नई दिल्ली, 08 मार्च: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संसद भवन परिसर में संविधान सभा की महिला सदस्यों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के 75 साल के इतिहास में महिलाओं ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वह सराहनीय हैं। भारत एक ऐसा देश है जहां महिलाओं की पूजा होती है और उन्हें सम्मान दिया जाता है। यहां कन्या पूजन से लेकर विभिन्न रूपों में महिलाओं को सम्मानित किया जाता है।

ओम बिरला ने आगे कहा कि जब हम संविधान निर्माता महिलाओं को याद करते हैं, तो हमें यह भी याद रखना चाहिए कि एक समय था जब दूसरे देशों में महिलाओं को सम्मान नहीं दिया जाता था। लेकिन भारत में महिलाओं को सदैव सम्मानित किया गया है। अब वह समय आ गया है जब देश की आधी आबादी, यानी महिलाएं, देश की सुरक्षा से लेकर हर क्षेत्र में अपना अहम रोल निभा रही हैं।”

लोकसभा अध्यक्ष ने महिला शिक्षा को लेकर तय किए लक्ष्य की बात की। आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब महिलाएं पुरुषों से भी आगे निकल जाएंगी। महिला शिक्षा को 100% करना हमारा लक्ष्य है ताकि हर महिला शिक्षित हो सके। साथ ही, महिलाओं को चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी आगे आना चाहिए, ताकि समाज को और मजबूत किया जा सके।

वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश की प्रगति में महिलाओं का योगदान अहम रहा है। आज के दिन हमें उन महिलाओं को याद करना जरूरी है, जिन्होंने देश के लिए एक नया समाज बनाने में अहम भूमिका निभाई है। ये महिलाएं संविधान शिल्पी थी। इन महिलाओं की याद में आज संसद भवन में एक प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसका विमोचन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया।

Rajnish Pandey
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