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नई दिल्ली/श्रीनगर: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के हालिया बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि “सदियों पुरानी घटनाओं का बदला लेने” जैसे बयान न सिर्फ खतरनाक हैं, बल्कि देश के युवाओं को गुमराह कर उन्हें अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ उकसाने का काम भी करते हैं।

महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा एक खास सांप्रदायिक विचारधारा को बढ़ावा देती है, जिससे समाज में नफरत और ध्रुवीकरण गहराता है। उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए भविष्य की सोच जरूरी है, न कि अतीत के विवादों को फिर से हवा देना।

युवाओं को गलत दिशा में धकेला जा रहा’

पीडीपी प्रमुख ने कहा कि आज का युवा रोजगार, शिक्षा और विकास की उम्मीद करता है, लेकिन ऐसे बयान उन्हें नफरत और बदले की राजनीति की ओर धकेल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नेतृत्व स्तर पर जिम्मेदार भाषा का इस्तेमाल नहीं किया गया, तो इसके गंभीर सामाजिक परिणाम हो सकते हैं।

संविधान और भाईचारे की भावना पर हमला’

महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता और संविधान में निहित धर्मनिरपेक्ष मूल्यों में है। सदियों पुराने घटनाक्रमों का हवाला देकर बदले की भावना पैदा करना संविधान की आत्मा और देश की एकता—दोनों के खिलाफ है।

केंद्र सरकार से अपील

उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह विभाजनकारी बयानबाजी से दूरी बनाए और देश में सौहार्द, संवाद और विश्वास बहाली पर ध्यान दे। मुफ्ती ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मतलब सिर्फ बाहरी खतरों से निपटना नहीं, बल्कि देश के भीतर शांति और सामाजिक समरसता को मजबूत करना भी है।

इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की है, वहीं सत्तापक्ष की ओर से अब तक इस पर औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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