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नई दिल्ली, 30 सितंबर : वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च की 17 छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोपित चैतन्यानंद सरस्वती जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। पूछताछ में गोलमोल जवाब दे रहा है। उसे देखकर ऐसा नहीं लग रहा कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा हो।

आरोपित बाबा चैतन्यानंद सरस्वती की दो महिला सहयोगियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस इन दोनों का आमना-सामना बाबा से करवाएगी। पुलिस के मुताबिक, बाबा के फोन से कई लड़कियों के व्हाट्सएप चैट्स मिले हैं। बाबा इन चैट्स में लड़कियों को झांसा देकर बरगलाने की कोशिश कर रहा था।

जांच में सामने आया कि बाबा के पास दो पासपोर्ट हैं। पहला पासपोर्ट उसने स्वामी पार्थ सारथी के नाम से बनवाया, जबकि दूसरा स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के नाम से जारी कराया। 62 वर्षीय चैतन्यानंद सरस्वती अगस्त से फरार था, जिसे 24 सितंबर को आगरा से गिरफ्तार किया गया।

उल्लेखनीय है कि बाबा पर 17 छात्राओं ने अश्लील हरकत और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। आरोपित चैतन्यानंद ने छात्राओं के विरोध को खूब दबाने की कोशिश भी की थी। पीड़िताओं के मुताबिक, जिस किसी ने भी विरोध की हिम्मत दिखाई, उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया। उनकी उपस्थिति काट दी जाती, अंक घटा दिए जाते और यहां तक कि डिग्री भी रोक ली जाती। श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च, शृंगेरी पीठ के अधीन संचालित होता है। इसी पीठ ने आरोपित चैतन्यानंद के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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