नई दिल्ली, 01 मार्च: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोक लेखा सेवा अधिकारियों से सरकार के वार्षिक खातों को अधिक सुलभ और उपयोगकर्ताओं के लिए सरल बनाने को कहा। उन्होंने यहां 49वें लोक लेखा दिवस कार्यक्रम में लेखा महानियंत्रक (सीजीए) की अगुवाई में भारतीय लोक लेखा सेवा (आईसीएएस) के अधिकारियों की ”मौन तकनीकी क्रांति” के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्यों के सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) को अपनाने से उन्हें संचालन और सरकारी कामकाज को पूरा करने में बहुत आसानी हो रही है।

सीतारमण ने कहा, ”मैं यह भी चाहूंगी कि आप सीएजी की सलाह से इस बात पर विचार करें कि क्या वार्षिक खातों को अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया जा सकता है। क्या ऐसी रिपोर्ट बनाई जा सकती हैं, जो अधिक सरल हों और जिन्हें आम नागरिक आसानी से समझ सकें।” उन्होंने कहा कि चूंकि राज्यों के साथ पहले ही काफी डिजिटल एकीकरण हो चुका है, इसलिए सीजीए के पास उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर अधिक शोध किया जा सकता है। वित्त मंत्री ने कहा, ”यदि आप रिपोर्ट को उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक अनुकूल बनाते हैं, तो इससे आपके काम की रोचकता बढ़ सकती है।”

सीतारमण ने व्यय विभाग और सीजीए दोनों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा कि आगामी वित्त वर्ष में सभी योजनाओं के लिए ‘एसएनए-स्पर्श’ को सुचारू रूप से लागू किया जाए। एसएनए-स्पर्श एक एकीकृत नेटवर्क के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की निधियों से धनराशि भेजने का एक तरीका है। इसका उद्देश्य समय पर राशि भेजने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है। सीतारमण ने लोक लेखा अधिकारियों को अधिक से अधिक सार्वजनिक जागरूकता पैदा करने के लिए भी प्रेरित किया।

Rajnish Pandey
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