नई दिल्ली, 18 जनवरी: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार के दौरान सियासी माहौल अचानक गरमा गया। दरअसल यह तब हुआ जब आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में प्रचार के दौरान कथित जानलेवा हमला हुआ। इस घटना के बाद सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आप ने इस हमले के पीछे बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा के बेहद करीबी व्यक्ति का हाथ होने का दावा किया है।
घटना के बाद आप का आक्रामक रुख
आम आदमी पार्टी ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर आक्रामक रुख अपनाया और ट्वीट करते हुए कहा कि बीजेपी वालों, तुम चाहे कितने भी जानलेवा हमले करवाओ, लेकिन दिल्ली का बेटा अरविंद केजरीवाल तुम्हारे इन गुंडों से डरने वाला नहीं है। इस कायराना हमले का जवाब अरविंद केजरीवाल नहीं, बल्कि दिल्ली की जनता देगी। इधर, आप प्रवक्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह हमला अरविंद केजरीवाल की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई बीजेपी की साजिश है। बीजेपी जानती है कि वह दिल्ली में आम आदमी पार्टी का मुकाबला नहीं कर सकती, इसलिए ऐसे हमले करवाकर हमारी पार्टी को डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।
बीजेपी ने किया पलटवार
दूसरी ओर, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे आम आदमी पार्टी की ‘सहानुभूति बटोरने की साजिश’ करार दिया। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि आप हमेशा अपने झूठे आरोपों से सुर्खियां बटोरने की कोशिश करती है। यह घटना महज एक ड्रामा है। अगर उनके पास सबूत हैं, तो वे जांच एजेंसियों को दें।
घटना की राजनीतिक गूंज
इस हमले के बाद से राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। आम आदमी पार्टी ने इसे ‘लोकतंत्र पर हमला’ करार दिया है, जबकि बीजेपी ने इसे ‘आप की राजनीतिक नौटंकी’ बताया। दोनों दलों के बीच इस मामले को लेकर लगातार बयानबाजी जारी है।
चुनावी रणनीति पर असर?
नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र जहां से अरविंद केजरीवाल चुनाव लड़ रहे हैं, पहले से ही हाई-प्रोफाइल सीट रही है। इस घटना ने इस सीट पर चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना का असर पूरे चुनाव पर पड़ सकता है। अब देखना यह है कि जनता इस घटना को कैसे देखती है और किसके पक्ष में मतदान करती है।