पटना, 12 अप्रैल: बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने केंद्र और बिहार सरकार पर बिहार के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया तो भाजपा और जदयू ने भी राजद सरकार में 118 नरसंहार के हिसाब मांग लिए।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा, “बिहार ने मोदी जी को 40 में से 39 सांसद दिए। केंद्र में 10 साल से भाजपा सरकार, 17 साल से बिहार में सरकार, केंद्र में मंत्री। दिल्ली में इनका शासन, पटना में इनका शासन प्रशासन। सीबीआई, ईडी, आईटी और मीडिया का एक वर्ग इनके साथ। फिर बिहार के युवाओं को नौकरी देने, विशेष राज्य का दर्जा देने, विशेष पैकेज देने, बिहार में इंडस्ट्री लगाने के लिए और क्या चाहिए?”

उन्होंने आगे कहा कि इतने सांसद और डबल इंजन सरकार के बावजूद भी आप बिहार को कुछ ना देकर उलटा बिहारियों को ही भला-बुरा कहने बिहार आते है तो अबकी बार बिहारी आपको कड़ा सबक सिखायेंगे। तेजस्वी के इस बयान को लेकर भाजपा और जदयू ने पलटवार करने में देरी नहीं की।

जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू-राबड़ी शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा, “बिहार में हुए 118 नरसंहार का दो जवाब, मां-बाप के राज का दो हिसाब। जवाब और हिसाब के बीच राजनीति की जो दूसरी पीढ़ी आई है, तो कौन है गुनाहगार। इसमें दलित, शोषित, सामान्य समुदाय के लोगों का कत्लेआम मच गया था। कौन है इसके लिए जिम्मेदार।”

इधर , भाजपा के प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने भी तेजस्वी और रोहिणी को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें बिहार की अगली पीढ़ी को यह भी बताना चाहिए कि उनके माता-पिता के 15 वर्ष के राजकाज में 118 नरसंहार हुए थे बिहार में। जिसका नाम लालू राज-राबड़ी राज था। वही राज था माफिया राज, गुंडाराज, नरसंहारों का राज और उसी राज के राजकुमार और राजकुमारी हैं ये दोनों।

Rajnish Pandey
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