आबुजा/नई दिल्ली, 18 नवंबर : नाइजीरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को यहां राष्ट्रीय पुरस्कार “ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ नाइजर” से सम्मानित किया, जिससे 55 साल पहले ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ को सम्मानित किया गया था।

नाइजीरिया संघीय गणराज्य के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू ने स्टेट हाउस में एक समारोह में, भारत-नाइजीरिया संबंधों को बढ़ावा देने में शानदार योगदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय पुरस्कार “ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ नाइजर” से सम्मानित किया।

सम्मान पत्र के उद्धरण में कहा गया कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत, भारत एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित किया गया है और उनके परिवर्तनकारी शासन से सभी के लिए एकता, शांति और साझा समृद्धि को बढ़ावा मिला है।

पुरस्कार स्वीकार करते समय, प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को भारत के लोगों और भारत तथा नाइजीरिया के बीच दीर्घकालिक, ऐतिहासिक मित्रता को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह मान्यता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझीदारी और ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं के प्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

श्री मोदी ने आभार प्रकट करते हुए कहा, “नाइजीरिया के राष्ट्रीय पुरस्कार, “ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ नाइजर” से सम्मानित किए जाने पर मैं आपका, नाइजीरिया की सरकार और लोगों का, हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। मैं इस सम्मान को विनम्रता और आदरभाव से स्वीकार करता हूँ। इस सम्मान को 140 करोड़ भारतवासियों और भारत-नाइजीरिया की गहरी मित्रता को समर्पित करता हूँ। ये सम्मान हमें भारत और नाइजीरिया के बीच रणनीतिक साझीदार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रेरित करता रहेगा।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और नाइजीरिया के संबंध आपसी सहयोग, सद्भाव और परस्पर सम्मान पर आधारित हैं। दो जीवंत लोकतंत्र और प्रगतिशील अर्थव्यवस्थाओं के रूप में हम मिलकर दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए काम करते रहे हैं। दोनों देशों में सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता हमारी पहचान है, हमारी ताकत है। अफ्रीका में नाइजीरिया की बहुत बड़ी और सकारात्मक भूमिका रही है। अफ्रीका के साथ करीबी सहयोग भारत की उच्च प्राथमिकता रहा है। हमारे सभी प्रयासों में हम नाइजीरिया जैसे मित्र देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़े हैं।

उन्होंने कहा कि भारत और नाइजीरिया भी मिलकर दोनों देशों के लोगों और पूरे अफ्रीका महाद्वीप की समृद्धि के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे। हम करीबी समन्वय के साथ काम करते हुए, ग्लोबल साउथ के हितों और प्राथमिकताओं को महत्व देंगे।

प्रधानमंत्री श्री मोदी 1969 के बाद इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले विदेशी नेता हैं। इससे पहले 1969 में ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ को यह पुरस्कार दिया गया था।

Rajnish Pandey
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