सिर्फ औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर और बाहर यह संदेश देने की कोशिश है कि कांग्रेस नेतृत्व एकजुट है और आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार है। शशि थरूर जैसे अनुभवी नेता की सक्रिय भूमिका को संगठनात्मक संतुलन और चुनावी रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

हालांकि बैठक की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई, लेकिन इसके संकेत स्पष्ट हैं—कांग्रेस नेतृत्व मतभेदों पर विराम लगाकर संसद और चुनावी मैदान, दोनों में मजबूती से उतरने की तैयारी कर रहा है। आने वाले दिनों में यह एकजुटता कितनी असरदार साबित होती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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