मुंबई, 26 अगस्त: बाॅम्बे उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर कथित रूप से आधारित एक फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज करने की मंज़ूरी दे दी है। साथ ही न्यायालय ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को निर्देश दिया है कि वह फिल्म ‘अजेय’ को बिना किसी कट या संशोधन के प्रमाणन प्रदान करे। एक अधिवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति नीला के. गोखले की खंडपीठ ने फिल्म देखने के बाद कल दिए अपने आदेश में कहा, “हमने फिल्म को उसके संदर्भ में देखा है और हमें नहीं लगता कि इसमें किसी भी चीज़ को दोबारा संपादित करने की ज़रूरत है। हमने आपके द्वारा बताए गए हर बिंदु पर गौर किया है। हमने हर चीज़ पर ध्यान दिया है। हमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगा।”

पीठ ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा पारित उन आदेशों को भी रद्द कर दिया, जिनमें फिल्म में कट और संपादन की सिफ़ारिश की गई थी। सीबीएफसी ने शुरुआत में फिल्म पर 29 आपत्तियाँ उठाई थीं। अपील पर सीबीएफसी की पुनरीक्षण समिति ने 17 अगस्त को उन आपत्तियों में से आठ को खारिज कर दिया लेकिन फिर भी फिल्म को प्रमाणन देने से इनकार कर दिया।

इसके बाद अदालत ने 22 अगस्त को फिल्म देखने का फैसला किया। फिल्म देखने के बाद, अदालत की राय थी कि फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है जिसमें बदलाव की ज़रूरत हो। ‘द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर’ किताब से प्रेरित यह फिल्म उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित बतायी जा रही है।

Rajnish Pandey
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