• कायाकल्प योजना के तहत रिविलगंज सीएचसी को मिलेगा प्रमाण-पत्र

• मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का किया असेस्मेंट

• कायाकल्प योजना के तहत रैंकिंग में प्रथम स्थान आने पर मिलेगा 15 लाख का इनाम

सारण/बिहार, 23 जनवरी : जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण के कारण मरीजों का विश्वास स्वास्थ्य विभाग में बढ़ा है। खासतौर पर कायाकल्प योजना के तहत किए गए प्रयासों ने इस विश्वास को और मजबूत किया है। कायाकल्प योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर बनाना है, ताकि मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इसी कड़ी में, सारण जिले के रिविलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को कायाकल्प के मानक के अनुरूप विकसित किया गया है। इस स्वास्थ्य केंद्र को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए सभी जरूरी उपाय किए गए हैं, जिससे मरीजों को बेहतर वातावरण में इलाज मिल सके। कायाकल्प आवार्ड योजना के तहत, स्वास्थ्य केंद्र का मूल्यांकन राज्य स्तरीय टीम द्वारा किया गया। इस मूल्यांकन टीम में राज्य स्वास्थ्य समिति के डॉ. जयती श्रीवास्तव और यूनिसेफ से डॉ. अर्पिता हलदर शामिल थी। टीम ने अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं के अलावा, अस्पताल के साफ-सफाई इंतजाम, दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकीय उपकरणों के रख-रखाव, और चिकित्सा कर्मियों के व्यवहार का भी मूल्यांकन किया। साथ ही, अस्पताल में दिए जा रहे अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे टीकाकरण, प्रसव कक्ष, एएनसी रूम, ओपीडी, और जांच घर की गहनता से जांच की गई।। इन मानकों के आधार पर अस्पतालों का मूल्यांकन किया जाता है और अच्छे प्रदर्शन पर उन्हें पुरस्कृत भी किया जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों को स्वच्छ और सुरक्षित बनाना और मरीजों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

आठ महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर किया गया है फोकस:

राज्य स्वास्थ्य समिति के डॉ जयती श्रीवास्तव ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत अस्पतालों में आठ मुख्य बिंदुओं पर फोकस किया गया है। इनमें अस्पताल का अपना भवन, वहां की स्वच्छता व साफ सफाई, मेडिकल वेस्ट के निष्पादन की व्यवस्था, इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी का क्रियाकलाप, सपोर्ट सर्विस (आउटसोर्स कर्मियों के काम काज व उपलब्धता), हाइजेनिक प्रोमोशन और बी ऑन द बांड्री यानि अस्पताल परिसर के बाहर आसपास वाले क्षेत्रों की साफ सफाई का होना शामिल है। इसके अलावे साईनेज बोर्ड, हर्बल गार्डेनिंग भी की गयी है। असेस्मेंट के आधार पर अस्पतालों की रैंकिंग की जाएगी और रैंकिंग में प्रथम स्थान पाने वाले अस्पताल को 15 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। द्वितीय स्थान के लिए 10 लाख रुपये और तृतीय स्थान के लिए 5 लाख रुपये का पुरस्कार निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, 70 प्रतिशत अंक पाने वाले अस्पतालों को सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से मरीजों का बढ़ा विश्वास:

जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी रमेश चंद्रकुमार ने कहा कि कायाकल्प योजना के तहत रिविलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने जो सुधार किए हैं, वे न केवल मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, बल्कि इससे स्वास्थ्य विभाग पर भी मरीजों का विश्वास बढ़ा है। यह योजना स्वास्थ्य संस्थानों को एक नए दृष्टिकोण से देखती है, जिसमें अस्पताल केवल इलाज का स्थान नहीं बल्कि एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण भी होता है, जो मरीजों के अच्छे स्वास्थ्य की ओर एक बड़ा कदम है। 

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार ने कहा यह योजना अस्पतालों को स्वच्छ, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित करती है, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल मिल सके। सारण जिले के रिविलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किए गए सुधारों की सराहना राज्य स्तर पर की गई है, और अस्पताल को अच्छे प्रदर्शन के लिए पुरस्कार मिलने की संभावना है। इस मौके पर जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी रमेश चंद्र कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार, बीएचएम संजीव, बीसीएम रितु कुमारी, बीएमएनई प्रियंका कुमारी, पीरामल के प्रोग्राम लीड डॉ. रविश्वर कुमार समेत अन्य मौजूद थे। 

दिघवारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध है ये सुविधाएं:

• 24 घंटे इमरजेंसी सेवा

• प्रसव की सुविधा

• मातृ-शिशु स्वास्थ्य

• टीकाकरण

• ओपीडी सेवा

• दवा का बेहतर रख-रखाव और उपलब्धता

• आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रसव कक्ष और ओटी

• शौचायल-पेयजल की सुविधा

• हर्बल गार्डेन

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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