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संभल, 15 दिसंबर: उत्तर प्रदेश के संभल में मुस्लिम बहुल इलाके में शनिवार को कई साल पुराना बंद मंदिर मिला। इस मंदिर में रविवार को सुबह पूजा-पाठ किया गया। हिंदू संगठन के लोग मंदिर में पूजा अर्चना के लिए पहुंचे। वहीं मुस्लिम समुदाय ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई और कहा कि यहां पहले भी पूजा होती रही है और आगे भी होगी।

शनिवार को जिला पुलिस और प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान मंदिर खोजा गया था। 14 दिसंबर को फिर से खोले गए मंदिर के बाहर पुलिस सुरक्षा तैनात की गई है। मंदिर परिसर की सफाई की गई है और बिजली की व्यवस्था की गई है।

स्थानीय मुस्लिम युवक ने कहा कि पहले से मंदिर था। पूजा अर्चना होती चली आ रही है। हमारे लिए हमारा दीन आपके लिए आपका दीन। अपनी अपनी आस्था के हिसाब से पूजा पाठ करें। हमें क्या दिक्कत है।

उनसे जब पूछा गया कि 1978 से मंदिर बंद था। इस पर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नैरेटिव सेट किया जा रहा है। 2006 तक यहां पर रस्तोगी परिवार पूजा अर्चना करता रहा है। मंदिर की चाभी रस्तोगी परिवार के पास थी। वह एक दूसरे का सामंजस्य था। यहां पर एक कुंआ जो पट गया है। कुआं खुद गया अच्छी बात है। जिस प्रकार से डीएम साहब कह रहे थे। इससे जल संरक्षण किया जाएगा। लोगों की भलाई के लिए अच्छा काम होगा। मंदिर निकला नहीं है। पहले से स्थापित था। 20-22 परिवार तक पूजा पाठ होता रहा है। कई परिवार पूजा पाठ के लिए आते रहते हैं।

ज्ञात हो यूपी के संभल के मुस्लिम बहुल मोहल्ले खग्गू सराय में कई साल से ताला बंद मंदिर मिला है। डीएम और एसपी ने शनिवार को अपनी देखरेख में मंदिर का दरवाजा खुलवाया। एएसपी श्रीश्चंद्र और सीओ अनुज चौधरी ने अपने हाथों से मंदिर की सफाई की। मंदिर में विधि विधान व मंत्र उच्चारण के साथ पूजा संपन्न होने के बाद आरती की गई।

इसके बाद मंदिर परिसर में बने कुएं की भी खोदाई कराई गई, जो मंदिर बंद होने के बाद पाट दिया गया था। इसके बाद उसकी खुदाई की गई हैं।

डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि हमें मंदिर बंद रहने की सूचना मिली थी। मंदिर काफी पुराना है। सफाई कराई गई है। कुएं की भी खोदाई कराई गई है। मंदिर कितना पुराना है इसकी भी जांच कराई जाएगी। संभल के जो तीर्थ और कूप विलुप्त हो चुके हैं उनको संवारने की पहल की गई है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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