Highlights

-लगातार 11वें महीने हासिल किया पहला स्थान

-अस्पतालों में 611 प्रकार की दवाएं दी जाती हैं

नई दिल्ली, 15 सितंबर: बिहार में विधानसभा चुनाव के घमासान के बीच नितीश सरकार ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। वो भी स्वास्थ्य के क्षेत्र में। इससे सरकार गदगद नजर आ रही है। दरअसल, बिहार की स्वास्थ्य सेवाएं 2005 के पहले बदहाल थी। अस्पताल परिसर में जानवरों के बंधे होने या अस्पताल की बेड पर कुत्तों के सोने की तस्वीरें वायरल होती थी, परंतु अबयहां की तस्वीर बदल गई है। सूबे की स्वास्थ्य सेवाओं ने पिछले दो दशकों में नई इबारत गढ़ी है। साल 2005 के बाद से राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में बड़े स्तर पर सुधार हुए हैं। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवा मुहैया कराने में बिहार लगातार 11 महीने से अव्वल है।

राज्य को यह खिताब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के डीवीडीएमएस केंद्रीय डैशबोर्ड की ओर से मासिक राज्य रैंकिंग में मिला है। पिछले साल अक्टूबर में मरीजों को दवा उपलब्ध कराने के मामले में पहले स्थान पर चल रहे राजस्थान को पछाड़ते हुए 79.34 अंकों के स्कोर के साथ बिहार ने पहला स्थान प्राप्त किया था। तब से बिहार लगातार पहले पायदान पर बना हुआ है। इस महीने भी 77.89 अंक के साथ राजस्थान दूसरे स्थान पर तो 73.28 अंक के साथ पंजाब तीसरे स्थान पर है। जबकि बिहार 82.13 अंक के साथ फिर पहले स्थान है। राज्य के मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में कुल 611 प्रकार की दवाएं मरीजों को दी जाती हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं को बना रहे बेहतर

बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर से बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि लोगों के लिए सरकारी अस्पतालों में अब आसानी से दवाएं उपलब्ध हैं। गंभीर बीमारियों के साथ-साथ सामान्य बीमारियों की दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

हर महीने दी जाती है रैंकिंग

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय डीवीडीएमएस केंद्रीय डैशबोर्ड की ओर से राज्यों के लिए हर महीने एवरेज स्कोर आधारित रैंकिंग दी जाती है। यह रैंकिंग अस्पतालों में इलाज के लिए आए रोगियों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के आधार पर जारी होती है।

रेड रिबन प्रतियोगिता शामिल होंग नौ राज्य

राज्य के युवाओं को एड्स और एचआइवी जैसे संक्रमण से जागरूक करने के लिए 22 सितंबर को पटना में रेड रिबन प्रतियोगिता आयोजित होगी। यह आयोजन एड्स नियंत्रण संगठन भारत सरकार के निर्देश पर आयोजित हो रहा है। इस प्रतियोगिता में नौ राज्यों के छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। इन राज्यों में बिहार के अलावा झारखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, दादर-नगर हवेली एवं दमन-दीव शामिल हैं।

चयनित छात्र साझा करेंगे जानकारी

इन राज्यों से चयनित छात्र टीमें क्विज प्रतियोगिता में एड्स एवं यौन संक्रमित रोगों पर अपनी जानकारी को साझा करेंगे। प्रतियोगिता के विजेता राष्ट्रीय स्तर की रेड रिबन क्विज प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे, जो 31 अक्टूबर को नगालैंड में आयोजित की जाएगी।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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