नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में 18,645 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है, जबकि कुल आय 2.65 लाख करोड़ रुपये रही। नतीजों से यह साफ है कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात के बावजूद रिलायंस के प्रमुख बिज़नेस सेगमेंट्स ने स्थिर और मजबूत प्रदर्शन किया है।
कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 6.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 50,932 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस बढ़ोतरी में डिजिटल सर्विसेज़ और ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट की अहम भूमिका रही। इन दोनों क्षेत्रों में बेहतर कमाई ने अपस्ट्रीम ऑयल और गैस बिज़नेस की कमजोरी के असर को काफी हद तक संतुलित कर दिया।
डिजिटल बिज़नेस की बात करें तो रिलायंस जियो और इससे जुड़ी सेवाओं में लगातार बढ़ती ग्राहक संख्या और डेटा खपत ने आय को मजबूती दी। वहीं, O2C सेगमेंट में परिचालन दक्षता और बेहतर मार्जिन ने EBITDA को सपोर्ट किया।
हालांकि, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कंपनी के अपस्ट्रीम बिज़नेस पर देखने को मिला, लेकिन विविध बिज़नेस मॉडल के चलते इसका कुल नतीजों पर सीमित प्रभाव पड़ा।
कुल मिलाकर, रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q3 नतीजे यह दर्शाते हैं कि कंपनी का फोकस डिजिटल, रिटेल और O2C जैसे मजबूत स्तंभों पर बना हुआ है, जो कठिन बाजार परिस्थितियों में भी उसे स्थिर ग्रोथ की राह पर बनाए हुए हैं।