न्यूज डेस्क: देशभर में आज मकर संक्रांति का पावन पर्व पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही इस महापर्व की शुरुआत हुई, जिसे लेकर उत्तर भारत सहित कई राज्यों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और स्नान का आयोजन किया गया।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर महायोगी गुरु गोरखनाथ को परंपरागत रूप से खिचड़ी अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने लोकमंगल और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सामाजिक समरसता, सेवा और सनातन परंपराओं का प्रतीक है।
वहीं प्रयागराज के पावन संगम तट पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। घना कोहरा और कड़ाके की ठंड के बावजूद लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
काशी नगरी वाराणसी के गंगा घाटों पर भी मकर संक्रांति का विशेष उल्लास देखने को मिला। दशाश्वमेध, अस्सी और अन्य प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान कर दान-पुण्य किया। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना हुई और हर-हर महादेव के जयकारों से घाट गूंज उठे।
उल्लेखनीय है कि मकर संक्रांति को दान, स्नान और सूर्य उपासना का महापर्व माना जाता है। इस दिन खिचड़ी, तिल, गुड़ और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में यह पर्व विभिन्न नामों और परंपराओं के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन आस्था और संस्कृति का भाव हर जगह समान रूप से दिखाई दे रहा है।